प्रेमानंद महाराज के आश्रम में शिष्य की मौत: मामला पहुंचा इलाहाबाद हाईकोर्ट, SIT जांच की मांग को लेकर याचिका दाखिल
Allahabad high court: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है.
प्रयागराज/मथुरा: वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के 'श्री हित राधा केली कुंज' आश्रम में शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की चौखट पर पहुंच गया है. मामले में हाईकोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एक पत्र याचिका (Letter Petition) दाखिल की गई है. मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है. पत्र में मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) से कराने या मजिस्ट्रियल जांच कराए जाने की मांग की गई है.
बताया गया है कि दीपक लोधी करीब दो साल पहले वृंदावन आए थे और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया था. हाल ही में उनकी मौत अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी. पुलिस की शुरुआती जांच में घटना को आत्महत्या से जोड़कर देखा गया, जबकि मृतक के परिजन इसे आत्महत्या मानने से इनकार कर चुके हैं और मामले में साजिश की आशंका जताई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद उठे सवाल
मामले में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, मृतक के शरीर पर सात स्थानों पर चोटें मिली थीं और अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया है. रिपोर्टों में निजी अंग पर चोट का भी उल्लेख है. इन तथ्यों का हवाला देते हुए याचिका/पत्र में पूरे मामले की गहन जांच की जरूरत बताई गई है.वहीं, पुलिस घटना से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है. हालिया रिपोर्टों में मौत से ठीक पहले के CCTV फुटेज का भी जिक्र सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रही है.
परिजनों ने भी उठाए सवाल
मृतक के परिवार की ओर से भी घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए गए हैं. परिजनों ने आत्महत्या की थ्योरी को स्वीकार नहीं किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है. परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि आश्रम आने के बाद लंबे समय तक उनका दीपक से संपर्क नहीं हो पाया था. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच अभी बाकी है.
हाईकोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
पत्र में मांग की गई है कि मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए जांच स्वतंत्र एजेंसी या SIT से कराई जाए और यदि संभव हो तो इसे हाईकोर्ट की निगरानी में कराया जाए. याचिकाकर्ता का तर्क है कि इससे घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने लाने और जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
फिलहाल महत्वपूर्ण बात यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार हाईकोर्ट ने अभी SIT जांच का आदेश नहीं दिया है. मामला निष्पक्ष जांच की मांग तक पहुंचा है. आगे हाईकोर्ट में इस पर क्या कार्रवाई होती है, यह महत्वपूर्ण होगा.
लगातार गहराता जा रहा है आश्रम का विवाद
गौरतलब है कि मृतक रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला पहले से ही गरमाया हुआ है। इसके अलावा हाल ही में हाथरस के 16 वर्षीय किशोर अनुज के 3 महीने से लापता होने और नोएडा की एक युवती के रहस्यमयी तरीके से गायब होने को लेकर परिजनों द्वारा आश्रम के बाहर धरना प्रदर्शन भी शुरू किया गया है. अब हाईकोर्ट में SIT जांच की मांग के लिए याचिका दाखिल होने से इस पूरे मामले ने कानूनी और राजनीतिक रूप से बड़ा मोड़ ले लिया है.