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आमतौर पर घर देखने जाते समय लोग उसकी लोकेशन, कमरे, बालकनी और आसपास की सुविधाओं पर ध्यान देते हैं. लेकिन जापान की रियुआ के साथ घर देखने के दौरान एक ऐसा अनुभव हुआ, जिसे वह आज तक नहीं भूली हैं. रियुआ जब पहली बार टोक्यो में अपने किराये वाले अपार्टमेंट को देखने पहुंचीं तो उन्हें वहां एक आदमी खड़ा दिखाई दिया. वह उन्हें घूर रहा था.
रियुआ के अनुसार, जब उन्होंने रियल एस्टेट एजेंट से उस आदमी के बारे में पूछा तो उसे वहां कोई दिखाई ही नहीं दिया. रियुआ को लगा कि वह कोई भूत हो सकता है. आम इंसान शायद इसके बाद उस घर में कदम रखने से भी डरता, लेकिन रियुआ ने उल्टा फैसला कर लिया. उन्होंने सोचा कि क्यों न इस भूत से दोस्ती करने की कोशिश की जाए.
BBC की रिपोर्ट के अनुसार, रियुआ जापान में एक युवा एंटरटेनर के तौर पर काम करती हैं. वह अपना पूरा नाम पब्लिक नहीं करना चाहतीं. उनका कहना है कि इस अपार्टमेंट में रहने के चार साल बाद भी उन्हें रोज कुछ न कुछ असामान्य अनुभव होता है. कभी उन्हें कदमों की लगातार आवाज सुनाई देती है तो कभी लगता है कि कोई उनसे बात कर रहा है. इसके बावजूद उन्होंने घर छोड़ने का फैसला नहीं किया है. रियुआ का मानना है कि भूत भी कभी इंसान ही थे. इसलिए उनके साथ भी सम्मान से पेश आना चाहिए. उनके लिए यह घर सिर्फ एक ऐसी जगह नहीं है, जहां कुछ अजीब होता है. यहां उन्हें कम किराये पर रहने की सुविधा भी मिल रही है.
जापान में ऐसे घरों के लिए 'जिको बुक्केन' शब्द इस्तेमाल किया जाता है. इसका मतलब ऐसे मकान या प्रॉपर्टी से है, जहां आत्महत्या, हत्या या किसी दूसरी दुखद घटना के कारण लोगों का मन वहां रहने से घबराता है. जापान में भूतों को लेकर कई तरह की मान्यताएं भी हैं. वहां ऐसी आत्माओं के लिए 'युरेई' शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे किसी दुखद या दर्दनाक मौत के बाद भी दुनिया से जुड़ी रहती हैं. मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति की मौत घर में हुई हो, तो उसकी आत्मा उस जगह से जुड़ी रह सकती है. खासकर हत्या, आत्महत्या या अकेले मरने जैसी घटनाओं से जुड़े घरों को लोग आसानी से खरीदते या किराए पर नहीं लेतें. यह सब मान्यता है इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. लेकिन लोगों के मन में बैठा डर रियल एस्टेट बाजार पर जरूर असर डालता है.
रियुआ के अपार्टमेंट में पहले एक आदमी ने आत्महत्या की थी. उन्हें इस बारे में जानकारी दी गई थी. इसी वजह से उन्हें सामान्य किराये के मुकाबले कम पैसे देने पड़ते हैं. BBC की रिपोर्ट के अनुसार, टोक्यो के सेतागाया इलाके में करीब 25 वर्ग मीटर के उनके छोटे से अपार्टमेंट का सामान्य मासिक किराया 62,000 येन था. लेकिन रियुआ इसे 45,000 येन में किराये पर ले रही हैं. इसका मतलब है कि रियुआ हर महीने करीब 17,000 येन की बचत करती हैं. सामान्य किराये के मुकाबले यह लगभग 27 फीसदी कम है. यही वजह है कि कुछ लोगों के लिए ऐसे घर डर की जगह पैसे बचाने का जरिया बन जाते हैं. जापान में प्रॉपर्टी एजेंट एरिक ओस्कैम्प बताते हैं कि वहां के लोग ऐसी जगहों को लेकर काफी सतर्क रहते हैं. यहां तक कि कब्रिस्तान के पास बने अपार्टमेंट को किराये पर देना मुश्किल हो सकता है. अगर घर की रसोई से कब्रें दिखाई देती हों, तो कई लोग वहां रहना पसंद नहीं करते.
