कोडीन सिरप सिंडिकेट पर STF का शिकंजा: 38 हजार पन्नों की चौथी चार्जशीट, शुभम जायसवाल समेत 4 नए नाम
UP STF Codine Cough Syrup Case: एसटीएफ ने कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार मामले में चौथा आरोप पत्र दाखिल किया है. इसमें शुभम जायसवाल समेत चार नए आरोपितों के नाम शामिल हैं और शैली ट्रेड्स के जरिए बिलिंग का खुलासा हुआ है.
विशाल सिंह/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध और बड़े पैमाने पर चल रहे काले कारोबार के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ा शिकंजा कसा है. एसटीएफ ने इस सिंडिकेट की जांच के सिलसिले में शनिवार को अदालत में चौथा आरोपपत्र (Charge Sheet) दाखिल कर दिया. लगभग 38 हजार पन्नों की इस विस्तृत चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें फरार चल रहे मास्टरमाइंड समेत चार नए नाम जोड़े गए हैं.
दुबई भागे शुभम जायसवाल समेत चार पर शिकंजा
एसटीएफ द्वारा दाखिल इस नई चार्जशीट में शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल, विकास सिंह नर्वे और अमित को आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और गौरव घटना सामने आने के बाद से ही देश छोड़कर दुबई भागे हुए बताए जा रहे हैं. एसटीएफ इनके प्रत्यर्पण और कानूनी शिकंजे को मजबूत करने की दिशा में जुटी हुई है.
'शैली ट्रेड्स' के जरिए होती थी फर्जी बिलिंग
एसटीएफ की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि शुभम जायसवाल झारखंड में अपने पिता के नाम पर रजिस्टर्ड 'शैली ट्रेड्स' नामक फर्म का इस्तेमाल अवैध कारोबार के लिए कर रहा था. इस फर्म का मुख्य उपयोग कफ सिरप की खपपा के लिए फर्जी बिलिंग और सप्लाई चेन को छिपाने में किया गया था. जांच में यह भी पता चला कि इस फर्म के माध्यम से वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र और गाजियाबाद समेत प्रदेश के 4-5 जिलों में बड़े पैमाने पर बिलिंग की गई थी.
अब तक 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
इससे पहले एसटीएफ ने इस कफ सिंडिकेट के तीन सुपर डिस्ट्रीब्यूटरों समेत 6 आरोपियों (विभोर राणा, सचिन कुमार, अभिषेक शर्मा, विशाल सिंह, बिट्टू कुमार और शुभम शर्मा) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इस प्रकार, इस बहुचर्चित मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाकर कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है. एसटीएफ के इस एक्शन से अवैध दवा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है.
कब बेनकाब हुआ था ये सिंडिकेंट
कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध और बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का यह काला कारोबार नवंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में तब बेनकाब हुआ, जब उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर इस रैकेट का पर्दाफाश किया और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों का दौर शुरू हुआ. इस बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक की गई कार्रवाई और गिरफ्तारियों का पूरा लेखा-जोखा इस प्रकार है.
गिरफ्तारी का आंकड़ा
एसटीएफ और अन्य एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अवैध सिंडिकेट से जुड़े अलग-अलग मामलों में अब तक 70 से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा चुका है.
चार्जशीट की स्थिति
कानूनी शिकंजा कसते हुए एसटीएफ ने अब तक कुल 14 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में पुख्ता चार्जशीट दाखिल कर दी है. अभी हाल ही में दाखिल की गई चौथी चार्जशीट में मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल, विकास सिंह नर्वे और अमित समेत 4 नए नाम शामिल किए गए हैं.
दुबई से संचालित हो रहा था सिंडिकेट
इस पूरे काले कारोबार का मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) शुभम जायसवाल को बताया गया है. जैसे ही एजेंसियों की रडार पर यह अवैध नेटवर्क आया, वह देश छोड़कर दुबई फरार हो गया और वहीं से इस पूरे सिंडिकेट के तार जोड़ रहा था.