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UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) में फिर सियासी उथल-पुथल की आशंकाएं हैं. मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद के बीच पैदा हुई अनबन साफ देखी जा रही है. आकाश आनंद के एक और कदम से कयास लगाए जा रहे हैं कि या तो वह पार्टी छोड़ सकते हैं या फिर मायावती उन्हें दोबारा बाहर का रास्ता दिखा सकती हैं. कयास लग रहे हैं आकाश आनंद एक बार फिर वह पार्टी से बाहर हो गए हैं.
क्या आकाश आनंद बुआ से खफा हैं?
आकाश आनंद को दो बार पार्टी से निकाला गया और फिर वापस लिया गया. अब फिर से उन्हें नेशनल चीफ कॉर्डिनेटर पद से हटा दिया गया है. मायावती के इस कदम से आकाश आनंद भी खफा दिख रहे हैं, क्योंकि पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर बायो चेंज किया है.पद से हटाए जाने के महज तीन दिनों के भीतर आकाश आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर दूसरी बार अपना बायो बदला है. पहले बायो में पद हटने के बाद 'बसपा कार्यकर्ता' लिखने वाले आकाश आनंद ने अब खुद को सिर्फ 'बसपा समर्थक' (BSP Supporter) लिखा है.
तीन दिन में दूसरी बार बदला बायो
नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाए जाने के तुरंत बाद आकाश ने बायो में 'बसपा कार्यकर्ता' लिखा था, लेकिन अब उसे बदलकर 'बसपा समर्थक' (BSP Supporter) कर दिया है. तीन दिन में दो बार बायो बदलने और समर्थक शब्द जोड़ने को राजनीतिक विश्लेषक पार्टी के सक्रिय पदों व मुख्यधारा से आकाश की बढ़ती दूरी के रूप में देख रहे हैं.

छोटे भाई ईशान आनंद की एंट्री
बसपा की नई राष्ट्रीय संगठनात्मक लिस्ट और पदभार से आकाश आनंद का नाम पूरी तरह गायब है.मायावती ने आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद (ईशू) को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाकर करीब 15 राज्यों में सांगठनिक समीक्षा का बड़ा काम सौंपा है.मायावती ने ऑल इंडिया बैठक के दौरान कहा कि आकाश आनंद को अभी और राजनीतिक परिपक्वता हासिल करने की जरुरत है.
ऐसे में अब आकाश का अपने बॉयो में सिर्फ बीएसपी सपोर्टर लिखने का मतलब है कि या तो आकाश को पार्टी से ही बाहर कर दिया गया है या फिर बायो चेंज कर मायावती पर एक बार फिर पद पाने के लिए आकाश आनंद दबाव की रणनीति अपना अपना रहे हैं. पिछली बार जब उनसे पद वापस लिया गया था, तब भी बायो चेंज किया था और फिर बसपा सुप्रीमो ने उन्हें प्रमोशन देते हुए नेशनल कोऑर्डिनेटर से चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया था.