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‘जिसने फोन में कैमरा डाला है ना…’ पैप्स पर सलमान खान का फूटा गुस्सा, जानिए मोबाइल कैमरे का इन्वेंटर कौन

सलमान खान के पैपराजी और ट्रोलिंग वाले बयान ने फिर से याद दिलाया कि फोन में कैमरे की एंट्री कैसे हुई थी. जानिए 27 साल पुराने पहले कैमरा फोन, सैमसंग के दावों और फिलिप कान के उस अनोखे जुगाड़ की पूरी कहानी.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Oct 14, 2026, 07:29 AM IST | Updated: Oct 14, 2026, 08:16 AM IST
Image Credit: Salman Khan
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सलमान खान जब भी कुछ बोलते हैं तो सीधा ट्रेंड बन जाता है. हाल ही में 'कॉफी विद करण' के एक पुराने या वायरल मोमेंट को याद करते हुए जब पैपराजी कल्चर और इंटरनेट ट्रोलिंग पर बात हुई तो सलमान ने मजाक-मजाक में बड़े गुस्से के साथ कहा, "जिसने फोन में कैमरा डाला है ना... अगर मिल गया तो..." बस फिर क्या था, सोशल मीडिया पर क्लिप वायरल होने लगी. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सलमान जिस कैमरे से इतने परेशान हैं, आखिर उस कैमरे को पहली बार मोबाइल फोन में डाला किसने था?

 

 

सलमान खान का गुस्सा 
आजकल हर जगह पैपराजी अपने फोन का कैमरा लेकर खड़े रहते हैं. स्टार्स गाड़ी से उतरें या जिम से बाहर निकलें, हर सेकेंड की फोटो क्लिक करके सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाती है. इसके बाद शुरू होती है ट्रोर्ल्स की फौज की गंदी वाली ट्रोलिंग. इसी बात से तंग आकर सलमान खान ने वो आइकॉनिक डायलॉग मारा था. आज जो कैमरा हर किसी की जेब में मौजूद है, उसकी असली शुरुआत कब और कैसे हुई थी. आइए बताते हैं...

1999 की वो क्रांति जब जापान ने रचा इतिहास
अगर हम ऑफिशियल तौर पर बिकने वाले दुनिया के पहले कैमरा फोन की बात करें तो उसका नाम था Kyocera VP-210. Android Authority की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फोन मई 1999 में जापान में लॉन्च हुआ था. इसे आम जनता के लिए पहली बार मार्केट में बेचा गया था. इस फोन के सामने एक छोटा सा 0.11 मेगापिक्सल का कैमरा लगा हुआ था. सोचिए आज हम 200 मेगापिक्सल के फोन यूज कर रहे हैं और उस समय 0.11 MP ही सबसे बड़ा अजूबा था. इसमें सिर्फ 20 फोटो सेव करने की जगह होती थी. मजेदार बात यह है कि इसमें एक छोटा सा स्टैंड भी दिया गया था ताकि लोग खुद की फोटो यानी उस जमाने की सेल्फी ले सकें. 1999 में इस फोन की कीमत लगभग 40 हजार येन थी जो आज के हिसाब से करीब 24000 रुपये से भी ज्यादा बैठती है.

अस्पताल के कमरे से शुरू हुआ था पहला असली 'जुगाड़'
जापान के इस ऑफिशियल फोन से भी पहले एक बंदे ने गजब का देसी जुगाड़ लगाया था. 1997 में फिलिप कान नाम के एक आदमी की वाइफ जब अस्पताल में बच्चे को जन्म देने वाली थी, तो फिलिप चाहते थे कि वो अपने नवजात बच्चे की फोटो तुरंत अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजें. उस समय ऐसा करने का कोई डायरेक्ट रास्ता नहीं था. तो फिलिप ने अस्पताल के कमरे में बैठे-बैठे ही कमाल कर दिया. उन्होंने अपने पास मौजूद केसियो डिजिटल कैमरे को एक मोटोरोला फ्लिप फोन और अपने लैपटॉप से तारों के जरिए जोड़ दिया. उन्होंने एक छोटा सा सॉफ्टवेयर कोड लिखा और जैसे ही उनकी बेटी सोफी का जन्म हुआ, उन्होंने पहली फोटो खींचकर 2000 लोगों को एक साथ ईमेल से भेज दी. यह दुनिया की पहली मोबाइल से भेजी गई फोटो मानी जाती है.

