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राजवीर चौधरी/बिजनौर: बिजनौर पुलिस ने कथित हनी ट्रैप गैंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, गैंग पर अमीर युवकों को महिलाओं के जरिए जाल में फंसाकर दुष्कर्म, गैंगरेप और छेड़खानी जैसे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक गैंग के कथित सरगना जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा चला रहा था गैंग
पुलिस के मुताबिक, जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा बिजनौर की फुरकान बाग कॉलोनी में रहता है और कथित तौर पर लंबे समय से एक गैंग चला रहा था. आरोप है कि गैंग के सदस्य महिलाओं के जरिए संपन्न परिवारों के युवकों को निशाना बनाते थे. इसके बाद फर्जी मुकदमे में फंसाने का डर दिखाकर उनसे लाखों रुपये वसूलने की कोशिश की जाती थी. पुलिस का दावा है कि बिजनौर और अमरोहा में इस तरह के कई मामलों की जानकारी सामने आई है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और कथित गैंग के सरगना समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया.
चार महिलाओं की गिरफ्तारी
इसी मामले में पुलिस ने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, इन महिलाओं पर कथित तौर पर बब्बू लंगड़ा के इशारे पर युवकों को जाल में फंसाने और बाद में मुकदमे का डर दिखाकर रकम वसूलने में शामिल होने का आरोप है. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गैंग से जुड़े अन्य लोगों और कथित मामलों की जानकारी जुटा रही है. पुलिस ने इस हनी ट्रैप रैकेट का पर्दाफाश करते हुए महिला के अलावा चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. कुल मिलाकर 11 लोगों की गिरफ्तारी हो गई है. पुलिस के मुताबिक, अब तक कुल छह महिलाएं गिरफ्तार हुई हैं.
आरोपी महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा
बिजनौर पुलिस कार्यालय में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक महिला आरोपी ने हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया.
पुलिस अधिकारी जब गिरोह का खुलासा कर रहे थे, तभी पीछे खड़ी महिला आरोपी अचानक फूट-फूटकर रोने लगी और पुलिस अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाने लगी. महिला ने रोते हुए चिल्लाकर कहा, "साहब, हमें बचा लीजिए! हमारी और हमारे बच्चे की कोई गलती नहीं है, हमें जबरन फंसाया जा रहा है।" महिला ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उसे नजीबाबाद ले गए थे और वहां उसकी जबरदस्ती वीडियो बनाई गई थी.
पुलिस को बाहर ले जाना पड़ा
मौके पर तैनात महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों ने उसे शांत कराने की बहुत कोशिश की, लेकिन जब वह लगातार खुद को बेकसूर बताते हुए रोती रही, तो स्थिति संभालते हुए पुलिसकर्मी उसे प्रेस कॉन्फ्रेंस रूम से बाहर ले गए.