किसी भी मां के लिए इससे बड़ा दुख क्या होगा कि उसे बताया जाए कि उसका बच्चा अब इस दुनिया में नहीं रहा. एरिजोना की एलेक्सस फियोर्डिलिनो के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उनका 18 महीने का बेटा विंसेंट लोरेंजो फियोर्डिलिनो घर के स्विमिंग पूल में डूब गया था. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.
एलेक्सस को लगा कि उन्होंने अपना बच्चा हमेशा के लिए खो दिया है. उन्होंने NBC न्यूज को दिए इंटरव्यू में उस दर्दनाक पल को याद किया, जब वह अपने बेटे को आखिरी बार गले लगा रही थीं. उन्हें लगा कि बच्चे की सांसें चल रही हैं, लेकिन डॉक्टर ने कथित तौर पर इसे उसकी आखिरी सांसें बताया.
एलेक्सस के अनुसार, डॉक्टर ने उन्हें समझाया कि बच्चे की जिंदगी बचाने के लिए जो कुछ किया जा सकता था, वह किया जा चुका है. उन्होंने यह भी बताया कि इलाज को आगे बढ़ाने से बच्चे की तकलीफ बढ़ सकती है. एक मां के लिए ऐसे शब्द सुनना कितना मुश्किल होगा, इसका अंदाजा लगाना भी आसान नहीं है. एलेक्सस ने कहा कि वह नहीं चाहती थीं कि उनका बच्चा और दर्द सहे. उन्हें लगा कि डॉक्टर ने अपनी तरफ से हर संभव कोशिश कर ली है. परिवार के लिए वह पल किसी बुरे सपने से कम नहीं था. उन्हें यकीन हो गया था कि अब विंसेंट को दोबारा अपनी गोद में लेने का मौका नहीं मिलेगा.
लेकिन कुछ देर बाद कहानी में ऐसा मोड़ आया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. बच्चे को मृत घोषित किए जाने के करीब पांच घंटे बाद परिवार को पता चला कि विंसेंट अभी जिंदा है. उस समय पुलिस बच्चे के पूल में डूबने की घटना को लेकर उसके माता-पिता से पूछताछ कर रही थी. तभी एक डिटेक्टिव ने उन्हें बताया कि उनके बेटे की सांसें चल रही हैं. दरअसल, मेडिकल एग्जामिनर के कार्यालय से एक कर्मचारी बच्चे को ले जाने के लिए अस्पताल के मुर्दाघर पहुंचा था. वहां उसने 18 महीने के विंसेंट में सांस चलने के संकेत देखे. इसके बाद तुरंत मेडिकल मदद की व्यवस्था की गई और बच्चे को दूसरे अस्पताल पहुंचाया गया. एलेक्सस ने बताया कि यह खबर सुनते ही वह और उनके पति राहत से चीख पड़े. दोनों रो रहे थे और भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे थे. उनके लिए यह समझ पाना मुश्किल था कि जिस बच्चे को कुछ घंटे पहले खो चुका मान लिया था, वह अचानक जिंदा मिल गया.
We previously shared the story of an Arizona toddler who was pronounced dead and later found alive in a hospital morgue. Now, his mother is speaking out. How was a child who was still alive declared dead? This family deserves a thorough investigation—not only into what happened to their son, but also whether a review of the doctor’s prior cases identifies any similar incidents. They deserve answers, transparency, and accountability for any failures the investigation establishes. 🎥: @arizonasfamily
— Lee Merritt (@LeeMerrittesq) October 24, 2026
इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दो पुलिस अधिकारियों ने भी बच्चे को मृत घोषित किए जाने के बाद उसमें जिंदगी के संकेत देखे थे. पुलिस रिपोर्ट में दावा किया गया कि अधिकारियों ने डॉक्टर का ध्यान इस ओर दिलाने की कोशिश की थी. आरोप है कि डॉक्टर आर्यन तूसी ने उनकी बात को स्वीकार नहीं किया. रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर ने एक अधिकारी से कहा था कि वह अपना काम जानते हैं और अधिकारी उन्हें अपना काम करने दें. यह आरोप मामले को और गंभीर बना देता है. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर डॉक्टर का पक्ष भी सामने आया है. उनके वकील ने कहा कि डॉक्टर बच्चे और उसके परिवार के बारे में सोच रहे हैं और उसके जल्द ठीक होने की कामना करते हैं.
