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अब तक पार्क जाने का मतलब आमतौर पर टहलना, बच्चों के साथ समय बिताना या दोस्तों के साथ कुछ देर बैठना होता था. लेकिन दुबई में इस सोच को थोड़ा बदलने की कोशिश की गई है. यहां एक ऐसा पार्क तैयार किया गया है, जहां लोग हरियाली के बीच बैठकर अपने ऑफिस का काम भी निपटा सकते हैं.
दुबई के अल बरशा पॉन्ड पार्क में पहला 'वर्क फ्रॉम पार्क' हब शुरू किया गया है. इसका मकसद उन लोगों को काम करने की एक अलग जगह देना है, जो रोजाना ऑफिस या घर में बैठकर काम करते हैं और बीच-बीच में खुली जगह का मजा भी लेना चाहते हैं. इस सुविधा की शुरुआत 2 नवंबर को हुई. इसे दुबई म्युनिसिपैलिटी ने को-वर्किंग प्लेटफॉर्म लेट्सवर्क और कंस्ट्रक्शन कंपनी ग्रुप अमाना के साथ मिलकर तैयार किया है. यहां लोगों को फ्री आउटडोर सीटिंग से लेकर पैसे देकर इस्तेमाल किए जाने वाले ऑफिस स्पेस तक की सुविधा मिलेगी.
इस हब की सबसे खास बात यह है कि पार्क में बने आउटडोर वर्किंग एरिया में बैठने के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी. न ही पहले से बुकिंग कराने की जरूरत है. कोई भी व्यक्ति अपना लैपटॉप लेकर यहां पहुंच सकता है और तय की गई जगहों पर बैठकर काम कर सकता है. इसके लिए पार्क में पेर्गोला और रूफटॉप जैसे हिस्सों में बैठने की व्यवस्था की गई है. यहां इंटरनेट कनेक्शन और लैपटॉप या मोबाइल चार्ज करने के लिए पावर सॉकेट भी लगाए गए हैं. लेट्सवर्क के को-फाउंडर और सीटीओ उमर अल मेहरी ने गल्फ न्यूज को बताया कि बाहर बैठकर काम करने की सुविधा पूरी तरह फ्री रखी गई है. इसका मतलब है कि अगर किसी को सिर्फ लैपटॉप खोलकर कुछ घंटे काम करना है तो उसे इंडोर ऑफिस का किराया देने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग गर्मी या मौसम की वजह से बाहर बैठकर काम नहीं करना चाहते, उनके लिए यहां इंडोर को-वर्किंग स्पेस भी बनाया गया है. इस पूरे सेंटर में तीन तरह की सुविधाएं रखी गई हैं, जिससे अलग-अलग जरूरत वाले लोग अपनी पसंद की जगह चुन सकें. यह सेंटर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा. यहां एक साथ करीब 30 लोग को-वर्किंग एरिया में बैठ सकते हैं. इस जगह का डे पास 50 दिरहम से शुरू होता है. इसमें वाई-फाई, चार्जिंग की सुविधा और फ्री कॉफी भी शामिल है. मतलब, किसी को एक दिन के लिए ऑफिस जैसा माहौल चाहिए तो वह यहां आकर अपना काम कर सकता है. इसके लिए लंबे समय का कोई कॉन्ट्रैक्ट लेने की जरूरत नहीं होगी.
कई बार काम के दौरान ऐसी मीटिंग करनी पड़ती है, जहां शोर-शराबे से दूर बैठना जरूरी होता है. ऐसे लोगों के लिए यहां दो अलग मीटिंग रूम बनाए गए हैं. हर कमरे में अधिकतम 9 लोग बैठ सकते हैं. इन कमरों की बुकिंग एक घंटे के लिए 200 दिरहम से शुरू होती है. मीटिंग कितनी देर चलेगी, उसी हिसाब से किराया बढ़ सकता है. लंबे समय के लिए बुकिंग कराने पर यह रकम 1,200 दिरहम तक पहुंच सकती है. इसके अलावा उन लोगों के लिए भी व्यवस्था है, जिन्हें रोजाना काम करने के लिए एक तय जगह चाहिए. इसके लिए वर्कस्पेस सुइट्स बनाए गए हैं. यहां फिक्स्ड डेस्क और प्राइवेट ऑफिस मिलेंगे. इन्हें एक महीने से लेकर पूरे एक साल तक के लिए बुक किया जा सकता है.
