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सुबह 4 बजे गायब हुआ सिस्टम एक्सेस; 6 बजे आया मेल- आज आपका आखिरी दिन है! Oracle में ऐसे हुई छंटनी

ओरेकल में हुई छंटनी ने सबको झकझोर दिया है. सुबह कर्मचारियों का सिस्टम एक्सेस गायब था और फिर कुछ घंटों बाद मेल आता है-आज आपका आखिरी दिन. बिना किसी चेतावनी के नौकरी जाने के बाद कुछ कर्मचारियों ने अपने एक्सपीरियंस शेयर किए है.

Written By Udbhav Tripathi
Published: Sep 15, 2026, 06:13 PM IST | Updated: Sep 15, 2026, 08:37 PM IST
Image Credit: ओरेकल में छंटनी
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जरा सोचिए, आप रातभर नौकरी जाने के तनाव में बमुश्किल आंखें बंद करते हैं और सुबह सूरज निकलने से पहले ही, नींद में डूबे हुए आप अपना लैपटॉप खोलते हैं यह देखने के लिए कि सब कुछ ठीक तो है ना? लेकिन स्क्रीन पर जो दिखता है, वह आपके पैरों तले जमीन खिसका देता है. न कोई मीटिंग, न कोई चेतावनी और न ही कोई बॉस का फोन; बस कुछ सेकंड में आपके काम करने वाले टूल (Slack) अकाउंट गायब हो जाता है, सिस्टम लॉग-आउट हो जाता है और फिर कुछ घंटों बाद एक मेल आता है- आज आपका आखिरी दिन है. कुछ ऐसा ही हुआ है ओरेकल के कर्मचारियों के साथ.

ओरेकल ने अमेरिका में छंटनी किया है. हालांकि, अभी कर्मचारियों की संख्या का खुलासा नहीं किया है. कंपनी के इस फैसले के बाद भारत में स्थित ओरेकल डेवलपमेंट सेंटर के कर्मचारियों के बीच भी अनिश्चितता और चिंता का माहौल है.

कंपनियां AI के लिए अरबों-खरबों रुपये झोंक रही हैं, तो दूसरी तरफ अपने ही कर्मचारियों को बिना किसी चेतावनी के बाहर कर दे रही हैं. इसी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर ओरेकल से निकाले गए कर्मचारियों के दर्द छलके हैं. कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगी और सुबह-सुबह अचानक उनके सिस्टम का एक्सेस बंद कर दिया गया.

सुबह 4 बजे बंद हो गया स्लैक और लैपटॉप

रेडिट पर Odd-Impress-5815 नाम के एक यूजर ने अपना दर्द शेयर करते हुए लिखा कि वह पिछले तीन हफ्तों से लगातार तनाव में थे और उन्हें लग रहा था कि कंपनी कभी भी छंटनी कर सकती है. इस डर के मारे उनकी नींद उड़ चुकी थी. आखिरकार वही हुआ जिसका डर था. एक दिन सुबह करीब 4 बजे अचानक उनका स्लैक (Slack) अकाउंट लॉग आउट हो गया और उनका वर्क लैपटॉप भी काम करना बंद कर चुका था.

कर्मचारी ने बताया कि कंपनी की ओर से पहले कोई ऑफिशियल ईमेल या सूचना नहीं आई, बल्कि सिस्टम का एक्सेस छिनने से उन्हें पता चला कि उनकी नौकरी चली गई है. अचानक नौकरी जाने से उनके सामने वित्तीय संकट खड़ा हो गया है, खासकर उनके सिर पर चल रहे लोन और उधारी चुकाने की बड़ी चिंता है. हालांकि, उन्हें नए जॉब मिलने का भरोसा है, लेकिन इस तरह अचानक नौकरी जाने के तरीके से वे काफी आहत हैं.

5:45 बजे डिएक्टिवेट हो गई प्रोफाइल

एक दूसरे रेडिट यूजर OkMycologist6001 ने भी कुछ ऐसा ही एक्सपीरियंस शेयर किया है. उन्होंने बताया कि सुबह लगभग 5:45 बजे उनका भी स्लैक एक्सेस अचानक गायब हो गया. जब दूसरे साथियों ने चेक किया, तो उनकी प्रोफाइल डिएक्टिवेट दिखाई दे रही थी, जबकि तब तक कोई आधिकारिक मेल नहीं आया था. इस अचानक हुई कार्रवाई से कर्मचारी पूरी तरह सदमे में हैं और उनके मन में मिलीजुली भावनाएं हैं.

इस तरह रहा पूरा घटनाक्रम

सुबह 4:00 बजे
कंपनी के सिस्टम में कर्मचारियों का लॉग-इन होना बंद हो जाता है.

सुबह 5:00 बजे
मैसेजिंग एप स्लैक का एक्सेस हट जाता है.

गेट पर एंट्री बंद
ऑफिस गेट पर एंट्री कार्ड ने काम करना बंद किया.

सुबह 6:00 बजे
कंपनी मैनेजमेंट की ओर से मेल आया कि कंपनी में बदलाव के कारण आपके पद को समाप्त किया जा रहा है और आज आपका आखिरी दिन होगा.

AI पर भारी-भरकम निवेश

एक तरफ जहां ओरेकल AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खूब पैसे खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कैपिटल एक्सपेंडिचर के तौर पर 28.5 अरब डॉलर खर्च किए हैं, जो पिछले साल इसी अवधि में सिर्फ 8.5 अरब डॉलर था. कंपनी को उम्मीद है कि इस पूरे वित्त वर्ष में उसका यह खर्च 90 से 95 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा.

(ये भी पढ़ेंः Indian Railways लाया AI वाली तीसरी आंख: पेंट्री कार से लेकर बेस किचन तक लगेंगे AI कैमरे, जानें कैसे काम करेगी ये नई टेक्नोलॉजी)

दूसरी तरफ, वित्त वर्ष 2026 के दौरान ओरेकल के ग्लोबल कर्मचारियों की संख्या में लगभग 21,000 यानी 13 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है, जिससे मई के आखिरी तक कंपनी में सिर्फ 1,41,000 कर्मचारी ही बचे हैं. हालांकि, ओरेकल ने अभी तक अपनी ताजा छंटनी से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की आधिकारिक संख्या का खुलासा नहीं किया है. कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी को छंटनी जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को थोड़ा और व्यवस्थित और मानवीय तरीके से संभालना चाहिए था.

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About the Author

उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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