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सीएम योगी 49वीं पाती/लखनऊ: उत्तर प्रदेश केमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम अपनी 49वीं पाती लिखी है. इस पत्र में उन्होंने अयोध्या में होने जा रहे 10वें भव्य दीपोत्सव का जिक्र किया और सभी लोगों से परिवार और दोस्तों के साथ रामनगरी पहुंचकर इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने की अपील की है. सीएम ने कहा कि दीपोत्सव सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि सनातन चेतना के जागरण और हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है.
सीएम योगी ने कहा कि सप्तपुरियों में सबसे पवित्र अयोध्या धाम अपने दसवें दिव्य दीपोत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है.भगवान राम के 14 वर्ष बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाए जाने वाले इस पर्व पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी.
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्रीअयोध्या धाम अपने दसवें भव्य एवं दिव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए पुलकित है। दीपोत्सव अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और आस्था से विकास की यात्रा का प्रतीक है। यह मात्र दीप प्रज्वलन नहीं, अपितु भारत की सनातन चेतना के पुनर्जागरण तथा सांस्कृतिक गौरव का महापर्व है। माँ सरयू के तट पर सजी दीपमाला, राम की पैड़ी पर लाखों दीपों की जगमग मानो अयोध्या में आकाश गंगा उतर आई हो। ड्रोन के माध्यम से आकाशीय प्रस्तुतियां और कलाकारों की सहभागिता इस महोत्सव को अलौकिक भव्यता प्रदान करती हैं। मैं आप सभी से विशेष रूप से कहना चाहूंगा कि यदि आपके आस-पड़ोस में कोई वंचित परिवार है, तो अपने सामर्थ्य के अनुसार उसकी दीपावली भी आलोकित करें। दीये, मिठाइयां और नए वस्त्र भेंट कर उसके जीवन में प्रसन्नता का संचार करें। यही दीपोत्सव की सच्ची भावना है। स्थानीय कारीगरों के दीप एवं उत्पाद खरीदकर उनके परिश्रम को प्रोत्साहन दें। मेरी हार्दिक इच्छा है कि आप अपने परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पधारें तथा प्रभु श्रीराम की पावन नगरी में भव्य दीपोत्सव की दिव्य छटा के साक्षी बनें। सियावर रामचंद्र की जय।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 2, 2026
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने रामायण के भरत-चरित्र का उदाहरण दिया है. उन्होंने बताया कि कैसे भरत जी ने 14 साल तक राजपाट का मोह छोड़कर भगवान राम की खड़ाऊं को सिंहासन पर रखकर राज चलाया. इस प्रसंग से सीएम ने संदेश दिया कि सत्ता का मतलब अधिकार पाना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाना है. उन्होंने कहा कि दीपोत्सव हमें त्याग, मर्यादा और समर्पण जैसे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था और जनभागीदारी को विकास की शक्ति बनाकर उत्तर प्रदेश ने उत्सव प्रदेश के रूप में नई पहचान स्थापित की है. दीपोत्सव आस्था के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है. इस आयोजन से कुम्हार, फूल विक्रेता, होटल व्यवसायी और स्थानीय दुकानदारों को बड़ा लाभ मिल रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि इस बार दीपावली पर कुम्हारों के बनाए मिट्टी के दीये और स्थानीय उत्पाद ही खरीदें.इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सक्षम लोग अपने आसपास के गरीब और वंचित परिवारों को दीये, मिठाई और नए कपड़े जरूर दें. यही दीपोत्सव की सच्ची सार्थकता है.
सीएम योगी ने अपनी पाती में लिखा- जहां प्रकाश है, वहां सुरक्षा है. जहां सुरक्षा है, वहां निवेश आता है. जहां निवेश है, वहां विकास होता है और जहां विकास है, वहां रोजगार और समृद्धि आती है. उन्होंने कहा कि आस्था और जनता की भागीदारी से उत्तर प्रदेश ने आज 'उत्सव प्रदेश' के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है. सीएम ने युवाओं से कहा कि वे दीये की तरह सकारात्मक ऊर्जा फैलाएं और नकारात्मक सोच से दूर रहें.
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरयू किनारे और राम की पैड़ी पर जब लाखों दीये एक साथ जलते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे पूरी आकाशगंगा अयोध्या में उतर आई हो. उन्होंने सभी से इस दिव्य दृश्य को देखने और दीपोत्सव के संदेश को जीवन में उतारने की अपील की.