हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद बोले CM योगी, 'त्रेतायुग की याद दिला रही नई अयोध्या, हर नागरिक को मिल रहा योजनाओं का लाभ'
दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने अयोध्या के 10वें दीपोत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि नई अयोध्या त्रेतायुग की याद दिलाती है और यह भगवान श्रीराम की कृपा का परिणाम है.
अयोध्या: दीपावली के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या स्थित प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किए और संकटमोचन हनुमान जी का आशीर्वाद लिया. दर्शन के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली की बधाई दी और अयोध्या के बदले स्वरूप पर विचार साझा किए.
सीएम योगी ने दी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं
"आज दीपावली है। इस अवसर पर, मैं राज्य के सभी लोगों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। हज़ारों वर्षों पुरानी यह विरासत, सनातन परंपरा के हर अनुयायी के मन में गर्व की भावना भर देती है। यह प्रेरणा का एक निरंतर स्रोत है, जो हमें सुख, समृद्धि और सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
अतीत और वर्तमान का अंतर
सीएम योगी ने कहा, "एक समय था जब अयोध्या में 'जय श्री राम' बोलने पर रोक थी, रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां चलाई जाती थीं तथा परिक्रमा पर पाबंदी थी. लेकिन आज परिक्रमा को प्रोत्साहित किया जाता है और हर रामभक्त का अयोध्या में भव्य स्वागत होता है।" अब, मैं कह सकता हूं कि यहां भगवान श्री राम के भक्तों का स्वागत किया जाता है. लाखों भक्तों ने दीपोत्सव में हिस्सा लिया. वे खुशी और उत्साह से भरे हुए थे. कोई पाबंदी नहीं थी. किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया. यही तो किसी उत्सव की असली खुशी है.अब परिक्रमा को कोई रोकता नहीं है; बल्कि, इसे बढ़ावा दिया जाता है और प्रोत्साहित किया जाता है.आज, हर व्यक्ति सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहा है.आस्था और अर्थव्यवस्था का यह अद्भुत संगम प्रेरणा का एक नया स्रोत बन गया है..."
त्रेतायुग की अनुभूति
10वें भव्य दीपोत्सव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड संख्या में जलाए गए दीयों ने नई अयोध्या को सचमुच त्रेतायुग जैसा रूप दे दिया है.अब यहां गुलामी की मानसिकता या दासता के प्रतीकों का कोई नामो-निशान नहीं बचा है.
यह हमारा सौभाग्य है कि कल ही हमें श्री अयोध्या धाम में भव्य दीपोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला. दीपोत्सव के इस 10वें संस्करण में रिकॉर्ड संख्या में मिट्टी के दीये जलाए गए. यह नई अयोध्या सचमुच त्रेता युग की याद दिलाती है. हर भक्त भावनाओं से ओत-प्रोत है. आज अयोध्या आने पर मन में गहरे गर्व की अनुभूति होती है. यहाँ अब गुलामी की मानसिकता या दासता के प्रतीकों का कोई नामो-निशान नहीं है. इसके बजाय, हम जो कुछ भी देख रहे हैं, वह भगवान श्री राम की असीम कृपा और उनके भक्तों की निष्ठा का परिणाम है..."
अद्भुत संगम
उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है. आस्था और अर्थव्यवस्था का यह अद्भुत संगम समाज के लिए प्रेरणा का नया स्रोत बन गया है.
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