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विशाल सिंह रघुवंशी/लखनऊ: बीजेपी उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव गुजरात मॉडल के तौर पर लड़ने जा रही है. पार्टी ने इसका संकेत यूपी का प्रभारी विनोद तावड़े के साथ गुजरात से आने वाले जगदीश पटेल को सह-प्रभारी के तौर पर नियुक्ति से दे दिया है. असल में, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी अब संगठन के साथ-साथ अपने सामाजिक समीकरण को भी मजबूत करने में जुटी है. ऐसे में विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी और जगदीश पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दिए जाने को पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है.
बिहार विजय के बाद यूपी की बारी
उत्तर प्रदेश सियासी लिहाज से अहम राज्य माना जाता है. इसीलिए पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों और सांगठनिक मजबूती को देखते हुए राज्य में अपनी रणनीति को नए सिरे से धार देना शुरू कर दिया है. इस पूरी कवायद का मुख्य केंद्र बिंदु संगठन में बड़े पैमाने पर फेरबदल करना और 'मोदी-शाह फॉर्मूला' को प्रभावी ढंग से लागू करना है. बताया जा रहा है कि बिहार जैसे राज्य में पार्टी को विजय दिलाने वाले विनोद तावड़े यूपी में घूमकर कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करेंगे.
जगदीश पटेल की भूमिका?
वहीं, चुनाव में जीत हासिल करने के लिए गुजरात मॉडल को लागू करने की जिम्मेदारी जगदीश पटेल पर होगी. इस रणनीति में गुजरात का लिंक बेहद महत्वपूर्ण है. मोदी-शाह फॉर्मूला मूल रूप से वही संगठनात्मक मॉडल है, जिसे नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने गुजरात में बीजेपी की लगातार जीत के लिए तैयार किया था.
गुजरात बेस्ड चुनावी मॉडल को यूपी में उतारने की तैयारी
जगदीश पटेल जैसे अनुभवी सांगठनिक चेहरों को जिम्मेदारी देना बताता है कि बीजेपी गुजरात के कैडर बेस्ड चुनावी मॉडल को उत्तर प्रदेश में उतारने जा रही है. इसके तहत बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करना, 'पन्ना प्रमुख' व्यवस्था को सक्रिय रखना, नए चेहरों को आगे बढ़ाना और सत्ता विरोधी माहौल को समय रहते निष्प्रभावी करना शामिल है.
बीजेपी कोर टीम का हिस्सा
ऐसा नहीं है कि जगदीश पटेल उत्तर प्रदेश के लिए पैराशूट नेता हैं. उत्तर प्रदेश की धरती पर गुजरात मॉडल की तरह का करने का उनका अनुभव रहा है. गुजरात के अमराईवाड़ी के पूर्व विधायक और सूरत के पूर्व मेयर जगदीश पटेल, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैंपेन को संभालने वाली बीजेपी की कोर टीम का हिस्सा थे.
यूपी में गुजरात का कितना महत्व?
चुनाव के दौरान गुजरात के नेताओं और कार्यकर्ताओं को यूपी भेजने का बीजेपी का पुराना इतिहास रहा है. 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में गुजरात बीजेपी कार्यकर्ताओं की 165 सदस्यों वाली टीम को राज्य में तैनात किया गया था. इन कार्यकर्ताओं को विधानसभा क्षेत्रों से लेकर संगठनात्मक इकाइयों और बूथों तक की जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं. बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए यह एक सामान्य काम है, क्योंकि अक्सर एक राज्य के कार्यकर्ताओं को उन राज्यों में भेजा जाता है, जहां चुनाव होने वाले होते हैं, लेकिन इस तरीके का फायदा सिर्फ ज्यादा लोग जोड़ने से कहीं ज़्यादा है.
बूथ मैनेजमेंट और मजबूत होता है
इस तरह की नियुक्ति से स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, संगठन की बैठकें सुनिश्चित करने, बूथ मैनेजमेंट को मजबूत करने और स्थानीय संगठन की समस्याओं की पहचान करने में मदद मिलती है. साथ ही, गुजरात से भेजे गए कार्यकर्ताओं को दूसरे राज्य के राजनीतिक हालात को समझने का मौका भी मिलता है. इससे बीजेपी के भीतर एक तरह का 'लर्निंग नेटवर्क' बन जाता है.
2024 लोकसभा चुनाव में भी नजर आए थे
एक राजनीतिक माहौल में ट्रेनिंग पाए चुनावी कार्यकर्ताओं को दूसरे माहौल में भेजा जाता है, और वे अपने साथ संगठन के काम करने के तरीके और अनुभव भी ले जाते हैं. इस सिस्टम का सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाले राज्यों में से एक यूपी रहा है. असल में लोकसभा चुनाव 2024 की औपचारिक घोषणा से करीब छह महीने पहले से ही जगदीश पटेल वाराणसी में डेरा डाले हुए थे. जगदीश पटेल को ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखा जा रहा है, जो वाराणसी में मोदी के करीबी के तौर पर दिवंगत सुनील ओझा की जगह लेंगे.
गुजरात-स्टाइल चुनाव मैनेजमेंट से वाकिफ
इसकी वजह से यूपी में उनकी नई जिम्मेदारी अहम है. जगदीश पटेल सिर्फ गुजरात बीजेपी के ऐसे पदाधिकारी नहीं हैं जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की जिम्मेदारी दी जा रही है. उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के चुनाव क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करने और बीजेपी के यूपी कैंपेन सिस्टम के साथ काम करने का पहले से अनुभव है. इसलिए, इस नियुक्ति से पार्टी के सबसे अहम राज्य के संगठन में ऐसे व्यक्ति को शामिल किया जा सकता है, जो पार्टी के गुजरात-स्टाइल चुनाव मैनेजमेंट से अच्छी तरह वाकिफ है.
कौन हैं जगदीश पटेल?
जगदीश पटेल का पूरा नाम जगदीश ईश्वरभाई पटेल है. उनका जन्म अहमदाबाद में ईश्वरभाई विश्वकर्मा के घर हुआ है. जगदीश पटेल गुजरात विश्वविद्यालय से ग्रेजेएशन की पढ़ाई की है. गुजराज में ओबीसी समुदाय के वह बड़ा चेहरा माने जाते हैं. 1998 में वह बूथ प्रभारी से राजनीति सफर की शुरुआत की. 2015 से 2021 तक वह अहमदाबाद शहर अध्यक्ष रहे. जगदीश पटेल के नेतृत्व में बीजेपी ने 2021 अहमदाबाद निगम चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी. वर्तमान में वह गुजरात सरकार में मंत्री हैं.