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दुनिया की दो बड़ी महाशक्तियों अमेरिका और चीन के रिश्ते में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका की राजकीय यात्रा पर पहुंचे हैं. 24 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया. आज वॉशिंगटन में दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक है. एक दशक से ज्यादा समय बाद जिनपिंग की यह पहली अमेरिकी राजकीय यात्रा है. जिनपिंग अमेरिकी यात्रा के दौरान टेक जगत के दिग्गजों से भी मुलाकात करेंगे.
24 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच व्हाइट हाउस में होने वाली हाई-प्रोफाइल मुलाकात पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं. इस अहम राजनीतिक हलचल के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप द्वारा आयोजित एक स्टेट डिनर ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में होने वाले इस भव्य भोज में दुनिया के सबसे बड़े टेक और बिजनेस टाइकून एक साथ नजर आने वाले हैं.
व्हाइट हाउस के अनुसार, शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन इस डिनर में खास मेहमान होंगे. हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक मेहमानों की ऑफिशियल लिस्ट जारी नहीं की है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के टेक और बिजनेस जगत से कई बड़े नाम इस खास डिनर में शामिल हो सकते हैं. इनमें अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस, टेस्ला और स्पेसएक्स के CEO एलन मस्क, अल्फाबेट के CEO सुंदर पिचाई और ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन शामिल हो सकते हैं. इसके साथ ही एनवीडिया के CEO जेनसन हुआंग, Dell Technologies के फाउंडर और CEO माइकल डेल, Apple के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन टिम कुक, Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग और Microsoft के CEO सत्य नडेला भी मेहमानों की लिस्ट में बताए जा रहे हैं.
Qualcomm के CEO क्रिस्टियानो अमोन, Citigroup की CEO जेन फ्रेजर, JPMorgan Chase के CEO जेमी डिमॉन और Pfizer के CEO अल्बर्ट बोर्ला के भी डिनर में पहुंचने की खबर है.
Trump और Xi की बैठक ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और चीन के बीच टेक्नोलॉजी को लेकर काफी खींचतान चल रही है. खासकर AI, एडवांस चिप और कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी दोनों देशों के बीच बातचीत का अहम हिस्सा बन चुके हैं. Nvidia जैसी कंपनियां चीन को एडवांस चिप बेचने से जुड़े अमेरिकी नियमों से प्रभावित हैं. वहीं Apple, Tesla और Microsoft जैसी अमेरिकी कंपनियों का चीन के मार्केट से बड़ा कारोबारी जुडाव है. ऐसे में इन कंपनियों के प्रमुखों की मौजूदगी इस डिनर को टेक जगत के लिए भी खास बना देती है.
AI को लेकर भी ट्रंप और जिनपिंग के बीच बातचीत होने की उम्मीद है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों देश राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े AI मामलों और ऐसी घटनाओं की जानकारी एक दूसरे को देने के संभावित तरीकों पर भी चर्चा कर सकते हैं. इसके साथ ही एडवांस सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी तक चीन की पहुंच और AI में दोनों देशों के बीच चल रहे मुकाबले पर भी चर्चा हो सकती है.
अमेरिका को इस बात का डर है कि उसका AI टेक्नोलॉजी और मॉडल चीन तक पहुंच सकते हैं. इसलिए अमेरिका ने चीन को AI चिप और दूसरी जरूरी तकनीक देने पर कई तरह की रोक लगाई है. अमेरिका चीन की AI कंपनियों को लेकर भी सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जताता रहा है. वहीं, चीन इन पाबंदियों का विरोध करता आया है. चीन का कहना है कि अमेरिका तकनीक के इस्तेमाल और व्यापार में रुकावट डाल रहा है.
न्यूयॉर्क में हुई बातचीत में दोनों देशों ने AI पर अलग से बातचीत शुरू करने पर भी राजी हुए हैं. अमेरिका ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि दोनों देश AI से जुड़े ऐसे सुरक्षा मामलों की जानकारी एक-दूसरे को दें, जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है.
वहीं ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली मुलाकात से पहले ट्रंप ने साफ कर दिया है कि दोनों देश एआई डेवलपमेंट की रफ्तार को धीमा नहीं करना चाहते. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ आज का दिन बड़ा अहम है. सुपर इंटेलिजेंस पर भी चर्चा होगी, लेकिन मैं इसे बिल्कुल वहीं छोड़ना चाहता हूं जहां यह अभी है. चीन का रुख भी यही है. हमारे लिए निगरानी का काम न्याय विभाग (DOJ) करेगा.