टोक्यो से दूर जापान के कागोशिमा इलाके में रहने वाली 79 साल की अमेरिकी नागरिक डायने टिंचर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. वह करीब चार दशक से जापान में रह रही हैं और टूर गाइड के तौर पर काम कर चुकी हैं. डायने ने तीन बेडरूम वाला एक बड़ा घर खरीदा. खास बात यह थी कि उस घर की कीमत आसपास के इसी तरह के मकानों से काफी कम थी. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, घर में पहले एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी. वह अकेली रहती थीं और उनकी मौत भी अकेले ही हुई थी. जापान में इस तरह की घटना के बाद प्रॉपर्टी को लेकर लोगों के मन में झिझक रहती है. डायने ने इस घर के लिए 20 मिलियन येन चुकाए, जबकि आसपास इसी तरह की प्रॉपर्टी की कीमत 45 मिलियन येन तक पहुंच सकती थी. वह कहती हैं कि उन्हें भूतों पर विश्वास नहीं है, लेकिन वह जानती हैं कि जापान में लोग ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हैं. उनके अनुसार, अगर उस घर में कोई भूत है भी तो वह उस महिला की आभारी रहेंगी, क्योंकि उसकी वजह से उन्हें इतना अच्छा घर कम कीमत पर मिल पाया.
जापान में ऐसे घरों की जानकारी देने के लिए 'ओशिमालैंड' नाम की वेबसाइट भी है. इसे 2005 में शुरू किया गया था. शुरुआत में इस पर टोक्यो की ऐसी प्रॉपर्टी की जानकारी दी जाती थी, लेकिन बाद में इसका दायरा पूरे जापान और दूसरे देशों तक बढ़ गया. इस वेबसाइट पर लोग खुद भी जानकारी जोड़ सकते हैं. इसका मतलब है कि अगर किसी घर में कोई ऐसी घटना हुई है, जिसकी वजह से उसकी छवि प्रभावित हुई हो, तो उससे जुड़ी जानकारी वेबसाइट पर शेयर की जा सकती है. डायने टिंचर को भी अपने घर के बारे में जानकारी इसी वेबसाइट से मिली थी. इससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि घर की कीमत कम क्यों रखी गई थी.
कुछ साल पहले तक ऐसे घरों को किराये पर लेना या खरीदना ज्यादातर लोगों के लिए आसान काम नहीं था. लेकिन अब जापान में घरों की बढ़ती कीमतों और रोजमर्रा के खर्च ने लोगों को दूसरे ऑप्शन पर भी विचार करने के लिए मजबूर किया है. BBC की रिपोर्ट में एक सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया है कि 2025 में आधे से ज्यादा जापानी लोगों ने कहा कि अगर किराया कम हो तो वे जिको बुक्केन में रहने के लिए तैयार हो सकते हैं. इसका मतलब है कि अब कुछ लोगों के लिए सवाल यह नहीं है कि घर में पहले क्या हुआ था, बल्कि यह है कि उस घर में रहने से कितने पैसे बच सकते हैं.
जापान में ऐसे मकानों से जुड़ी जानकारी देने के नियम भी हैं. 2021 में जारी सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, कुछ खास तरह की मौतों की जानकारी किरायेदारों या खरीदारों को देना जरूरी होता है. किराये के घरों के लिए कुछ मामलों में यह जानकारी तीन साल तक बतानी होती है, जबकि बिक्री के लिए रखी गई प्रॉपर्टी में खुलासे की जिम्मेदारी अलग हो सकती है.
रियुआ के लिए यह घर आज भी किसी आम अपार्टमेंट जैसा ही है, बस उनके मुताबिक यहां एक अनदेखा साथी भी रहता है. कदमों की आवाज और किसी के बोलने का अनुभव उन्हें अब भी होता है, लेकिन उन्होंने घर छोड़ने के बारे में नहीं सोचा. वह मानती हैं कि जिन लोगों को भूतों से डर लगता है, उनके लिए ऐसे घर में रहना मुश्किल होगा. लेकिन हर किसी की सोच एक जैसी नहीं होती. जापान में बढ़ती महंगाई के बीच ऐसे घर कुछ लोगों को सस्ता ठिकाना दे रहे हैं. कोई इन्हें डर की वजह से छोड़ देता है, तो कोई उसी डर में बचत का मौका देखता है.