अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का इतिहास: 8 साल का सन्नाटा, फिर चुनावी हलचल, जानिए AMU छात्रसंघ की कहानी
अलीगढ़ यूनिवर्सिटी अपने छात्रसंघ चुनाव को लेकर एक बार फिर चर्चा में है. यहां 2018 के बाद एक बार फिर से छात्रसंघ चुनाव हो रहा है.
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में 8 साल बाद छात्रसंघ चुनाव हो रहे हैं. 5 नवंबर गुरुवार को मतदान होने हैं. करीब 20 हजार से ज्यादा छात्र अपने मत का उपयोग करेंगे. ऐसे में एक बार फिर यूनिवर्सिटी कैंपस में चुनावी हलचल मच गई है. अलीगढ़ यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव सिर्फ परिसर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने देश की सियासत को भी कई दिग्गज दिए. यहां से निकले छात्र नेता संसद तक पहुंचे और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई. आइए जानते हैं अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव का इतिहास....
पहले जान लेते हैं यूनिवर्सिटी कितनी पुरानी?
1905 में सर सैयद अहमद खान ने सिंडन्स डिबेटिंग क्लब के रूप में कॉलेज की नींव रखी थी. 1920 में कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा मिला. आज यह 121 साल की हो चुकी है. उसी समय छात्रसंघ चुनाव की शुरुआत हो गई. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पहला छात्रसंघ का चुनाव साल 1920-21 में हुआ. केएम खुदा बक्श यहां से पहले अध्यक्ष बनाए गए. इसके बाद सैयद नूरुल्लाह अध्यक्ष बने. तब से छात्रसंघ चुनाव की परंपरा चली आ रही है.
अंतिम बार कब हुआ था छात्रसंघ चुनाव
आखिरी बार साल 2018 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे. उस चुनाव में मोहम्मद सलमान इम्तियाज अध्यक्ष चुने गए थे. इसके बाद 2019 से यहां छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए. पिछले 8 सालों तक चुनाव का सिलसिला रुका रहा. लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव की मांग होती रही है. साल 2023 में छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों ने बाब-ए-सैयद पर 50 दिन तक धरना किया था. उस समय कुलपति की नियुक्ति के बाद चुनाव कराने का आश्वासन दिया गया था. हालांकि चुनाव नहीं कराए गए.
19 दिनों तक चला आंदोलन फिर डेट घोषित
साल 2026 में भी चुनाव को लेकर लंबा संघर्ष किया गया. पिछले दिनों 19 दिनों तक छात्र आंदोलन चला. अंत में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की मांग मान ली. विश्वविद्यालय प्रशासन ने 5 नवंबर की डेट तय की. 8 साल बाद दोबारा छात्रसंघ चुनाव हो रहे हैं. 5 नवंबर को ही सुबह 8 बजे से मतदान होंगे. शाम 7 बजे तक नतीजे घोषित हो जाएंगे. अध्यक्ष पद के लिए 9 उम्मीदवार, उपाध्यक्ष के लिए 7, सचिव के लिए 3, कैबिनेट के 10 पदों के लिए 46 और 11 फैकल्टी के कोर्ट मेंबर के लिए 67 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.
कब कब नहीं हुए छात्रसंघ चुनाव
1920 से शुरू हुआ छात्रसंघ चुनाव इस साल भी हो रहा है. हालांकि, कई बार छात्रसंघ चुनाव नहीं हुआ. साल 1965-66, 1973-74, 1988-89, 1996, 2000 से 2003, 2007 से 2010, 2013-14, 2015-16 और 2019 से 2026 में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए. बाकी वर्षों में इस विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव होते रहे हैं.
यूनिवर्सिटी ने कई दिग्गज दिए
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से कई ऐसे छात्रनेता निकले जिन्होंने देश की राजनीति का हिस्सा बने. इनमें से एक नाम आरिफ मोहम्मद खान का है. वह छात्रसंघ अध्यक्ष रहे. आगे चलकर वह केरल के राज्यपाल बने. पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद अदीब राज्यसभा सदस्य रहे. आजम खान यूपी में सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे. ऐसे कई नाम हैं.
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