भारत में इन दिनों फेस्टिव सीजन चल रहा है. दिवाली आने वाली है. ऐसे में लोग फेस्टिव सीजन में ज्यादा खरीदारी करते हैं और मार्केट में हलचल तेज हो जाती है. लेकिन इस साल स्मार्टफोन मार्केट में स्थिति ऐसी नहीं है. हर साल दिवाली के आसपास नए फोन लॉन्च होते हैं, ऑनलाइन सेल में भी बड़ी छूट मिलती है और कई कंपनियां कस्टमर्स को एक्सचेंज और कैशबैक जैसे ऑफर भी देती है. लेकिन इस बार बाजार का हाल कुछ अलग है. फेस्टिव सीजन शुरू होने के बाद भी स्मार्टफोन की शिपमेंट में बड़ी गिरावट सामने आई है. यानी कंपनियों की ओर से मार्केट में भेजे जाने वाले फोन की संख्या पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है.
स्मार्टफोन मार्केट में आई इस कमी के पीछे कई सारी वजहें हैं. फोन की कीमतें बढ़ने से कस्टमर नया स्मार्टफोन खरीदने से पहले सोच रहे हैं. वहीं, कंपनियां और रिटेलर्स भी मार्केट की स्थिति को देखते हुए ज्यादा स्टॉक रखने से बच रहे हैं. इसके साथ ही, इस साल दिवाली देर से होने के कारण भी स्मार्टफोन मार्केट पर असर पड़ा है.
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण दुनियाभर की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, इससे भी मेमोरी समेत दूसरे पार्ट्स की कमी और ऊंची कीमतों के कारण भी स्मार्टफोन की कीमत बढ़ गई है, कीमत बढ़ने के कारण भी बहुत से लोग नया स्मार्टफोन खरीदने से बच रहे हैं.
मार्केट रिसर्च फर्म Omdia के डेटा के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट सालाना आधार पर 26 फीसदी कम होकर 3.58 करोड़ यूनिट रह गई. तीसरी तिमाही में शिपमेंट का यह सबसे कम स्तर है. इससे पहले 2016 के बाद किसी तीसरी तिमाही में मार्केट इतना कमजोर नहीं रहा था.
यह गिरावट इसलिए भी खास है, क्योंकि जुलाई से सितंबर के बीच का समय आमतौर पर फेस्टिव सीजन की तैयारियों के लिहाज से खास होता है. इस दौरान कंपनियां दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मांग को पूरा करने के लिए ज्यादा फोन भेजती हैं. लेकिन इस बार कंपनियां स्टॉक को लेकर सावधानी बरत रही हैं.
दिवाली की तारीख का भी इस पर असर पड़ा है. इस साल दिवाली देर से होने के कारण सितंबर में रिटेलर्स तक पहुंचने वाला कुछ स्टॉक अब अक्टूबर और नवंबर में भेजा जा रहा है. ऐसे में शिपमेंट के आंकड़ों पर भी असर पड़ा है.
स्मार्टफोन मार्केट में आई कमी का असर लगभग-लगभग सभी टेक कंपनियों पर पड़ा है. देश की टॉप पांच कंपनियों में से चार की शिपमेंट में सालाना आधार पर दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई. लेकिन, Samsung का प्रदर्शन बाकी कंपनियों के मुकाबले अच्छा रहा है. Samsung ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 67 लाख स्मार्टफोन भेजे. कंपनी की शिपमेंट में पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 1 फीसदी की गिरावट आई. इस प्रदर्शन के दम पर Samsung ने Vivo को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान पा लिया है. कंपनी ने आखिरी बार 2024 की पहली तिमाही में भारतीय स्मार्टफोन बाजार में नंबर-1 की जगह हासिल की थी.
बीते कुछ तिमाहियों में स्मार्टफोन मार्केट में मजबूत स्थिति रखने वाली Vivo इस बार दूसरे स्थान पर खिसक गई. कंपनी ने तीसरी तिमाही में 64 लाख स्मार्टफोन भेजे, जो पिछले साल के मुकाबले 34 फीसदी कम हैं. टॉप पांच कंपनियों में Vivo की शिपमेंट में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई. वहीं, Oppo की शिपमेंट 24 फीसदी घटकर 49 लाख यूनिट रह गई. Xiaomi ने इस दौरान 47 लाख स्मार्टफोन भेजे, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 28 फीसदी कम हैं.
Apple को भी इस तिमाही में गिरावट का सामना करना पड़ा. कंपनी की स्मार्टफोन शिपमेंट 20 फीसदी कम होकर 39 लाख यूनिट रह गई. लेकिन, इसके बावजूद भारतीय मार्केट में Apple की हिस्सेदारी 10 फीसदी से बढ़कर 11 फीसदी हो गई. इसका कारण यह है कि बाजार हिस्सेदारी सिर्फ किसी कंपनी के फोन की सेल पर ही डिपेंड नहीं है, बल्कि पूरे मार्केट के प्रदर्शन से भी जुड़ी होती है. जब मार्केट में सभी कंपनियों की शिपमेंट घटती है, तो किसी कंपनी की गिरावट कम होने पर उसकी कुल हिस्सेदारी बढ़ सकती है.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्मार्टफोन मार्केट में आई यह गिरावट सिर्फ दिवाली की तारीख और स्टॉक की टाइमिंग से जुड़ी है या फिर कस्टमर्स लंबे समय से नया फोन खरीदने से बच रहे हैं. Omdia का अनुमान है कि 2027 में भारत का स्मार्टफोन मार्केट और सिकुड़ सकता है. अगले साल मार्केट में कम स्तर की एकल अंकों वाली गिरावट आने की आशंका जताई गई है. ऐसे में स्मार्टफोन कंपनियों के सामने कस्टमर्स को नया फोन खरीदने के लिए मनाने की चुनौती होगी. इसके लिए कंपनियों को किफायती स्मार्टफोन, बेहतर फाइनेंसिंग और ऐसे नए फीचर्स पर ध्यान देना होगा, जो पुराने फोन के मुकाबले कोई खास फायदा दें.