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आम तौर पर मिर्च को हम खाने में तीखापन बढ़ाने वाली छोटी सब्जी के तौर पर देखते हैं. लेकिन स्विट्जरलैंड के जुर्ग विस्ली ने इसी मिर्च को लेकर ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जिसे सुनकर शायद आपको भी यकीन करना मुश्किल हो जाए.
जुर्ग ने स्विट्जरलैंड के डोजविल में अपनी उगाई मिर्च की लंबाई मापी. इसकी लंबाई 52.5 सेंटीमीटर यानी करीब 20.7 इंच निकली. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसे दुनिया की सबसे लंबी मिर्च के तौर पर मान्यता दी है. इसमें सबसे खास बात तो यह है कि यह उनके लिए कोई एक बार की कामयाबी नहीं है. जुर्ग इससे पहले भी इसी रिकॉर्ड को दो बार अपने नाम कर चुके हैं.
अगर आप सोच रहे हैं कि जुर्ग ने इस बार किसी दूसरे माली का रिकॉर्ड तोड़ा है, तो ऐसा नहीं है. इस बार उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा है. जुर्ग ने पहली बार अक्टूबर 2017 में सबसे लंबी मिर्च का रिकॉर्ड बनाया था. तब उनकी उगाई मिर्च की लंबाई करीब 45 सेंटीमीटर यानी 1 फीट 5.7 इंच के करीब थी. उस समय मिर्च को स्विट्जरलैंड के जोना में हुई एक सब्जी प्रतियोगिता में मापा गया था. लेकिन जुर्ग यहीं नहीं रुके. अगले ही साल उन्होंने अपनी पिछली कामयाबी को पीछे छोड़ दिया. और 2018 में उनकी नई मिर्च 50.5 सेंटीमीटर यानी करीब 1 फीट 7.9 इंच लंबी निकली. इस रिकॉर्ड ने करीब आठ साल तक किसी को आगे नहीं निकलने दिया. 30 सितंबर 2018 को ग्रेट पंपकिन कॉमनवेल्थ के अधिकारियों ने इसे प्रमाणित किया था.
करीब आठ साल तक 50.5 सेंटीमीटर का आंकड़ा कायम रहने के बाद जुर्ग ने एक बार फिर कोशिश की और इस बार अपनी मिर्च को 52.5 सेंटीमीटर तक पहुंचा दिया. मतलब 2018 के अपने ही रिकॉर्ड में उन्होंने करीब 2 सेंटीमीटर का सुधार किया. सुनने में यह अंतर छोटा लग सकता है, लेकिन इतनी लंबी मिर्च उगाने में यह काफी बड़ी उपलब्धि है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, नई मिर्च 'जो'ज लॉन्ग' नाम की केयेन किस्म से जुड़ी है. इसके बीज भी किसी दुकान से खरीदे हुए सामान्य बीज नहीं थे. जुर्ग ने 2025 में उगाई गई 48.5 सेंटीमीटर लंबी मिर्च से बीज बचाकर इस साल की फसल तैयार की थी. उन्होंने अपनी इस खास लाइन को 'विस्ली बिग लॉन्ग' नाम दिया है.
जुर्ग की कामयाबी के पीछे सिर्फ किस्मत नहीं, बल्कि कई साल की मेहनत भी है. वह हर साल अपने सबसे अच्छे पौधों से बीज बचाते हैं और अगली फसल में उनका इस्तेमाल करते हैं. वह मार्च में घर के अंदर बीज तैयार करना शुरू करते हैं. इसके लिए ग्रो लाइट और करीब 28 डिग्री सेल्सियस तापमान रखा जाता है. अप्रैल के आखिर में, जब ठंड के साथ पाला पड़ने का खतरा खत्म हो जाता है, पौधों को बाहर बगीचे में लगाया जाता है. इसके बाद मिट्टी की अच्छी तैयारी, कम्पोस्ट, नियमित रूप से पानी और संतुलित खाद का इस्तेमाल किया जाता है. जुर्ग का कहना है कि खाद बहुत ज्यादा डालना भी ठीक नहीं है, क्योंकि इससे पौधे में मिर्च की जगह ज्यादा पत्तियां आने लगती हैं.
