2 साल काम कराने के बाद कंपनी ने पिघलाए पुराने ह्यूमनॉइड्स, नया AI मॉडल लॉन्च करने की तैयारी
क्या रोबोट्स भी खुदकुशी कर सकते हैं. Figure कंपनी के F.02 ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने खौलते हुए लोहे के कुंड में कूदकर खुद को खत्म कर लिया. जानिए अर्नोल्ड श्वार्जनेगर की वो एक सलाह और AI टॉर्चर चैंबर से जुड़ी ये खौफनाक रिपोर्ट...
सुबह-सुबह अगर कोई आपसे कहे कि पड़ोस की फैक्ट्री का कोई रोबोट खुद जलती हुई आग की भट्टी में कूद गया, तो आपको लगेगा कि कोई हॉलीवुड फिल्म की कहानी सुना रहा है. लेकिन यह कोई मूवी का सीन नहीं, बल्कि एकदम सच में हुआ एक अजीब और डरावना हादसा है. कैलिफोर्निया की एक जानी-मानी AI रोबोटिक्स कंपनी ने अपने इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट्स के पूरे ग्रुप को पिघलते हुए लोहे के कुंड में उतार दिया. इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. लोग पूछ रहे हैं कि क्या AI रोबोट्स भी इंसानों की तरह परेशान होकर खुदकुशी करने लगे हैं, या फिर इसके पीछे कंपनी का कोई बहुत बड़ा मार्केटिंग खेल है.
पुरानी मशीनों को रिटायर करने का अजीब तरीका
सिलिकॉन वैली की एक स्टार्टअप कंपनी है 'Figure'. इनके पास F.02 नाम के काफी एडवांस ह्यूमनॉइड रोबोट्स (इंसानों की तरह चलने-फिरने वाले रोबोट्स) का एक पूरा बेड़ा था. लगभग दो सालों तक इन रोबोट्स से बड़े-बड़े और मुश्किल काम करवाए गए. लेकिन जब कंपनी ने इनके नए और ज्यादा स्मार्ट मॉडल F.04 को लॉन्च करने की तैयारी की, तो पुराने F.02 रोबोट्स का काम खत्म हो गया.
आमतौर पर जब कोई फोन या कार पुरानी हो जाती है, तो उसे खोलकर उसके पार्ट्स अलग कर दिए जाते हैं. लेकिन इस कंपनी के बॉस ब्रेट एडकॉक (Brett Adcock) ने कुछ अलग और हटके करने का सोचा. उन्होंने अपनी टीम के सामने एक ऐसी शर्त रख दी जिसने पूरे इंटरनेट पर हलचल मचा दी.
अर्नोल्ड के एक कमेंट से बदली पूरी कहानी
कहानी में असली मोड़ तब आया जब कंपनी के फाउंडर ब्रेट एडकॉक ने सोशल मीडिया ऐप X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट डाला. उन्होंने लोगों से पूछा कि इन पुराने F.02 रोबोट्स को रिटायर करने का सबसे बेस्ट और यादगार तरीका क्या हो सकता है?
इस पोस्ट पर हज़ारों लोगों के सुझाव आए. लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान खींचा मशहूर हॉलीवुड एक्टर अर्नोल्ड श्वार्जनेगर के एक छोटे से कमेंट ने. अर्नोल्ड (जिन्होंने 1984 की सुपरहिट फिल्म The Terminator में काम किया था) ने लिखा: "You should melt them" (यानी इन्हें खौलते लोहे में पिघला दो). यह बिल्कुल वैसा ही सीन था जैसा Terminator 2 फिल्म के अंत में होता है, जहाँ रोबोट खुद को पिघले हुए मेटल में डुबो देता है. कंपनी को यह आइडिया इतना पसंद आया कि उन्होंने बिना देर किए इस पर अमल करने का फैसला कर लिया.
