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विशाल सिंह/Yogi ki Pati: शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व और आदिशक्ति की आराधना के इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक विस्तृत संदेश (पाती) जारी किया है. अपने संदेश में सीएम योगी ने महिषासुरमर्दिनी की विजय, भगवान राम द्वारा शक्ति की साधना और नारी सुरक्षा-सम्मान से जुड़े कई अहम बिंदुओं को शेयर किया है.
धर्म, न्याय और सकारात्मकता का प्रतीक है नवरात्रि
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना की थी. देवताओं की सामूहिक ऊर्जा से आदिशक्ति का प्राकट्य हुआ था. लंका विजय से पहले प्रभु श्रीराम ने भी मां जगतजननी की साधना की थी और 108 नीलकमलों में एक कम पड़ने पर अपना नयन अर्पित करने का निश्चय कर विजय का वरदान प्राप्त किया था. सीएम ने कहा कि ममता और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति मां जगतजननी आवश्यकता पड़ने पर चंडी का रूप भी लेती हैं. नवरात्र हमें अहंकार, दुराग्रह और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय पाने तथा सज्जनता के साथ शक्ति का सामर्थ्य रखने की प्रेरणा देता है.
आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ रही नई पीढ़ी
मुख्यमंत्री ने उल्लेख करते हुए कहा कि आज प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों-मां विंध्यवासिनी, मां पाटेश्वरी और मां शाकुम्भरी में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है. इन शक्तिपीठों में युवाओं की बढ़ती सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि आज की नई पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से मजबूती से जुड़ रही है. उत्तर प्रदेश आज देश में आस्था, संस्कृति और परंपरा के पुनर्जागरण का सशक्त केंद्र बन रहा है.
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, महिषासुरमर्दिनी की विजय और शक्ति की आराधना के पावन पर्व शारदीय नवरात्र पर आप सभी को हृदय से मंगलकामनाएं। अहंकार, दुराग्रह, आसक्ति और बढ़ती नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विनम्रता, साहस, शक्ति, संकल्प, न्याय और धर्म की विजय का भाव ही मां के नौ स्वरूपों में निहित है। आज भी जब समाज ऐसी प्रवृत्तियों से संघर्ष करता है, तब नवरात्र हमें स्मरण कराता है कि सज्जनता तभी प्रभावी होती है, जब उसमें शक्ति और संकल्प का सामर्थ्य हो। उत्तर प्रदेश आज आस्था, संस्कृति और परंपरा के पुनर्जागरण का सशक्त केंद्र बन रहा है। इसी चेतना को सार्थक बनाने के लिए बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर दिए जा रहे हैं। आइए, नवरात्र के इस पावन अवसर पर उपासना एवं उपवास के साथ एक संकल्प यह भी लें कि किसी बहन की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज बनेंगे, किसी बालिका की शिक्षा में सहयोग करेंगे और किसी महिला के आत्मनिर्भर बनने की राह में उसका संबल बनेंगे।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 12, 2026
नारी सुरक्षा और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता
मातृशक्ति के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसी उद्देश्य से वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्र के अवसर पर 'मिशन शक्ति' अभियान की शुरुआत की गई थी.
सरकार के ठोस प्रयासों के परिणामस्वरुप आज उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 44 हजार से अधिक महिलाएं सेवारत हैं. पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है. इसके अलावा, राज्य में स्वतंत्रता सेनानी वीरांगनाओं-ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला PAC बटालियनों का गठन किया गया है.
एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं
ग्रामीण स्तर पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन मिल रहा है, वहीं 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर 1 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वावलंबन की नई इबारत लिख रही हैं.
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए सीएम योगी की अपील
अपने संदेश के अंत में सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे किसी बहन की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज बनें, किसी बालिका की शिक्षा में सहयोग करें और महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की राह में उनका संबल बनें. उन्होंने कहा कि "आदिशक्ति की आराधना तभी पूर्ण होगी, जब प्रदेश की मातृशक्ति सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनेगी. मातृशक्ति के इन्हीं तीन आधारों से ही 'विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प की सिद्धि होगी।"