यहां एक दिलचस्प बात और है. जुर्ग के मुताबिक, सिर्फ मिर्च को लंबा उगाना ही मुश्किल नहीं है. उसे सीधा रखना भी बड़ी चुनौती है. लंबी मिर्च अक्सर मुड़ने या टेढ़ी होने लगती हैं. अगर उन्हें जबरदस्ती सीधा करने की कोशिश की जाए तो वे टूट भी सकती हैं. यही वजह है कि रिकॉर्ड के लिए सिर्फ लंबाई बढ़ाना काफी नहीं है. जिस मिर्च को रिकॉर्ड के तौर पर पेश किया जाता है, उसकी लंबाई तय तरीके से मापी जाती है.
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, 2018 में जुर्ग की रिकॉर्ड वाली मिर्च की लंबाई सीधी लाइन में मापी गई थी. माप मिर्च के उस हिस्से से शुरू किया गया, जहां फल का मोटा हिस्सा पौधे से जुड़ता है, जिसे 'शोल्डर' कहा जाता है, और वहां से मिर्च के सबसे ऊपरी सिरे तक लंबाई ली गई. इसका मतलब यह नहीं है कि मिर्च को टेढ़ा-मेढ़ा रखकर उसकी घुमावदार लंबाई निकाल ली जाए. रिकॉर्ड में साफ और एक जैसे तरीके से माप जरूरी है.
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर भारत या दुनिया के किसी दूसरे हिस्से में कोई किसान या माली इससे भी लंबी मिर्च उगा दे, तो क्या वह सीधे गिनीज रिकॉर्ड का दावा कर सकता है? तो इसका जवाब है नहीं. इसके लिए पहले गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में आवेदन करना होगा. संगठन के मुताबिक, रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश से पहले आवेदन करना और आधिकारिक गाइडलाइन का इंतजार करना जरूरी है. गिनीज हर रिकॉर्ड के लिए अलग नियम देता है, जिसमें बताया जाता है कि रिकॉर्ड कैसे बनाया जाएगा, उसे किस तरह मापा जाएगा और किस तरह के सबूत देने होंगे.
रिकॉर्ड की कोशिश के दौरान गवाह, सही माप, फोटो, वीडियो और दूसरे जरूरी कागज भी मांगे जा सकते हैं. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की सामान्य गाइडलाइन के मुताबिक, वीडियो में पूरी रिकॉर्ड कोशिश को शुरुआत से अंत तक दिखाना जरूरी होता है और रिकॉर्ड का माप भी साफ दिखाई देना चाहिए.
गिनीज के लिए किसी भी रिकॉर्ड का सिर्फ बड़ा या अनोखा होना काफी नहीं है. रिकॉर्ड ऐसा होना चाहिए जिसे साफ तरीके से मापा जा सके, दूसरे लोग उसी नियम के तहत दोबारा करने की कोशिश कर सकें और उसका सबूत भी दिया जा सके. गिनीज के मुताबिक, किसी रिकॉर्ड का टाइटल मापने, दोबारा चुनौती देने, एक समान नियमों वाला और प्रमाणित किया जा सकने वाला होना चाहिए. इसलिए अगर कोई माली 53 या 54 सेंटीमीटर की मिर्च उगा भी लेता है, तो उसे सही तरीके से मापना और पूरे सबूत के साथ गिनीज के नियमों के मुताबिक पेश करना होगा. सिर्फ फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डाल देने से विश्व रिकॉर्ड नहीं बन जाएगा.
जुर्ग की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने इस रिकॉर्ड को एक बार नहीं, बल्कि तीन बार अपने नाम किया है. 2017 में 45 सेंटीमीटर, 2018 में 50.5 सेंटीमीटर और अब 2026 में 52.5 सेंटीमीटर. करीब एक दशक की इस मेहनत में उन्होंने अपने ही पौधों से बीज बचाए, बेहतर पौधे तैयार किए और धीरे-धीरे अपनी मिर्च की लाइन को विकसित किया. अब 'विस्ली बिग लॉन्ग' नाम की यह खास किस्म उनकी पहचान बन चुकी है. और सबसे दिलचस्प बात यह है कि जुर्ग अभी भी मानते हैं कि इससे लंबी मिर्च उगाना संभव है. इसका मतलब 52.5 सेंटीमीटर शायद इस कहानी का अंतिम आंकड़ा नहीं है. हो सकता है अगली बार रिकॉर्ड की लिस्ट में फिर वही नाम दिखाई दे, या फिर दुनिया का कोई दूसरा माली उनकी मिर्च से भी लंबी 'मिर्च' उगाकर नया इतिहास लिख दे.