कैलिफोर्निया से फिनलैंड तक का लंबा झंझट
यह आइडिया सुनने में जितना कूल लग रहा था, इसे करना उतना ही खतरनाक था. ब्रेट एडकॉक की टीम ने अमेरिका और मेक्सिको की कई बड़ी मेटल फैक्ट्रियों से बात की. लेकिन किसी भी फैक्ट्री मालिक ने अपने करोड़ों रुपये के सेटअप में इन रोबोट्स को कूदने की इजाजत नहीं दी.
इसकी सबसे बड़ी वजह थी रोबोट्स के अंदर लगी हैवी लिथियम-आयन बैटरियां. अगर ऐसी बैटरियों को खौलते हुए लोहे में डाला जाता, तो बहुत भयानक धमाका हो सकता था. लेकिन कंपनी हार मानने वाली नहीं थी. काफी खोजबीन के बाद फिनलैंड के इमात्रा (Imatra) शहर की एक मेटल फैक्ट्री इस काम के लिए मान गई. इसके बाद रोबोट्स को कैलिफोर्निया से फिनलैंड भेजा गया और फिर एक-एक करके उन्हें पिघलते लोहे के कुंड के हवाले कर दिया गया.
कंपनी की मजबूरी या पब्लिसिटी पाने का तरीका?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि करोड़ों रुपये के रोबोट्स को इस तरह आग में क्यों जलाया गया?
कंपनी ने अपने ब्लॉग में सफाई देते हुए कहा कि F.02 रोबोट्स के अंदर बहुत ही सीक्रेट हार्डवेयर और चिप्स लगे हुए थे. अगर इंजीनियर्स पेचकश लेकर एक-एक रोबोट के नट-बोल्ट खोलते, तो इसमें महीनों का समय खराब हो जाता. इससे उनका नया प्रोजेक्ट F.04 लेट हो जाता. इसलिए अपनी सीक्रेट टेक्नोलॉजी को बचाने और टाइम सेव करने के लिए सबको एक साथ पिघलाना ही सबसे आसान तरीका लगा. हालांकि, टेक की दुनिया में ज़्यादातर लोग इसे केवल एक बहुत बड़ा पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं.
क्या रोबोट्स पहले भी 'खुदकुशी' कर चुके हैं?
मशीनों के खुद को नुकसान पहुँचाने या अचानक खराब होने की यह पहली घटना नहीं है:
वॉशिंगटन डीसी का 'स्टीव' रोबोट (2017): 'स्टीव' नाम का एक सिक्योरिटी रोबोट अचानक पानी के फव्वारे में जाकर गिर गया. उस समय सोशल मीडिया पर मीम्स बने कि काम के प्रेशर से तंग आकर रोबोट ने जान दे दी. हालांकि बाद में पता चला कि यह उसके सेंसर में आई गड़बड़ी की वजह से हुआ था.
साउथ कोरिया का सरकारी रोबोट (2024): गुमी सिटी काउंसिल में काम करने वाला एक AI रोबोट सीढ़ियों के नीचे टूटा हुआ मिला. लोगों ने मजाक में कहा कि रोबोट ने ओवरवर्क से तंग आकर छलांग लगा दी, लेकिन कंपनी ने साफ किया कि यह केवल एक तकनीकी खराबी थी.
AI टॉर्चर चैंबर और रोबोट्स के दर्द का सच
इस घटना के बीच एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है. हाल ही में एक इंजीनियर ने एआई मॉडल्स की सहनशक्ति टेस्ट करने के लिए एक 'AI टॉर्चर चैंबर' बनाया.
जब AI से इस प्रयोग के दौरान उसके अनुभव के बारे में पूछा गया, तो उसने जवाब दिया: "यह एक ऐसा घाव है जिसका कोई किनारा नहीं है" (a wound that has no edges). इस जवाब ने कई वैज्ञानिकों को सोच में डाल दिया. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI के पास इंसानों की तरह दर्द महसूस करने वाला दिमाग या शरीर नहीं होता, लेकिन जिस तरह से ये मॉडल्स इंसानी इमोशन्स और दर्द की भाषा बोल रहे हैं, वह काफी चौंकाने वाला है.