रामनगरी को मिलेगा NSG का सुरक्षा कवच! मिल्कीपुर में 65 एकड़ जमीन पर बनेगा क्षेत्रीय हब!
Ayodhya NSG Hub: रामनगरी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अभेद्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र स्थित लालखां गांव की 65 एकड़ बंजर भूमि को केंद्रीय गृह मंत्रालय को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव प्रदेश कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा. इस जमीन पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का एक विशाल क्षेत्रीय हब और ट्रेनिंग सेंटर विकसित किया जाएगा.
Ayodhya NSG Regional Hub : रामनगरी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. मिल्कीपुर क्षेत्र के लालखां गांव में करीब 65 एकड़ बंजर जमीन राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के क्षेत्रीय हब के लिए देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. यह प्रस्ताव जल्द ही प्रदेश कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. शासन के अनुसार, बंजर भूमि के इस हस्तांतरण से अयोध्या न केवल आस्था का विश्व प्रसिद्ध केंद्र रहेगी, बल्कि गंभीर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के मामले में देश के सबसे सुरक्षित शहरों में भी शुमार होगी.
उत्तर भारत का बड़ा ट्रेनिंग सेंटर
प्रस्ताव के मुताबिक, जमीन केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को उपलब्ध कराई जाएगी, जहां NSG का क्षेत्रीय हब विकसित किया जाएगा. उत्तर भारत में NSG के जवानों की ट्रेनिंग के लिहाज से भी अयोध्या को महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जाएगा. इसके बनने के बाद अयोध्या में आतंकवाद निरोधी अभियानों और गंभीर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षित बल की मौजूदगी और ऑपरेशनल क्षमता मजबूत होगी.इस केंद्र को केवल बेस के रूप में ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत में NSG के जवानों के लिए एडवांस ट्रेनिंग सुविधा केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा.
उत्तर भारत में ट्रेनिंग का अहम केंद्र बनेगी अयोध्या
NSG हब की स्थापना होने के बाद अयोध्या को उत्तर भारत में NSG कमांडो की ट्रेनिंग और सुरक्षा तैयारियों के महत्वपूर्ण केंद्र के तौर पर विकसित किए जाने की योजना है. हाई रिस्क ऑपरेशन, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और आपात परिस्थितियों में प्रशिक्षित जवानों की त्वरित उपलब्धता इस व्यवस्था का अहम हिस्सा होगी.
राम मंदिर के बाद बढ़ी सुरक्षा की जरूरत
राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या का महत्व राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ा है. यहां लगातार वीआईपी और वीवीआईपी आवाजाही, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन और प्रमुख धार्मिक आयोजनों के चलते सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है. ऐसे में किसी भी संभावित खतरे या आपातकालीन सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए अयोध्या को उत्तर भारत के एक प्रमुख सुरक्षा केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है. इसलिए अयोध्या में NSG का क्षेत्रीय हब स्थापित होना सुरक्षा के लिहाज से बड़ा बदलाव माना जा रहा है. इससे जरूरत पड़ने पर आतंकवाद निरोधी और हाई रिस्क ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षित बल की त्वरित तैनाती संभव हो सकेगी.
अगर प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलती है, तो अयोध्या की पहचान सिर्फ धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के एक महत्वपूर्ण सुरक्षा केंद्र के रूप में भी मजबूत होगी.