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गणपति उत्सव के दौरान मुंबई और आसपास के इलाकों में हर साल कई खूबसूरत मूर्तियां लोगों का ध्यान खींचती हैं. लेकिन इस बार नवी मुंबई के ऐरोली में एक घर में विराजे गणपति बप्पा की चर्चा कुछ अलग वजह से हो रही है. 'कलाकारांचे कलाधिपती' नाम की यह मूर्ति सोशल मीडिया पर लगातार लोगों का ध्यान खींच रही है.
यह चौधरी परिवार के घर स्थापित की गई घरेलू गणेश मूर्ति है. हालांकि, बप्पा की एक झलक पाने के लिए जिस तरह लोग पहुंच रहे हैं, उसे देखकर यह किसी बड़े सार्वजनिक गणेश मंडल जैसा नजारा लगने लगा. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं.
इस मूर्ति को देखकर लोगों का सबसे पहला ध्यान बप्पा के चेहरे पर जाता है. आंखों की बनावट, चेहरे के भाव और मूर्ति पर किया गया बारीक काम इसे आम गणेश मूर्तियों से अलग दिखाता है. दूर से देखने पर कई लोगों को ऐसा लगता है कि सामने कोई मूर्ति नहीं, बल्कि गणपति बप्पा खुद विराजमान हैं. चेहरे पर शांति का भाव और आंखों में दिखता जिंदा सा एहसास इस मूर्ति की सबसे खास बात बन गया है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग बार-बार इसे देखने के लिए वीडियो शेयर कर रहे हैं.
इतनी बारीकी से तैयार की गई इस मूर्ति के पीछे कलाकार प्रफुल्ल कदम हैं. वह मुंबई के मशहूर सर जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट के विद्यार्थी रहे हैं और उन्होंने स्कल्प्चर आर्ट की खास ट्रेनिंग ली है. प्रफुल्ल कदम को रियलिस्टिक यानी बेहद वास्तविक दिखने वाली मूर्तियां बनाने के लिए जाना जाता है. उनकी कोशिश सिर्फ एक खूबसूरत मूर्ति बनाने की नहीं होती, बल्कि चेहरे के भाव और आंखों की एक्सप्रेशन तक में जान डालने की रहती है.
मूर्ति तैयार होने की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है. वायरल हो रहे मेकिंग वीडियो में इसकी शुरुआत एक स्केच से होती दिखाई देती है. कलाकार ने सबसे पहले यह तय किया कि बप्पा का चेहरा कैसा होगा और पूरी मूर्ति का लुक किस तरह रखा जाएगा. इसके बाद मिट्टी से मूर्ति का बेस और आकार तैयार किया गया. यह काम देखने में भले आसान लगे, लेकिन यहीं से मूर्ति को सही शेप देने का असली काम शुरू होता है. शरीर का अनुपात, हाथ-पैर की पोजिशन और चेहरे की बनावट को धीरे-धीरे आकार दिया गया.
मूर्ति तैयार करते समय सबसे ज्यादा मेहनत बप्पा के चेहरे पर नजर आती है. आंखों की शेप, भौंहों की हल्की उठान, होंठों की बनावट और चेहरे पर दिखाई देने वाला भाव, हर चीज को बेहद ध्यान से तैयार किया गया. यही छोटे-छोटे डिटेल बाद में पूरी मूर्ति को अलग पहचान देते हैं. जब रंग और फिनिशिंग का काम पूरा हुआ तो मिट्टी से तैयार की गई आकृति एक बेहद रियल गणपति मूर्ति में बदल गई.
मूर्ति का ढांचा और चेहरे की बारीकियां तैयार होने के बाद रंगों का काम शुरू हुआ. यहां भी सिर्फ रंग भरने पर ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि चेहरे के अलग-अलग हिस्सों को उभारने के लिए शेडिंग और फिनिशिंग का इस्तेमाल किया गया. आंखों और चेहरे पर की गई यह फिनिशिंग ही मूर्ति को वह लुक देती है, जिसकी वजह से इसे देखने वाले कुछ पल के लिए ठिठक जाते हैं. ऐसा लगता है जैसे बप्पा अभी कुछ बोल देंगे.
प्रफुल्ल कदम द्वारा मूर्ति तैयार करने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो को अब तक 81 लाख से ज्यादा व्यूज मिलने की बात सामने आई है. वीडियो में मूर्ति के बनने की पूरी प्रक्रिया को अलग-अलग स्टेज में देखा जा सकता है. शुरुआत में दिखाई देने वाली मिट्टी की आकृति और आखिर में तैयार होने वाले भव्य बप्पा के बीच का फर्क ही लोगों को सबसे ज्यादा हैरान करता है.
'कलाकारांचे कलाधिपती' की चर्चा सिर्फ मेकिंग वीडियो तक सीमित नहीं है. बप्पा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग ऐरोली पहुंच रहे हैं. सामने आए वीडियो में भक्तों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं. किसी घर में स्थापित गणपति के दर्शन के लिए इतनी भीड़ जुटना अपने आप में लोगों की दिलचस्पी दिखाता है. लोग सिर्फ बप्पा के दर्शन ही नहीं कर रहे, बल्कि मूर्ति की कलाकारी को भी करीब से देखना चाहते हैं.
वीडियो सामने आने के बाद लोग कलाकार प्रफुल्ल कदम की खूब तारीफ कर रहे हैं. खासकर मूर्ति के चेहरे और आंखों की डिटेल लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आ रही है. कई लोग मेकिंग वीडियो देखकर हैरान हैं कि मिट्टी से शुरू हुई एक आकृति आखिर इतनी रियल कैसे दिखाई देने लगी. यही इस मूर्ति की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे देखने के बाद नजर कुछ देर उसके चेहरे पर ठहर जाती है.
गणपति की खूबसूरत मूर्तियां हर साल देखने को मिलती हैं, लेकिन कुछ कलाकृतियां अपनी बारीकी और भाव की वजह से लोगों के जेहन में रह जाती हैं. 'कलाकारांचे कलाधिपती' भी ऐसी ही मूर्तियों में शामिल हो गया है. एक कलाकार की कल्पना, स्कल्प्चर की समझ और घंटों की मेहनत मिलकर जब सामने आती है तो उसका असर सिर्फ तस्वीर या वीडियो तक सीमित नहीं रहता. ऐरोली में उमड़ रही भीड़ और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मेकिंग वीडियो से साफ है कि लोगों को इस मूर्ति में कुछ ऐसा नजर आया, जिसने उन्हें रोक लिया.