विंसेंट की जान बच गई, लेकिन उसकी हालत अब भी परिवार के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है. मां ने बताया कि बच्चा धीरे-धीरे बेहतर हो रहा है. हालांकि, परिवार के वकील जॉन ब्रेवर के अनुसार, बच्चे को गंभीर दिमागी चोट पहुंची है. वकील ने बताया कि विंसेंट को निगलने में परेशानी होती है. उसे दौरे पड़ते हैं और वह खुद से बैठने या रेंगने में भी सक्षम नहीं है. इसका मतलब है कि बच्चे के जिंदा बचने के बावजूद परिवार के सामने उसकी लंबी रिकवरी और इलाज की चुनौती है. परिवार ने इस घटना को कभी न भूल पाने वाला अनुभव बताया है. एलेक्सस ने कहा कि उन्हें आज भी उस दिन की याद आती है. उनके लिए यह समझ पाना मुश्किल है कि एक ही दिन में उन्हें बच्चे को खोने का गम भी झेलना पड़ा और उसके जिंदा होने की खबर से मिली राहत भी महसूस हुई.
बच्चे के पूल में डूबने के बाद पुलिस ने उसके माता-पिता की भूमिका की भी जांच की थी. पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को घर में गांजे जैसी गंध महसूस हुई थी और उन्हें शक था कि बच्चा उस समय बिना निगरानी के था. रिपोर्ट में कहा गया कि माता-पिता ने हादसे की सुबह गांजा पीने की बात स्वीकार की थी. शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने लापरवाही से जुड़े आरोप लगाने की सिफारिश की थी. हालांकि, मैरिकोपा काउंटी की अटॉर्नी रेचल मिशेल ने बाद में घोषणा की कि माता-पिता के खिलाफ आरोप नहीं लगाए जाएंगे. इस मामले में जांच और आरोपों को लेकर सामने आई जानकारी को परिवार की जिम्मेदारी साबित करने वाला अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता.
बच्चे के परिवार के वकील जॉन ब्रेवर ने NBC न्यूज को बताया कि वह अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं. उनका आरोप है कि माता-पिता को बच्चे की हालत के बारे में गलत जानकारी दी गई और उन्हें यह मानने के लिए कहा गया कि अब उसे बचाया नहीं जा सकता. दूसरी तरफ, डॉक्टर के वकील स्कॉट होल्डन ने बयान जारी कर कहा कि डॉक्टर बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टर की प्राथमिकता हमेशा लोगों को बेहतर इलाज, सुरक्षा और राहत देना रही है. अस्पताल ने इस घटना को बेहद दुखद बताया, लेकिन मरीज की निजता का हवाला देते हुए इलाज से जुड़ी जानकारी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
विंसेंट की रिकवरी के लिए परिवार ने ऑनलाइन फंड जुटाने की मुहिम भी शुरू की है. परिवार के अनुसार, बच्चे के फेफड़ों को ठीक होने में समय लग रहा है और उसे सांस लेने में मदद के लिए वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है. डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर रख रहे हैं और धीरे-धीरे इलाज आगे बढ़ा रहे हैं. परिवार ने आर्थिक मदद के लिए 28 हजार डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा था. जानकारी के अनुसार, उस समय तक करीब 25,751 डॉलर जमा हो चुके थे.
एलेक्सस के लिए विंसेंट का जिंदा मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं था. जिस दिन उन्हें लगा था कि उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दुख सामने आ गया है, उसी दिन उन्हें अपने बच्चे के जिंदा होने की खबर भी मिली. लेकिन इस राहत के साथ एक लंबी चिंता भी जुड़ी है. अब परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि विंसेंट की सेहत में सुधार हो और वह बेहतर जिंदगी जी सके. इसके बाद भी इस घटना ने मेडिकल जांच और मरीज की सेफ्टी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.