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चेहरे का भी लाइसेंस: चीन में AI कंटेंट बनाने वालों को चेहरा किराए पर देकर लोग कमा रहे लाखों, घर बैठे हो रही कमाई

चीन में AI का एक नया बिजनेस ट्रेंड लोगों को हैरान कर रहा है. यहां लोग अपना चेहरा AI से शॉर्ट ड्रामा, गेम और ऐड बनाने वाली कंपनियों को इस्तेमाल करने के लिए लाइसेंस दे रहे हैं. बदले में उन्हें कुछ सौ रुपये से लेकर लाखों रुपये तक मिल रहे हैं. कुछ लोगों के लिए यह घर बैठे कमाई का मौका है, तो कुछ लोग चेहरे, आवाज और पर्सनल डेटा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंतित हैं.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Sep 21, 2026, 11:03 AM IST | Updated: Sep 21, 2026, 11:10 AM IST
Image Credit: चीन में बढ़ रहा AI फेस लाइसेंसिंग का क्रेज!
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आपने फोटो खिंचवाई, मोबाइल में सेव की और बात खत्म. लेकिन चीन में अब लोगों की तस्वीरें सिर्फ यादें संभालने के काम नहीं आ रहीं. वहां कुछ लोग अपने चेहरे को ही कमाई का जरिया बना रहे हैं. दरअसल, AI की मदद से शॉर्ट ड्रामा, वीडियो गेम और विज्ञापनों में डिजिटल किरदार तैयार करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है.

इन किरदारों को इंसानी चेहरा देने के लिए कंपनियां आम लोगों के चेहरे का इस्तेमाल करना चाहती हैं. इसके बदले लोगों को पैसे दिए जा रहे हैं. इसका मतलब जरूरी नहीं कि आप एक्टर हों, मॉडल हों या सोशल मीडिया स्टार हों. अगर आपका चेहरा किसी AI प्रोजेक्ट के लिए पसंद आ गया, तो उसे इस्तेमाल करने का अधिकार देकर आप कमाई कर सकते हैं.

कुछ सौ रुपये से लाखों तक फीस

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में युआनक्सियांग शिनशेंग और जिनझुआ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म इस तरह के फेस-लाइसेंसिंग बिजनेस को बढ़ावा दे रहे हैं. इन प्लेटफॉर्म्स पर लोग रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अपनी ID वेरिफाई करते हैं. इसके बाद उनकी एक डिजिटल एक्टर प्रोफाइल तैयार होती है. इसमें उनके चेहरे को अलग-अलग तरह के AI कंटेंट में इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराया जाता है. फीस भी एक जैसी नहीं है. रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑथराइजेशन फीस 50 युआन यानी करीब 700 रुपये से शुरू होकर 99,999 युआन यानी करीब 14.5 लाख रुपये तक जा सकती है. कितना पैसा मिलेगा, यह चेहरे की डिमांड और इस्तेमाल की शर्तों पर निर्भर करता है.

बैंक कर्मचारी ने फोटो सात बार बेची

इस ट्रेंड की दिलचस्प बात यह है कि इसमें कमाई के लिए किसी फिल्म सेट पर जाने या घंटों कैमरे के सामने खड़े होने की जरूरत नहीं है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एक बैंक कर्मचारी ने सिर्फ तीन दिनों में अपनी फोटो सात बार लाइसेंस की और करीब 35 हजार रुपये कमा लिए. मतलब एक ऐसी चीज से कमाई हुई, जिसे आम तौर पर लोग सिर्फ अपनी पहचान का हिस्सा मानते हैं. इसी वजह से सोशल मीडिया पर भी इस बिजनेस को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है. कुछ लोगों को लग रहा है कि AI के दौर में कमाई का यह एक नया रास्ता हो सकता है.

लेकिन चेहरा कहां इस्तेमाल होगा, यह भी जरूरी

फेस लाइसेंसिंग का सबसे अहम हिस्सा इसकी शर्तें हैं. कुछ प्लेटफॉर्म पर लोग यह तय कर सकते हैं कि उनका चेहरा किस तरह के कंटेंट में इस्तेमाल किया जाएगा और किसमें नहीं. उदाहरण के लिए, 34 साल के चेन अपने चेहरे के एक इस्तेमाल के करीब 1,400 रुपये लेते हैं. लेकिन उन्होंने साफ शर्त रखी है कि उनका चेहरा सिर्फ फैमिली और रोमांस वाले वीडियो में इस्तेमाल किया जाए. हॉरर या एडल्ट कंटेंट में उनके चेहरे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. इससे पता चलता है कि यहां सिर्फ पैसे की बात नहीं है. चेहरा देने वाला व्यक्ति यह भी तय करना चाहता है कि AI में उसकी पहचान किस तरह दिखाई दे.

किसी को विलेन बनने में भी दिक्कत नहीं

दूसरी तरफ कुछ लोग अपने चेहरे के इस्तेमाल को लेकर ज्यादा खुले हुए हैं. जिनझुआ प्लेटफॉर्म पर लिन नाम की एक महिला की काफी डिमांड बताई गई है. वह एक बार चेहरे के इस्तेमाल के लिए करीब 7 हजार रुपये लेती हैं. खास बात यह है कि उन्हें विलेन के किरदार, कम कपड़ों वाले रोल या मौत वाले सीन में अपना चेहरा इस्तेमाल किए जाने से परेशानी नहीं है. इससे पता चलता है कि एक ही बिजनेस में लोगों की शर्तें बिल्कुल अलग हो सकती हैं. कोई सिर्फ पॉजिटिव किरदार चाहता है, तो कोई AI की दुनिया में नेगेटिव रोल निभाने के लिए भी तैयार है.

