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भारत में मुफ्त, अमेरिका में 550 रुपये: नवरात्रि की खरीदारी करने निकली भारतीय व्लॉगर, चार आम के पत्तों का दाम सुनकर रह गईं हैरान

भारत में पूजा-पाठ के लिए आम के पत्ते जुटाना कोई बड़ी बात नहीं है. कई घरों में ये आसपास के पेड़ों से मिल जाते हैं, लेकिन अमेरिका में यही पत्ते खरीदने के लिए अच्छी-खासी रकम खर्च करनी पड़ती है. भारतीय व्लॉगर स्वाति अग्रवाल नवरात्रि की खरीदारी करने निकलीं, तो चार आम के पत्तों की कीमत करीब 550 रुपये देखकर हैरान रह गईं. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो भारत में लोगों ने भी मजेदार कमेंट्स किए.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Oct 14, 2026, 07:01 AM IST | Updated: Oct 14, 2026, 07:05 AM IST
Image Credit: @chillout_1588_usa | अमेरिका में आम के पत्तों की कीमत!
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नवरात्रि का समय आते ही घरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. कोई माता की चौकी सजाता है, तो कोई पूजा के लिए फूल, फल और दूसरी जरूरी चीजें जुटाने में लग जाता है. इस दौरान आम के पत्तों की भी खास जरूरत होती है. ऐसे में अगर आप भारत में रहते हैं, तो इन्हें हासिल करना आमतौर पर कोई मुश्किल काम नहीं होता, लेकिन विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए पूजा का सामान जुटाना कई बार जेब पर भारी पड़ सकता है.

अमेरिका में रहने वाली भारतीय व्लॉगर स्वाति अग्रवाल गुप्ता के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. वह नवरात्रि के लिए पूजा का सामान खरीदने निकली थीं. बाजार में घूमते हुए उनकी नजर आम के पत्तों पर पड़ी. लेकिन जैसे ही उन्होंने इनकी कीमत देखी, उनका ध्यान बाकी सामान से हटकर इन्हीं पत्तों पर टिक गया.

चार पत्तों की कीमत करीब 550 रुपये!

स्वाति ने अपनी खरीदारी का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. इसमें आम के पत्तों की कीमत सामने आने के बाद भारत और अमेरिका के बीच रोजमर्रा की चीजों के दाम का अंतर चर्चा में आ गया. वीडियो में बताया गया कि चार आम के पत्तों के लिए 6 डॉलर, यानी करीब 550 रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ रहे थे. अब जरा भारत के किसी ऐसे घर के बारे में सोचिए, जहां आंगन में आम का पेड़ लगा हो. वहां पूजा के लिए पत्ते चाहिए हों, तो शायद किसी को बाजार तक जाने की जरूरत भी न पड़े. ऐसे में चार पत्तों के लिए इतनी रकम चुकाने की बात भारतीयों को हैरान कर रही है.

भारत में आसानी से मिल जाते हैं आम के पत्ते

भारत में आम के पत्तों का इस्तेमाल पूजा-पाठ और त्योहारों के दौरान लंबे समय से होता आया है. कई जगह घर के दरवाजे पर आम के पत्तों का तोरण लगाया जाता है. नवरात्रि और दूसरी धार्मिक रस्मों में भी इनकी जरूरत पड़ती है. यही वजह है कि बहुत से लोगों के लिए आम के पत्तों को बाजार से खरीदना भी जरूरी नहीं होता. आसपास किसी परिचित के घर आम का पेड़ हो, तो वहां से पत्ते मिल जाते हैं. गांवों और छोटे शहरों में तो कई जगह इन्हें जुटाना और भी आसान है. हालांकि, हर जगह आम के पत्ते मुफ्त मिलें, ऐसा भी नहीं है. शहरों में लोग पूजा की दुकानों से इन्हें खरीदते हैं. लेकिन अमेरिका में चार पत्तों के लिए बताई गई कीमत ने भारतीयों को अपने यहां की स्थिति याद दिला दी.

 

 

अमेरिका में क्यों महंगे हो सकते हैं पत्ते?

आखिर भारत में आसानी से मिलने वाले आम के पत्ते अमेरिका में इतने महंगे क्यों हैं? इसकी एक वजह वहां इनकी उपलब्धता और सप्लाई हो सकती है. विदेश में भारतीय पूजा से जुड़ी कई चीजें खास दुकानों पर मिलती हैं. इन्हें दुकानों तक पहुंचाने, संभालकर रखने और बेचने का खर्च भी कीमत में जुड़ सकता है. हालांकि, केवल इस वीडियो के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि अमेरिका में हर जगह आम के पत्ते इसी कीमत पर मिलते हैं. अलग-अलग दुकानों और शहरों में दाम बदल सकते हैं. स्वाति के वीडियो में सामने आई कीमत ने लोगों का ध्यान जरूर खींचा है, लेकिन इसे पूरे अमेरिका का भाव मानना सही नहीं होगा.

'पेड़ से तोड़ क्यों नहीं लेते?'

वीडियो देखने के बाद कुछ लोगों के मन में यह सवाल भी आ सकता है कि जब आम के पत्ते इतने महंगे हैं, तो किसी पेड़ से तोड़ क्यों नहीं लिए जाते? भारत में यह बात आसान लग सकती है, लेकिन दूसरे देश में किसी के पेड़ से बिना अनुमति पत्ते तोड़ना परेशानी खड़ी कर सकता है. किसी की निजी जमीन या बगीचे से पत्ते लेने से पहले उसकी इजाजत जरूरी है. सार्वजनिक जगहों पर भी स्थानीय नियम लागू हो सकते हैं. इसलिए विदेश में रहने वाले लोगों के लिए पूजा का सामान खरीदना कई बार ज्यादा आसान विकल्प बन जाता है.

सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए मजे

स्वाति के वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है. उनके इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और वीडियो को 67 लाख से ज्यादा बार देखे जाने की बात कही गई है. इसके बाद भारतीय यूजर्स ने कमेंट्स में अपने-अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दी. एक यूजर ने लिखा, 'सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा.' वहीं, दूसरे ने मजाक में कहा कि भारत में तो आम के पत्तों का रेट अब भी मुफ्त ही चल रहा है. कई लोगों ने बताया कि उनके यहां पूजा के लिए आम के पत्ते आसानी से मिल जाते हैं. इन कमेंट्स में हैरानी भी है और अपने देश की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी एक तरह की खुशी भी. जिस चीज को भारत में लोग मामूली समझते हैं, वही विदेश में रहने वालों के लिए त्योहार की खरीदारी का खास हिस्सा बन सकती है.

त्योहार की तैयारी ने याद दिलाया घर

स्वाति का वीडियो सिर्फ आम के पत्तों की कीमत तक सीमित नहीं रहा. इसने विदेश में रहने वाले उन भारतीयों की जिंदगी की एक झलक भी दिखाई, जो नवरात्रि जैसे त्योहारों पर घर जैसा माहौल बनाने की कोशिश करते हैं. पूजा का सामान जुटाना उनके लिए सिर्फ खरीदारी नहीं, बल्कि अपनी परंपराओं से जुड़े रहने का तरीका भी है. भारत में आम के पत्ते आसानी से मिल जाना शायद बड़ी बात न लगे, लेकिन विदेश में इन्हीं के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ें, तो अंतर साफ नजर आता है.

(Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर इंटरनेट पर मौजूद डिटेल्स को एकत्रित करके बनाई गई है. Zee News इसके प्रमाणिकता, दावों और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.)

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About the Author

संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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