सैमसंग का दावा और विवाद
सैमसंग कंपनी हमेशा से यह दावा करती आई है कि दुनिया का पहला कैमरा फोन उन्होंने बनाया था. Android Authority के मुताबिक, जून 2000 में सैमसंग ने दक्षिण कोरिया में SCH-V200 नाम का एक फोन लॉन्च किया था. इसमें 0.35 मेगापिक्सल का कैमरा था और इसमें 1.5 इंच की स्क्रीन लगी थी. आप इसमें 20 फोटो खींच सकते थे. लेकिन पेंच यह था कि इस फोन से फोटो किसी दूसरे को भेजी नहीं जा सकती थी. फोटो देखने या ट्रांसफर करने के लिए फोन के कैमरे वाले हिस्से को कंप्यूटर से केबल के जरिए जोड़ना पड़ता था. 2019 में भी सैमसंग ने एक पोस्टर शेयर करके दावा किया था कि वही पहले थे. लेकिन जापानी कंपनी क्योसेरा का फोन सैमसंग से पूरे एक साल पहले आ चुका था.

शार्प का वो फोन जिसने ईमेल से फोटो भेजना सिखाया
उसी रिपोर्ट के मुताबिक, सैमसंग के ठीक कुछ महीनों बाद यानी नवंबर 2000 में शार्प कंपनी ने अपना Sharp J-SH04 (जिसे Sharp J-Phone भी कहा जाता है) जापान में लॉन्च किया. इस फोन की सबसे खास बात यह थी कि इसका कैमरा और फोन का हार्डवेयर एक साथ अच्छी तरह जुड़े हुए थे. यानी आप फोन से 0.11 मेगापिक्सल की फोटो खींचकर डायरेक्ट फोन से ही किसी को ईमेल कर सकते थे. असल मायने में आज हम जो वॉट्सएप या इंस्टाग्राम पर फोटो तुरंत शेयर करते हैं, उसकी नींव इसी शार्प जे-फोन ने रखी थी. शार्प की दावा करता है कि वो दुनिया का पहला कैमरा वाला फोन लाया था.

अमेरिका में देर से पहुंची टेक्नोलॉजी
आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस अमेरिका से आज पूरी दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां चलती हैं, वहां कैमरा फोन काफी देर से पहुंचा था. जापान और कोरिया में तहलका मचाने के 2 साल बाद यानी नवंबर 2002 में अमेरिका में पहला कैमरा फोन बिका था. इसका नाम था Sanyo SCP-5300 जिसे सान्यो कटाना भी कहा जाता था. इसकी कीमत उस समय करीब 400 डॉलर थी. यह एक फ्लिप फोन था जिसमें 0.3 मेगापिक्सल का कैमरा लगा हुआ था. टाइम मैगजीन ने तो इस फोन को दुनिया के सबसे असरदार गैजेट्स की लिस्ट में भी शामिल किया था.

आज का पैपराजी कल्चर और सलमान खान का दर्द
यह थी उस कैमरे की पूरी जन्मपत्री जो आज हर स्मार्टफोन का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है. अगर 1999 में जापान की क्योसेरा कंपनी ने वो कदम न उठाया होता या फिलिप कान ने अस्पताल में वो जुगाड़ न बनाया होता, तो शायद आज पैपराजी कल्चर इतना बड़ा नहीं होता. सलमान खान जैसे बड़े स्टार्स जो आज हर जगह कैमरों से घिरे रहते हैं और छोटी-छोटी बातों पर ट्रोल होते हैं, उनके इस दर्द की शुरुआत असल में 27 साल पहले उसी एक जापानी फोन से हुई थी.

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About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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