कुछ लोगों को लगता है, चोरी से भी बचाएगा

ग्वांगडोंग की रहने वाली केले का मानना है कि अपने चेहरे को कानूनी तरीके से लाइसेंस देने का एक फायदा यह भी हो सकता है कि कोई दूसरा व्यक्ति उसे बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. उनका तर्क है कि अगर किसी कंपनी को उनका चेहरा चाहिए तो उसे तय नियमों के तहत अधिकार लेना होगा और उसके लिए पेमेंट भी करना होगा. हालांकि, यह सोच अपने आप में यह सवाल भी खड़ा करती है कि डिजिटल दुनिया में आखिर किसी व्यक्ति के चेहरे पर अधिकार कितना मजबूत है. AI किसी तस्वीर को कितनी आसानी से कॉपी या बदल सकता है, यह इस पूरे कारोबार की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है.

असली खतरा कॉन्ट्रैक्ट में छिपा है

ऊपर से देखने पर यह बिजनेस बेहद आसान लगता है. फोटो दी और पैसे मिल गए. लेकिन कानूनी जानकारों ने यूजर्स को कॉन्ट्रैक्ट पढ़कर साइन करने की सलाह दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कॉन्ट्रैक्ट कंपनियों के पक्ष में ज्यादा मजबूत हो सकते हैं. इनमें यूजर की तस्वीर, नाम और आवाज के इस्तेमाल से जुड़े अधिकार काफी लंबे समय तक कंपनी को दिए जा सकते हैं. जिसके बाद किसी व्यक्ति ने एक बार सहमति दे दी तो वह अपने चेहरे या आवाज का इस्तेमाल रोकना चाहे, तब भी मामला आसान नहीं हो सकता.

समय से पहले हटे तो भारी जुर्माना

सबसे ज्यादा चिंता उन शर्तों को लेकर है, जिनमें यूजर को समय से पहले अपना अधिकार वापस लेने पर भारी जुर्माना देना पड़ सकता है. कुछ मामलों में यह जुर्माना 7 लाख रुपये से ज्यादा तक पहुंच सकता है. दूसरी तरफ अगर कंपनी पेमेंट करने में देरी करती है तो उसके ऊपर लगने वाला जुर्माना तुलनात्मक रूप से काफी कम बताया गया है. यही वजह है कि जानकारों की चिंता सिर्फ इस बात को लेकर नहीं है कि लोग अपना चेहरा कितने पैसे में बेच रहे हैं. सवाल यह भी है कि वे किस तरह के अधिकार कितने समय के लिए दे रहे हैं.

बच्चों के डेटा को लेकर भी चिंता

फेस लाइसेंसिंग के साथ पर्सनल डेटा की प्राइवेसी का मुद्दा भी जुड़ा है. किसी व्यक्ति का चेहरा सिर्फ एक तस्वीर नहीं है. AI टेक्नोलॉजी इसे डिजिटल पहचान बनाने और अलग-अलग कंटेंट तैयार करने में इस्तेमाल कर सकती है. खास तौर पर कम उम्र के बच्चों के डेटा को लेकर सवाल ज्यादा गंभीर हैं. रिपोर्ट में 14 साल से कम उम्र के बच्चों की जानकारी को लेकर प्राइवेसी रिस्क की चिंता जताई गई है. मतलब जिस चीज को आज एक आसान कमाई के रूप में देखा जा रहा है, उसका असर आगे चलकर डिजिटल पहचान और प्राइवेसी पर भी पड़ सकता है.

क्या AI चेहरे का यह बाजार टिकेगा?

सोशल मीडिया पर इस नए ट्रेंड को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है. कुछ लोगों को इसमें आम आदमी के लिए कमाई का नया मौका दिखाई दे रहा है. उनका मानना है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डिजिटल चेहरों की मांग भी बढ़ सकती है. वहीं, कुछ लोग इस मॉडल के लंबे समय तक चलने को लेकर सवाल उठा रहे हैं. अगर AI खुद किसी भी चेहरे जैसा नया चेहरा तैयार कर सकता है, तो कंपनियां असली लोगों के चेहरे का लाइसेंस लेने के लिए भविष्य में कितना पैसा खर्च करेंगी, यह अभी साफ नहीं है.

चेहरा देने से पहले शर्तें समझना जरूरी

चीन में शुरू हुआ यह ट्रेंड बताता है कि AI अब सिर्फ कंटेंट बनाने की टेक्नोलॉजी नहीं रह गया है. यह लोगों की पहचान और चेहरे को भी एक तरह की डिजिटल संपत्ति में बदल रहा है. घर बैठे कुछ हजार या लाख रुपये कमाने का मौका आकर्षक जरूर लग सकता है, लेकिन इसके साथ अपनी तस्वीर, नाम और आवाज के अधिकार किसी और को देने का सवाल भी जुड़ा है. इसलिए असली मुद्दा सिर्फ यह नहीं कि चेहरे से कितने पैसे कमाए जा सकते हैं. बड़ा सवाल यह है कि बदले में आप अपने चेहरे पर कितना अधिकार छोड़ रहे हैं.

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संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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