CM Yogi की 49वीं चिट्ठी: 'सत्ता का अर्थ अधिकार नहीं, दायित्व है', सीएम योगी ने पाती में किया भरत जी के त्याग का जिक्र
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम 49वीं पाती लिखकर अयोध्या दीपोत्सव में शामिल होने की अपील की है. जानिए दीपोत्सव, भरत जी के त्याग, स्थानीय कारोबार और वंचित परिवारों की दिवाली को लेकर उन्होंने क्या संदेश दिया.
सीएम योगी 49वीं पाती/लखनऊ: उत्तर प्रदेश केमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम अपनी 49वीं पाती लिखी है. इस पत्र में उन्होंने अयोध्या में होने जा रहे 10वें भव्य दीपोत्सव का जिक्र किया और सभी लोगों से परिवार और दोस्तों के साथ रामनगरी पहुंचकर इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने की अपील की है. सीएम ने कहा कि दीपोत्सव सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि सनातन चेतना के जागरण और हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है.
सीएम योगी ने कहा कि सप्तपुरियों में सबसे पवित्र अयोध्या धाम अपने दसवें दिव्य दीपोत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है.भगवान राम के 14 वर्ष बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाए जाने वाले इस पर्व पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी.
भरत के त्याग से सीखने की बात
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने रामायण के भरत-चरित्र का उदाहरण दिया है. उन्होंने बताया कि कैसे भरत जी ने 14 साल तक राजपाट का मोह छोड़कर भगवान राम की खड़ाऊं को सिंहासन पर रखकर राज चलाया. इस प्रसंग से सीएम ने संदेश दिया कि सत्ता का मतलब अधिकार पाना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाना है. उन्होंने कहा कि दीपोत्सव हमें त्याग, मर्यादा और समर्पण जैसे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है.
दीपोत्सव से बढ़ रहा रोजगार और लोकल बिजनेस
मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था और जनभागीदारी को विकास की शक्ति बनाकर उत्तर प्रदेश ने उत्सव प्रदेश के रूप में नई पहचान स्थापित की है. दीपोत्सव आस्था के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है. इस आयोजन से कुम्हार, फूल विक्रेता, होटल व्यवसायी और स्थानीय दुकानदारों को बड़ा लाभ मिल रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि इस बार दीपावली पर कुम्हारों के बनाए मिट्टी के दीये और स्थानीय उत्पाद ही खरीदें.इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सक्षम लोग अपने आसपास के गरीब और वंचित परिवारों को दीये, मिठाई और नए कपड़े जरूर दें. यही दीपोत्सव की सच्ची सार्थकता है.
'जहां प्रकाश है, वहां सुरक्षा है... प्रकाश से समृद्धि का मंत्र'
सीएम योगी ने अपनी पाती में लिखा- जहां प्रकाश है, वहां सुरक्षा है. जहां सुरक्षा है, वहां निवेश आता है. जहां निवेश है, वहां विकास होता है और जहां विकास है, वहां रोजगार और समृद्धि आती है. उन्होंने कहा कि आस्था और जनता की भागीदारी से उत्तर प्रदेश ने आज 'उत्सव प्रदेश' के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है. सीएम ने युवाओं से कहा कि वे दीये की तरह सकारात्मक ऊर्जा फैलाएं और नकारात्मक सोच से दूर रहें.
सरयू तट पर ऐसा नजारा जैसे आकाश से उतरे तारे
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरयू किनारे और राम की पैड़ी पर जब लाखों दीये एक साथ जलते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे पूरी आकाशगंगा अयोध्या में उतर आई हो. उन्होंने सभी से इस दिव्य दृश्य को देखने और दीपोत्सव के संदेश को जीवन में उतारने की अपील की.