आजमगढ़, वेदेन्द्र प्रताप शर्मा: आजमगढ़ जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र के सहनुपूर गांव में एक युवक को गांव के ही एक लड़की से प्रेम-प्रसंग करना भारी पड़ गया. आरोप है कि लड़की के परिजनों ने कई महीनों बाद घर लौटे युवक के साथ मारपीट की. उसपर चाकू से हमला किया और निर्वस्त्र कर गांव में घूमाया. पीड़ित युवक की तहरीर पर संबंधित थाने की पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर लिया.
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस इस मामले की जांच और कार्रवाई में जुट गई, लेकिन इस मामले में पांच दिन बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हुई. जिस पर पीड़ित ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं.
तहरीर के मुताबिक, युवक का लगभग एक साल से गांव की ही एक लड़की से अक्सर मोबाइल पर बात होती थी. लगभग 10 महीने पहले वह अपनी रोजी रोटी के लिए बैंगलोर चला गया. लड़की मोबाइल पर हमेशा अलग-अलग नंबरों से बात करने की कोशिश करती थी. युवक के बात करने से मना करने पर वो आत्महत्या करने की धमकी देती थी और लगभग 8 महीने पहले उसने अपनी मांग में सिन्दूर लगाकर युवक के पास वीडियो भेजा था.
पीड़ित का कहना है कि जब वह 17 अक्टूबर को अपने घर आया और 19 अक्टूबर को दोपहर बाद अपने घर से बाइक पर सवार होकर सहनुपूर चौराहे पर जा रहा था, तभी प्राथमिक विद्यालय सहनुपूर के पास रास्ते में धर्मेन्द्र, सवीन्द्र और प्रिन्स ने उसे देखते ही बाइक को रोक लिया. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि बाइक रोकने के बाद उन्होंने मां-बहन की गाली देते हुए लात मुक्का से मारा और उसके प्राइवेट पार्ट व गले को चाकू से काटने की कोशिश करने लगे.
पीड़ित का आरोप है कि मैं अपना बचाव करने लगा, जिससे मेरी दो अंगुली चाकू से जख्मी हो गई और मेरा पूरा कपड़ा शरीर से उतार कर मुझे नंगा कर गांव में घुमाया गया. पीड़ित का यह भी आरोप है कि जब मेरी मां ने 112 पर फोन करके इसकी सूचना दी तो 112 की पुलिस पहुंची, तो इन दबंगों ने पुलिस को देखकर जान से मारने की धमकी देते हुए मुझे छोड़कर मौके से भाग निकले.
हालांकि, इस मामले में रौनापार थाने की पुलिस ने 19 अक्टूबर को तीनों आरोपी धर्मेन्द्र, सवीन्द्र और प्रिन्स के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 118(1), 115(2), 352, 351(3) व 296 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया. वहीं पीड़ित परिजनों ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है.