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1 जनवरी से बदल सकता है WhatsApp-टेलीग्राम चलाने का तरीका! फोन में SIM नहीं है तो अभी जान लें ये नियम

नए साल यानी 1 जनवरी 2027 से WhatsApp और Telegram जैसे ऐप्स के इस्तेमाल करने के तरीके में बदलाव देखने को मिल सकता है. सरकार के SIM बाइंडिंग नियमों को लेकर उन यूजर्स की परेशानी बढ़ सकती है, जो बिना SIM कार्ड के फोन में ये ऐप चलाते हैं.

Written By Udbhav Tripathi
Published: Oct 22, 2026, 06:14 PM IST | Updated: Oct 22, 2026, 06:20 PM IST
Image Credit: SIM बाइंडिंग नियम
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अगर आप भी अपने पुराने या किसी ऐसे स्मार्टफोन में WhatsApp चलाते हैं जिसमें सिम कार्ड मौजूद नहीं है, तो नए साल से आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. भारत सरकार के नए SIM-Binding नियमों के लागू होते ही ऐसे यूजर्स की समस्या बढ़ सकती है, जो सिर्फ बिना सिम के ही फोन में WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं. साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम जैसे खतरों को कम करने के लिए दूरसंचार विभाग यानी DoT ने यह सख्त कदम उठाया है, जिसका सीधा असर आईफोन से लेकर एंड्रॉयड यूजर्स तक देखने को मिलेगा.

भारत सरकार के नए SIM बाइंडिंग नियमों के तहत मैसेजिंग ऐप्स को यूजर्स के अकाउंट उनके KYC वेरिफाइड SIM कार्ड से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं. DoT ने इन नियमों का पालन करने के लिए 31 दिसंबर 2026 तक का समय दिया है. वहीं, 1 जनवरी से इन नियमों के लागू होने की चर्चा के बीच उन लोगों की चिंता बढ़ गई है, जो बिना SIM कार्ड के Wi-Fi के जरिए WhatsApp इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि 1 जनवरी से किन फोन में WhatsApp काम करना बंद कर देगा. इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि WhatsApp और दूसरे मैसेजिंग ऐप इन नियमों को किस तरह लागू करते हैं.

किन फोन में आ सकती है परेशानी?

SIM बाइंडिंग का असर उन स्मार्टफोन यूजर्स पर पड़ सकता है, जो अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर वाला SIM कार्ड फोन में लगाए बिना WhatsApp या Telegram चलाते हैं. इसमें iPhone और Android दोनों तरह के फोन शामिल हो सकते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, Apple ने iOS में SIM बाइंडिंग को सपोर्ट करने के लिए कुछ बदलाव किए हैं. सितंबर में जारी एक सॉफ्टवेयर अपडेट में iPhone के अंदर SIM कार्ड न होने का पता लगाने से जुड़ा बदलाव भी शामिल बताया गया है. लेकिन, अभी ऐसे फोन की कोई लिस्ट सामने नहीं आई है, जिनमें WhatsApp बंद हो जाएगा.

क्या है सरकार का SIM बाइंडिंग नियम?

दूरसंचार विभाग ने 28 नवंबर 2025 को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे. इसका मकसद मोबाइल नंबर और उससे जुड़े मैसेजिंग अकाउंट के बीच संबंध को मजबूत करना है, जिससे फेक अकाउंट और ऑनलाइन स्कैम जैसे कामों पर रोक लगाई जा सके.

शुरुआत में नियमों के तहत WhatsApp Web जैसे वेब सेशन को हर 6 घंटे में अपने आप लॉग आउट करने की शर्त भी रखी गई थी. बाद में विभाग ने इस अनिवार्य नियम को वापस ले लिया और खतरे के आधार पर लॉग आउट करने का प्रावधान रखा. अगर किसी मामले में धोखाधड़ी का शक होता है, तो सेवा को तुरंत बंद किया जा सकता है.

इसका मतलब है कि नए नियमों के तहत WhatsApp Web हर छह घंटे में अपने आप लॉग आउट होगा, ऐसा मानना सही नहीं है. SIM बाइंडिंग का नियम इससे अलग है.

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WhatsApp के अलावा किन ऐप्स पर होगा असर?

WhatsApp और Telegram उन ऐप्स में शामिल हैं, जिन पर इन नियमों का असर पड़ सकता है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, Snapchat को SIM बाइंडिंग नियमों का पालन करना जरूरी नहीं बताया गया है. वहीं, Signal ने सरकारी नोटिस का जवाब नहीं दिया है. फिलहाल यूजर्स को परेशान होने के बजाय अपने WhatsApp अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर और SIM कार्ड की जानकारी सही रखनी चाहिए. जिससे उन्हें नए साल यानी 1 जनवरी 2027 से किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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About the Author

उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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