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दुर्गा पूजा के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में अनोखे पंडाल बनाए जाते हैं. कहीं मंदिरों जैसी सजावट होती है तो कहीं किसी ऐतिहासिक बिल्डिंग की झलक दिखाई देती है. लेकिन असम के गुवाहाटी में इस बार एक पूजा पंडाल अपने अनोखे अंदाज की वजह से चर्चा में है. यहां पूरा पंडाल झील के बीच नागलोक की थीम पर तैयार किया गया है.
बिश्नुपुर हाई स्कूल दुर्गा पूजा समिति का यह पंडाल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में झील के बीच बने पंडाल और वहां तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल की जा रही नावों की झलक दिखाई देती है. पानी के बीच इस तरह तैयार किए गए पंडाल को देखने के लिए भक्तों और दूसरे लोगों की भीड़ पहुंच रही है.
इस साल बिश्नुपुर हाई स्कूल पूजा समिति अपनी दुर्गा पूजा के 75 साल पूरे कर रही है. इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए समिति ने कुछ अलग करने का फैसला किया. इसी सोच के साथ झील पर तैरता नागलोक थीम वाला पंडाल बनाया गया. आयोजकों के अनुसार, पंडाल को इस तरह तैयार किया गया है कि लोग नाव से वहां पहुंच सकें और अंदर जाकर सजावट देख सकें. इस अनोखे इंतजाम ने पूजा को लेकर लोगों की उत्सुकता और बढ़ा दी है.
इस पंडाल की सजावट में धार्मिक प्रतीकों और नागलोक की कल्पना को खास तौर पर दिखाया गया है. पंडाल के एंट्री गेट पर झरने के नीचे शिवलिंग बनाया गया है. अंदर जाने पर भक्तों को नाग देवताओं की खूबसूरत आकृतियां दिखाई देती हैं. नागलोक की थीम को ध्यान में रखकर तैयार की गई सजावट लोगों को एक अलग ही माहौल का अनुभव कराती है. झील के बीच पंडाल होने की वजह से इसका नजारा भी बाकी पंडालों से अलग दिखाई देता है. यही वजह है कि इसका वीडियो इंटरनेट पर लोगों को आकर्षित कर रहा है.
#WATCH | Guwahati, Assam: Bishnupur High School Durga Puja celebrates its 75th year with the Northeast’s first floating ‘Naglok’-themed pandal. Built on a lake using eco-friendly materials like bamboo, the pandal has a budget of ₹25 lakh. (16.10) https://t.co/MnPyBn9uuk
— ANI (@ANI) October 17, 2026
पंडाल की एक और खास बात यह है कि इसे बनाने में बांस और इको फ्रेंडली चीजों का इस्तेमाल किया गया है. पूजा समिति के आयोजक मनोज आचार्य ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया था कि पंडाल को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से तैयार किया गया है. इस पंडाल को स्थानीय कलाकार पप्पू ने बनाया है. वह पद्मश्री से सम्मानित कलाकार नूरुद्दीन अहमद के बेटे हैं. आयोजकों के अनुसार, पंडाल को तैयार करने में करीब 25 लाख रुपये खर्च किए गए हैं.
समिति को उम्मीद है कि इस बार पंडाल देखने के लिए चार लाख से ज्यादा लोग पहुंच सकते हैं. इसके लिए लोगों को झील के बीच बने पंडाल तक ले जाने के लिए कई नावों का इंतजाम किया गया है. हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद के बीच भीड़ और नावों के संचालन को संभालना आयोजकों के लिए अहम रहेगा. पानी के बीच बने पंडाल में आने-जाने के लिए लोगों को तय व्यवस्था का पालन करना होगा.
दुर्गा पूजा हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है. कई जगह इसे दुर्गोत्सव या शारदोत्सव भी कहा जाता है. इस दौरान मां दुर्गा की पूजा की जाती है और महिषासुर पर उनकी जीत का उत्सव मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस समय मां दुर्गा धरती पर आकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं. देश के कई शहरों में दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों को खास थीम पर सजाया जाता है. आयोजक अपनी कल्पना और स्थानीय कला के जरिए हर साल कुछ नया करने की कोशिश करते हैं. गुवाहाटी का यह तैरता नागलोक पंडाल भी इसी कोशिश का उदाहरण है.
बिश्नुपुर हाई स्कूल पूजा समिति ने अपनी पूजा के 75 साल पूरे होने पर झील के बीच नागलोक थीम वाला पंडाल बनाकर इस आयोजन को खास बना दिया है. नाव से पंडाल तक पहुंचने का इंतजाम, शिवलिंग और नाग देवताओं की आकृतियां इसकी पहचान बन गई हैं. करीब 25 लाख रुपये की लागत से तैयार इस पंडाल को लेकर आयोजकों को बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के जरिए भी यह अनोखा पंडाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.