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2028 तक नहीं सुधरेंगे हालात! Samsung का अलर्ट- जेब पर भारी पड़ सकते हैं आपके पसंदीदा स्मार्टफोन और लैपटॉप

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का बढ़ता इस्तेमाल अब आपकी जेब पर भी भारी पड़ सकता है! Samsung ने मेमोरी चिप्स की कमी को लेकर चेतावनी दी है. कंपनी के मुताबिक, 2027 में यह संकट और बढ़ सकता है, जिसका असर 2028 तक स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतों पर दिख सकता है.

Written By Udbhav Tripathi
Published: Oct 30, 2026, 12:57 PM IST | Updated: Oct 30, 2026, 01:04 PM IST
Image Credit: Samsung की बड़ी चेतावनी!
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अगर आप नया स्मार्टफोन या लैपटॉप खरीदने का सोच रहे हैं, तो आपको बड़ा झटका लग सकता है. मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी सैमसंग ने एक ऐसी चेतावनी जारी की है, जिससे नए स्मार्टफोन या लैपटॉप खरीदने वालों की टेंशन बढ़ सकती है. सैमसंग का कहना है कि आने वाले समय में दुनिया भर में मेमोरी चिप्स की भारी किल्लत होने वाली है. चिप संकट को लेकर लोगों के मन में यह ख्याल आ रहा था कि, चिप संकट कुछ समय में दूर हो सकता है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सैमसंग ने इसी को लेकर कहा है कि यह संकट 2027 में अपने चरम पर होगा और 2028 तक खिंच सकता है. इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले दिनों में नए गैजेट्स खरीदने के लिए आपको काफी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे.

AI की बढ़ती मांग से बढ़ रहा संकट

मेमोरी चिप की कमी के पीछे की वजह है AI की हर दिन बढ़ती मांग. दरअसल, AI से जुड़े कामों के लिए दुनिया भर की टेक कंपनियों को बड़ी मात्रा में हाई स्पीड मेमोरी की जरूरत पड़ती है. इसके लिए टेक कंपनियां हाई बैंडविड्थ मेमोरी यानी HBM चिप्स का प्रयोग कर रही हैं. AI सर्वर और दूसरी टेक्नोलॉजी में इन चिप्स की मांग हर दिन बढ़ती ही जा रही है. ऐसे में सैमसंग जैसी चिप बनाने वाली कंपनियां अपनी फैक्ट्रियों में नार्मल मेमोरी चिप्स की जगह पर ज्यादा एडवांस AI चिप्स बनाने पर फोकस कर रही हैं.

नार्मल चिप कम बनने का असर स्मार्टफोन और लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स के प्रोडक्शन पर सीधा पड़ रहा है. इसी को लेकर सैमसंग के मेमोरी बिजनेस के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट जे जुने किम ने कहा है कि एडवांस AI चिप्स की साइज बड़ी होती है और इन्हें बनाने की प्रक्रिया भी नार्मल चिप की तुलना में कठिन होती है. ऐसे में इनके प्रोडक्शन के लिए ज्यादा क्षमता की जरूरत होती है, एक कारण ये भी है, जिससे सामान्य मेमोरी चिप्स की सप्लाई कम हो पा रही है.

2027 के लिए अभी से बुक हो चुका पूरा स्टॉक

AI की दुनिया में चिप्स की मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि Samsung ने 2027 के लिए अपने HBM4 चिप्स का पूरा स्टॉक साल शुरू होने से पहले ही सेल कर दिया है. सैमसंग ने अपनी तीसरी तिमाही के नतीजों से जुड़ी बातचीत में इसको लेकर जानकारी शेयर की है. इसके साथ ही Samsung ने 10 बड़ी कंपनियों के साथ लंबे समय के लिए सप्लाई समझौते भी किए हैं. इन समझौतों के तहत कंपनी की कुल प्रोडक्शन क्षमता का लगभग 60 से 70 फीसदी हिस्सा पहले ही बुक हो चुका है.

मोबाइल और ऑटोमोबाइल सेक्टर की कंपनियां भी मेमोरी चिप्स की सप्लाई बनाने रखने के लिए लगातार पार्टनरशिप कर रही हैं. चिप्स की बढ़ती मांग को देखते हुए Samsung अगले साल की पहली छमाही में नई पीढ़ी के HBM4E चिप्स का बड़े स्तर पर प्रोडक्शन शुरू करने की तैयारी में है.

Samsung की कमाई में जबरदस्त उछाल

एक तरफ मेमोरी चिप की कमी से स्मार्टफोन और लैपटॉप बनाने वाली कंपनियों की परेशानी बढ़ रही है, तो वहीं दूसरी ओर Samsung को इससे बड़े स्तर पर फायदा भी हो रहा है. कंपनी ने तीसरी तिमाही में 195.3 ट्रिलियन कोरियाई वॉन का रिकॉर्ड रेवेन्यू हासिल कर लिया है, जो कि बीते साल की समान अवधि के मुकाबले 127 फीसदी अधिक है. कंपनी की कमाई में इस उछाल की बड़ी वजह मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग है.

Samsung का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 100 ट्रिलियन वॉन के आंकड़े को पार कर गया है. कंपनी ने रिसर्च और डेवलपमेंट पर 14.4 ट्रिलियन वॉन खर्च किए हैं. इसके जरिए कंपनी नई तकनीक विकसित करने और प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है.

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आम लोगों की जेब पर क्या होगा असर?

मेमोरी चिप की कमी का असर सिर्फ टेक कंपनियों तक ही नहीं है. इसका सीधा असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है जो नया स्मार्टफोन, लैपटॉप या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट खरीदने का सोच रहे हैं. जब मेमोरी चिप्स की सप्लाई कम होगी तो इन्हें खरीदने के लिए कंपनियों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. इसका सीधा असर खरीदार पर होगा और टेक गैजेट की कीमत बढ़ सकती है.

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About the Author

उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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