इस हब में इंडोर स्पेस इस्तेमाल करने के इच्छुक लोग लेट्सवर्क की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जगह बुक कर सकते हैं. इसके अलावा वॉट्सऐप पर भी बुकिंग की सुविधा दी गई है. हालांकि, ओपन एरिया में बैठकर काम करने वालों के लिए पहले से कोई बुकिंग जरूरी नहीं है. वे सीधे पार्क पहुंचकर खाली जगह पर बैठ सकते हैं.
इस पहल का मकसद केवल लोगों को पार्क में बैठाकर काम कराना नहीं है. इसके जरिए ऐसे लोगों को भी एक-दूसरे से जुड़ने का मौका देना है, जो आमतौर पर पूरे दिन लैपटॉप और ऑनलाइन मीटिंग में व्यस्त रहते हैं. लेट्सवर्क के उमर अल मेहरी का कहना है कि कोशिश है कि लोग सिर्फ लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म पर एक-दूसरे से जुड़ने के बजाय असल जिंदगी में भी मिलें. इसके लिए यहां अलग-अलग कम्युनिटी एक्टिविटीज आयोजित करने की योजना है. इनमें रनिंग क्लब, फुटबॉल और टेनिस जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं. परिवार के लोग भी इस सुविधा का फायदा उठा सकेंगे. जैसे, माता-पिता अपने बच्चों को पार्क में साथ ला सकते हैं और बच्चे आसपास खेलते रहें, तब तक वे अपना काम कर सकते हैं.
दुबई जैसे शहर में खुले आसमान के नीचे काम करने का आइडिया सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन यहां गर्मी भी एक बड़ी चुनौती है. खासकर गर्मियों में तापमान काफी बढ़ जाता है. ऐसे में लंबे समय तक बाहर बैठकर लैपटॉप पर काम करना हर किसी के लिए आसान नहीं होगा. इसी वजह से आउटडोर एरिया को ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए कूलिंग की व्यवस्था और मौसम के असर से बचाने वाले फर्नीचर पर भी चर्चा चल रही है. अगर इन सुविधाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जाता है तो लोग साल के ज्यादा समय तक खुले हिस्से का इस्तेमाल कर सकेंगे.
इस पूरे प्रोजेक्ट में पांच मॉड्यूलर बिल्डिंग बनाई गई हैं. इन्हें तैयार करने का ज्यादातर काम साइट से बाहर किया गया, जिसके चलते निर्माण का काम तीन महीने से भी कम समय में पूरा हो गया. दुबई म्युनिसिपैलिटी की योजना शहर के पार्कों को सिर्फ घूमने-फिरने की जगह तक सीमित रखने की नहीं है. वह चाहती है कि इन जगहों पर काम, मनोरंजन और कम्युनिटी से जुड़ी गतिविधियों की सुविधा भी मिले. फिलहाल प्रशासन इस नए हब में आने वाले लोगों का फीडबैक जुटा रहा है. इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि लोगों को कौन-सी सुविधाएं पसंद आ रही हैं और कहां बदलाव की जरूरत है.
अगर अल बरशा पॉन्ड पार्क में शुरू किया गया यह प्रयोग सफल रहता है तो दुबई के दूसरे पब्लिक पार्कों में भी ऐसे हब बनाए जा सकते हैं. हालांकि, अभी इसे लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. फिलहाल दुबई ने उन लोगों के सामने काम करने का एक नया ऑप्शन रखा है, जो ऑफिस की तय जगह से अलग कुछ नया अनुभव करना चाहते हैं. अब देखना होगा कि लोग पार्क में बैठकर काम करने के इस आइडिया को कितना पसंद करते हैं और क्या आने वाले समय में यह शहर के दूसरे इलाकों तक भी पहुंचता है.