'फ्री कार राइड' लेने निकला अजगर: पहिए में कुंडली मारे बैठा देख युवक के उड़े होश, छुड़ाने में वन विभाग के छूटे पसीने
Hapur Python Rescue: हापुड़ के रेलवे रोड पर जब कार मालिक गाड़ी के पास पहुंचा, तो उसे पिछले पहिए के अंदर एक लंबा-चौड़ा अजगर लिपटा हुआ मिला. जिसे देखते ही युवक के होश उड़ गए. कार के पहिए में अजगर की खबर फैलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. घंटों मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू किया.
Hapur Python Rescue/ अभिषेक माथुर: अमूमन जब कोई शख्स सफर पर निकलने के लिए अपनी गाड़ी के पास जाता है, तो इंजन का ऑइल, पेट्रोल या टायरों की हवा चेक करता है, लेकिन हापुड़ के एक युवक के साथ ऐसा वाकया हुआ कि हवा चेक करने से पहले ही उसकी खुद की 'हवा टाइट' हो गई. जैसे ही ड्राइवर की नजर पिछले पहिए के ऊपर गई, उसके हलक से चीख तक नहीं निकली. गाड़ी के पुर्जों और मडगार्ड के बीच एक लंबा-चौड़ा, भारी-भरकम अजगर इतने ठाठ से कुंडली जमाए बैठा था, मानो कार उसी के नाम रजिस्टर्ड हो.
पहिए में दिखी अजीब हरकत, फिर खिसकी पैरों तले जमीन
यह दिलचस्प और हैरान कर देने वाला मामला हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र के रेलवे रोड का है. बीते दिन जब एक युवक अपनी कार के पास पहुंचा, तो उसे पिछले पहिए के अंदर कुछ अजीब सी बनावट और हरकत महसूस हुई. पहले तो लगा कि शायद कोई मोटी रस्सी या तार फंसा है, लेकिन जब उसने झुककर करीब से देखा, तो उसके होश उड़ गए. वहां कोई वायर नहीं, बल्कि एक तगड़ा और लंबा अजगर मडगार्ड और चेसिस के बीच मजे से लेटा हुआ था.
खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. कार में अजगर की बात सुनते ही मौके पर तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई. लोग अपनी गाड़ियां छोड़कर पीछे भागने लगे.
फ्री कार राइड छोड़ने को राजी नहीं थे 'अजगर महाराज'
घबराए कार मालिक ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी. खबर मिलते ही वनकर्मियों की रेस्क्यू टीम से कर्मचारी भारत और नितेश कुमार उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन अजगर महाराज भी अपनी 'फ्री कार राइड' छोड़ने को जरा भी राजी नहीं थे. वह कार के पार्ट्स के बीच इतने कसकर उलझ गए थे कि उन्हें सीधे हाथ से खींचकर निकालना मुमकिन ही नहीं था.
आखिरकार रेस्क्यू टीम को कार मैकेनिक की मदद से गाड़ी का पिछला टायर, कवर और मडगार्ड तक खोलना पड़ गया.
ढाई घंटे की खिंचाव-जंग और आखिरकार राहत!
इसके बाद शुरू हुआ असली 'हाई-वोल्टेज ड्रामा'. मोटे दस्ताने, लोहे की स्पेशल रॉड और दोनों हाथों से अजगर को पकड़कर खींचने का सिलसिला शुरू हुआ. एक तरफ अजगर की अपनी जगह न छोड़ने की जिद थी, तो दूसरी तरफ वनकर्मियों की सूझबूझ. लगभग ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत और जद्दोजहद के बाद आखिरकार उस विशालकाय अजगर को कार के पुर्जों से सुरक्षित बाहर खींच लिया गया.
जब रेस्क्यू टीम ने अजगर को बाहर निकालकर दिखाया, तो खड़े लोगों की सांसें थम गईं. वनकर्मी भारत ने बताया कि पकड़े गए अजगर को पूरी तरह सुरक्षित स्थान और घने जंगल में छोड़ दिया जाएगा. अजगर के जाते ही कार मालिक की जान में जान आई और मोहल्ले वालों ने भी राहत की सांस ली.