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अमेरिका में जादू-टोने का क्रेज: सोशल मीडिया से श्राप और प्यार के टोटके खरीद रहे लोग, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ डायन बन रहीं लड़कियां

अमेरिका में जादू-टोना अब किसी रहस्यमयी कहानी का हिस्सा भर नहीं रह गया है. सोशल मीडिया पर विच टॉक के नाम से चल रही दुनिया में प्यार पाने के टोटके, सेक्योरिटी के उपाय और यहां तक कि किसी को श्राप देने जैसी सर्विस भी ऑनलाइन मिल रही हैं. कुछ लोग इसे आध्यात्मिक रास्ता मान रहे हैं तो कुछ के लिए यह नया सोशल मीडिया ट्रेंड और कमाई का जरिया बन गया है.

अमेरिका में जादू-टोने का क्रेज: सोशल मीडिया से श्राप और प्यार के टोटके खरीद रहे लोग, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ डायन बन रहीं लड़कियां
Image Credit: अमेरिका में सोशल मीडिया पर बिक रहा जादू-टोना!

अमेरिका में जादू-टोना यानी विचक्राफ्ट को लेकर एक बार फिर लोगों की दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है. फर्क सिर्फ इतना है कि पहले ऐसी चीजों को लेकर लोग किताबों, लोककथाओं या बंद कमरों में बात करते थे, लेकिन अब यही दुनिया टिकटॉक, इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुलकर दिखाई दे रही है.

कहीं कोई प्यार पाने के लिए टोटका खरीद रहा है तो कोई अपने घर को बुरी नजर से बचाने के लिए अजीब तरह की चीजें इस्तेमाल कर रहा है. कुछ लोग तो बाकायदा ऑनलाइन विच से किसी दूसरे व्यक्ति के लिए श्राप देने की सर्विस तक ले रहे हैं. सोशल मीडिया ने इस पूरी रहस्यमयी दुनिया को एक नया बाजार दे दिया है. यहां लोग सिर्फ जादू-टोने की बातें नहीं कर रहे, बल्कि इसे कंटेंट, बिजनेस और अपनी पहचान बनाने के तरीके के तौर पर भी इस्तेमाल कर रहे हैं. सोशल मीडिया ने इस पूरी रहस्यमयी दुनिया को एक नया बाजार दे दिया है. यहां लोग सिर्फ जादू-टोने की बातें नहीं कर रहे, बल्कि इसे कंटेंट, बिजनेस और अपनी पहचान बनाने के तरीके के तौर पर भी इस्तेमाल कर रहे हैं.

घर का बैंगनी दरवाजा भी देता है संकेत

अमेरिका के कुछ बाहरी रिहायशी इलाकों में ऐसी चीजें देखने को मिल रही हैं, जो आम इंसान के लिए महज सजावट हो सकती हैं, लेकिन विचक्राफ्ट मानने वालों के लिए उनका अलग मतलब है. मसलन, घर का मेन गेट बैंगनी रंग का होना, बगीचे में नीली कांच की बोतलें रखना या कुछ खास तरह के पौधे लगाना. इन चीजों को कई लोग सेक्योरिटी और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव से जोड़ते हैं. नीली बोतलों को लेकर मान्यता है कि ये बुरी आत्माओं या नकारात्मक ऊर्जा को अपने अंदर कैद कर सकती हैं. वहीं कुछ लोग सुबह के समय पक्षियों या दूसरे जानवरों की आवाज को भी किसी तरह के संकेत से जोड़कर देखते हैं. हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार साबित नहीं हुआ है, लेकिन सोशल मीडिया ने इन्हें लोगों के बीच चर्चा का विषय जरूर बना दिया है.

टिकटॉक पर अरबों व्यूज वाला 'विच टॉक'

इस ट्रेंड को बढ़ाने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका है. टिकटॉक पर 'विच टॉक' नाम से कंटेंट का एक बड़ा हिस्सा मौजूद है. इसमें लोग अपने अनुभव बताते हैं, अलग-अलग टोटकों की जानकारी देते हैं और कई बार इन्हें ऑनलाइन बेचते भी हैं. किसी वीडियो में प्यार पाने के लिए टोटका बताया जाता है तो किसी में पूर्णिमा की रात पानी को 'चार्ज' करने जैसी बातें होती हैं. कुछ कंटेंट क्रिएटर मोमबत्ती, क्रिस्टल, पौधों और दूसरी चीजों को खास आध्यात्मिक शक्तियों से जोड़कर दिखाते हैं. हॉलीवुड की फिल्मों और सितारों ने भी इस तरह की चीजों को पॉप कल्चर में जगह दी है. ऐनी हैथवे का पूर्णिमा से जुड़ी अपनी मान्यता पर बात करना हो या सैंड्रा बुलॉक और निकोल किडमैन की फिल्म 'प्रैक्टिकल मैजिक' सीरीज की लोकप्रियता, इन सबने विचक्राफ्ट को लोगों की बातचीत में बनाए रखा है.

कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ बनीं 'विच इंफ्लुएंसर'

इस नई ऑनलाइन दुनिया की एक दिलचस्प तस्वीर उन लोगों से सामने आती है, जिन्होंने जादू-टोने को अपना पूरा सोशल मीडिया करियर बना लिया है. मैरीलैंड की 31 साल की मेगन आर्चर इसका एक उदाहरण हैं. महामारी के दौरान उन्होंने इंटरनेट के जरिए विचक्राफ्ट के बारे में सीखना शुरू किया. धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी इतनी बढ़ी कि उन्होंने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी और फुल-टाइम 'विच इंफ्लुएंसर' बन गईं. आज सोशल मीडिया पर उनके कंटेंट को बड़ी संख्या में लोग देखते हैं. उनका घर भी किसी डरावनी फिल्म की तरह नहीं, बल्कि सामान्य और खूबसूरत घर जैसा है. उनके साथ उनका पालतू चूहा फर्गस भी रहता है. इसका मतलब नई पीढ़ी के लिए 'विच' की तस्वीर भी बदल रही है. डरावनी डायन की जगह अब सोशल मीडिया पर खुद को विच कहने वाले लोग लाइफस्टाइल, आध्यात्मिकता और पर्सनल एक्सपीरियंस की बातें करते नजर आते हैं.

हॉकी मैच में भी पहुंचा श्राप का खेल

जादू-टोने की यह ऑनलाइन दुनिया सिर्फ सोशल मीडिया कंटेंट तक सीमित नहीं है. खेलों में भी इसके मजेदार उदाहरण सामने आए हैं. 2026 के स्टेनली कप फाइनल के दौरान कैरोलिना हरिकेन्स की एक फैन मारिसा ली ने विरोधी टीम के गोलकीपर कार्टर हार्ट को लेकर ऑनलाइन विच से श्राप देने की सर्विस लेने की बात सामने आई. मारिसा नहीं चाहती थीं कि विरोधी गोलकीपर अपनी टीम को खिताब जिताने में मदद करे. उन्होंने ऑनलाइन डिस्काउंट के दौरान कथित तौर पर श्राप की सर्विस खरीदी. इसके बाद जो हुआ, उसे लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब मजाक किया. गोलकीपर का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और कैरोलिना हरिकेन्स खिताब जीत गई. अब इसे संयोग कहें या टोटके का असर, सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे विचक्राफ्ट से जोड़कर खूब चर्चा की.

जब टोटका अपराध से जुड़ गया

लेकिन जादू-टोने की यह दुनिया हमेशा मजाक या मनोरंजन तक सीमित नहीं रहती. जब इसमें किसी को नुकसान पहुंचाने की सोच शामिल हो जाती है, तो मामला गंभीर हो सकता है. अमेरिका में माया मिलेट के चर्चित लापता होने और हत्या के मामले की सुनवाई के दौरान भी विचक्राफ्ट से जुड़ा पहलू सामने आया. माया के पति लैरी मिलेट को उनकी हत्या का दोषी ठहराया गया. मामले की सुनवाई के दौरान एक व्यक्ति फ्रैंक पीवी की गवाही भी महत्वपूर्ण रही, जिसे अभियोजन पक्ष ने जादू-टोना करने वाला बताया. प्रॉसिक्यूशन के मुताबिक, पत्नी के तलाक मांगने के बाद लैरी ने एक फ्रीलांस वेबसाइट के जरिए पीवी से संपर्क किया था. यह मामला दिखाता है कि जब ऐसी मान्यताएं नफरत या हिंसा के साथ जुड़ती हैं तो उनका असर बेहद गंभीर हो सकता है.

आखिर क्यों लौट रहा है सदियों पुराना जादू-टोना?

अमेरिका में विचक्राफ्ट की लोकप्रियता बढ़ने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं. सोशल मीडिया ने ऐसी मान्यताओं को लोगों तक पहुंचाना आसान कर दिया है. महामारी के बाद मानसिक शांति, आध्यात्मिकता और खुद को कंट्रोल करने की चाहत से जुड़े कंटेंट की लोकप्रियता भी बढ़ी. कई युवा इसे धर्म की तरह नहीं, बल्कि पर्सनल एक्सप्रेशन या आध्यात्मिक प्रैक्टिस के तौर पर देखते हैं. वहीं कुछ लोगों के लिए यह कंटेंट बनाने और ऑनलाइन बिजनेस खड़ा करने का तरीका बन गया है. हालांकि, इसके साथ एक जरूरी फर्क समझना भी अहम है. किसी आध्यात्मिक या सांस्कृतिक मान्यता को मानना अलग बात है, लेकिन किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने, डराने या हिंसा से जोड़ना बिल्कुल अलग मामला है. कुल मिलाकर अमेरिका में जादू-टोने की पुरानी दुनिया ने सोशल मीडिया के दौर में नया रूप ले लिया है. अब इसके लिए अंधेरे कमरे और रहस्यमयी किताबों की जरूरत नहीं, बल्कि एक स्मार्टफोन और सोशल मीडिया अकाउंट काफी है.

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About the Author

Santosh Kumar Mishra

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संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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