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किसी देश के बारे में हमारी पहली याद वहां की बड़ी-बड़ी इमारतों, सड़कों या मशहूर जगहों से जुड़ती है. लेकिन जापान में रहने वाली भारतीय महिला अंकिता सहगल को वहां की एक ऐसी चीज ने प्रभावित किया, जिसके बारे में शायद ज्यादातर लोग सोचते भी नहीं हैं.
अंकिता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने जापान के पब्लिक बाथरूम में महिलाओं और बच्चों के लिए दी गई कुछ सुविधाएं दिखाईं. उनका कहना था कि छोटी जगह हो या बड़ा वॉशरूम, उन्हें हर जगह यूजर्स की जरूरतों का ध्यान रखने वाली कोई न कोई चीज नजर आ जाती है.
अंकिता ने वीडियो में सबसे पहले महिलाओं के लिए बनाए गए मेकअप काउंटर की तरफ ध्यान दिलाया. उन्होंने बताया कि जापान के बाथरूम में महिलाओं को मेकअप ठीक करने के लिए अलग जगह मिल जाती है. यह जरूरी नहीं कि हर जगह कोई बड़ा शीशे वाला मेकअप एरिया हो. कई जगह यह सुविधा काफी छोटी होती है, लेकिन उसके होने का मतलब साफ है. महिला को मेकअप या अपना लुक ठीक करने के लिए सिंक के सामने भीड़ में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती. अंकिता ने इसी छोटी-सी सुविधा को लेकर कहा कि उन्हें यह देखकर हर बार इमोशनल महसूस होता है.
इसके बाद अंकिता ने एक और सुविधा दिखाई, जो छोटे बच्चों के साथ बाथरूम आने वाली मांओं के लिए है. बाथरूम में बच्चों को कुछ देर सुरक्षित बैठाने के लिए खास सीट बनाई गई है. छोटे बच्चे के साथ पब्लिक वॉशरूम इस्तेमाल करना आसान नहीं होता. मां को एक साथ अपने बच्चे और अपनी जरूरत दोनों का ध्यान रखना पड़ता है. ऐसे में बाथरूम के अंदर ही बच्चे के बैठने की जगह मिल जाना उसके लिए काफी मददगार हो सकता है. अंकिता को यही बात खास लगी कि यहां ऐसी जरूरतों के बारे में पहले से सोचा गया है.
वीडियो में इसके बाद अंकिता एक ऐसी चीज दिखाती हैं, जिसे देखकर वह खुद भी पहले कन्फ्यूज हो गई थीं. बाथरूम के फर्श पर एक तरह का चेंजिंग बोर्ड लगा हुआ था. पहली नजर में उन्हें लगा कि शायद यह बच्चे का डायपर बदलने के लिए होगा. लेकिन जब उन्हें इसका असली इस्तेमाल समझ आया तो वह और हैरान हो गईं.
अंकिता बताती हैं कि इस बोर्ड पर खड़े होकर लोग अपने कपड़े बदल सकते हैं. इसका फायदा खासतौर पर तब हो सकता है, जब बाथरूम का फर्श गीला हो या वहां सीधे खड़े होकर कपड़े बदलना मुश्किल हो. मान लीजिए किसी महिला को ट्रैवल के दौरान कपड़े बदलने हैं और बाथरूम का फर्श गीला है. ऐसे में फर्श पर पैर रखने के बजाय वह इस बोर्ड पर खड़े होकर कपड़े बदल सकती है. अंकिता के लिए यही छोटी-सी सुविधा सबसे अलग थी. उन्हें लगा कि बाथरूम डिजाइन करने वालों ने उन छोटी परेशानियों के बारे में भी सोचा है, जिनका सामना लोग रोज करते हैं.
अंकिता ने वीडियो में जापान की इन सुविधाओं को लेकर अपनी हैरानी खुलकर जाहिर की. उन्होंने कहा कि आखिर कोई देश अपने नागरिकों की जरूरतों के बारे में इतनी बारीकी से कैसे सोच सकता है. उनके अनुसार, महिलाओं के लिए ऐसी सुविधाएं देखकर उन्हें बार-बार यह महसूस होता है कि शायद हम ऐसी चीजों के आदी नहीं हैं. यही वजह है कि एक सामान्य-सा पब्लिक बाथरूम भी उन्हें इतना खास लग रहा है. उन्होंने अपने वीडियो के साथ लिखा, "जापान का मेरा सबसे पसंदीदा हिस्सा उनके बाथरूम हैं."
अंकिता का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया तो लोगों ने भी इन सुविधाओं की तारीफ की. कई यूजर्स ने कहा कि जापान में छोटी-छोटी जरूरतों को ध्यान में रखकर पब्लिक स्पेस तैयार किए जाते हैं. एक यूजर ने लिखा कि जापान सच में हर चीज के बारे में सोचता है. दूसरे ने इन सुविधाओं को बेहद thoughtful बताया. एक अन्य यूजर ने कहा कि पब्लिक बाथरूम हर जगह ऐसे ही होने चाहिए. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि ऐसी सुविधाएं सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और दूसरे जरूरतमंद लोगों के लिए भी पब्लिक जगहों को ज्यादा आरामदायक बना सकती हैं.
अंकिता की कहानी में खास बात जापान का कोई बड़ा टूरिस्ट स्पॉट नहीं है. वह एक ऐसा बाथरूम दिखा रही हैं, जिसे शायद वहां के लोग रोज इस्तेमाल करते होंगे. लेकिन एक बाहर से आई महिला की नजर ने उन्हीं छोटी चीजों को नोटिस किया, जो स्थानीय लोगों के लिए सामान्य हो सकती हैं. मेकअप करने के लिए छोटा काउंटर, बच्चे को बैठाने की जगह या गीले फर्श से बचकर कपड़े बदलने की सुविधा. देखने में ये बहुत छोटी चीजें लग सकती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर इनका महत्व समझ आता है. शायद यही वजह है कि अंकिता को जापान का यह बाथरूम इतना खास लगा.
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