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अंतरिक्ष में नासा ने बोए मकई के बीज और फिर जो हुआ, देख वैज्ञानिक हैरान... क्यों स्पेस में दिशा भूल जाते हैं पौधे?

नासा ने स्पेस शटल में मकई के बीज उगाकर एक अनोखा प्रयोग किया. जानिए कैसे बिना ग्रेविटी के पौधों की जड़ें और तने अपनी दिशा भूल गए. समझें स्पेस बायोलॉजी, ग्रेविट्रोपिज्म और भविष्य की स्पेस फार्मिंग का पूरा खेल...

अंतरिक्ष में नासा ने बोए मकई के बीज और फिर जो हुआ, देख वैज्ञानिक हैरान... क्यों स्पेस में दिशा भूल जाते हैं पौधे?
Image Credit: Nasa

सोचिए कि आप एक नन्हे से पौधे का बीज जमीन में बोते हैं. उस बीज को अपने आप पता होता है कि उसकी जड़ों को जमीन के अंदर नीचे जाना है और तने को धूप की तलाश में ऊपर आसमान की तरफ बढ़ना है. लेकिन क्या होगा अगर आप उसी बीज को अंतरिक्ष में ले जाकर बो दें, जहां न ऊपर है और न नीचे?

नासा के वैज्ञानिकों ने जब स्पेस शटल में मकई यानी कॉर्न के बीजों को उगाया, तो उनके सामने कुछ ऐसा आया जिसने सबको हैरान कर दिया. पौधे उगे तो बिल्कुल तंदुरुस्त, लेकिन वे यह भूल गए कि उन्हें किस दिशा में बढ़ना है! आइए समझते हैं अंतरिक्ष में हुए इस अनोखे एक्सपेरिमेंट का पूरा सच.

अंतरिक्ष में मकई के बीजों का अनोखा प्रयोग
नासा कई दशकों से यह समझने की कोशिश कर रहा है कि बिना गुरुत्वाकर्षण यानी माइक्रोग्रेविटी के पौधे कैसे व्यवहार करते हैं. 1990 के दशक की शुरुआत में वैज्ञानिकों ने स्पेस शटल में मकई के सूखे दानों को 5 दिनों के लिए अंकुरित होने के लिए रखा. जब इन पौधों की तुलना धरती पर उगे मकई के पौधों से की गई, तो उनका वजन, हार्मोन का स्तर और सेल्स बिल्कुल नॉर्मल थे. लेकिन एक बहुत बड़ी गड़बड़ी थी - उनकी उगने की दिशा पूरी तरह बदल चुकी थी.

पौधों को कैसे पता चलता है कि ऊपर कहां है और नीचे कहां?
धरती पर पौधे गुरुत्वाकर्षण यानी ग्रेविटी को एक सिग्नल की तरह इस्तेमाल करते हैं. जड़ों का नीचे जाना और तने का ऊपर बढ़ना इस प्राकृतिक प्रक्रिया को साइंस में 'ग्रेविट्रोपिज्म' (Gravitropism) कहा जाता है. पौधों की खास कोशिकाएं ग्रेविटी के खिंचाव को महसूस कर लेती हैं. लेकिन जब पौधे अंतरिक्ष में जाते हैं, तो यह सिग्नल गायब हो जाता है. मकई के पौधे मरे नहीं, बल्कि वे दिशा को लेकर कंफ्यूज हो गए और किसी भी तरफ बढ़ने लगे.

क्या सिर्फ मकई ही दिशा भूलती है?
जी नहीं, नासा ने मकई के अलावा 'अराबिडोप्सिस थलियाना' (Arabidopsis thaliana) नाम के एक छोटे पौधे पर भी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में रिसर्च की है. इस पौधे की जड़ों ने भी अंतरिक्ष में अजीब तरीके से मुड़ना और ऐंठना शुरू कर दिया. वैज्ञानिकों ने देखा कि जब ग्रेविटी का सिग्नल गायब हो जाता है, तो पौधे रोशनी और नमी के इशारों पर निर्भर होने लगते हैं. यानी स्पेस में रोशनी पौधों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन जाती है.

अंतरिक्ष में खेती क्यों है इंसानों की मजबूरी?
नासा यह प्रयोग सिर्फ बायोलाजी के शौक में नहीं कर रहा है. भविष्य में जब इंसान चांद या मंगल ग्रह पर लंबे मिशनों के लिए जाएँगे, तो धरती से हर बार खाना ले जाना बहुत महंगा और मुश्किल होगा. एस्ट्रोनॉट्स को खुद अपना ताजा खाना उगाना पड़ेगा. अगर पौधे 5 दिन में कंफ्यूज हो रहे हैं, तो महीनों तक अंतरिक्ष में उगाई जाने वाली फसलों का क्या होगा, इसी बात को समझना सबसे जरूरी है.

क्या है नासा का आगे का प्लान?
नासा का ओपन साइंस डेटा रिपोजिटरी इस तरह के दशकों पुराने प्रयोगों का डेटा जुटा रहा है. वैज्ञानिक अब ऐसे ग्रोथ सिस्टम, स्पेशल लाइट अरेंजमेंट और जेनेटिक बदलावों पर काम कर रहे हैं, जिससे पौधों को ग्रेविटी न होने पर भी सही दिशा में उगाया जा सके. अंतरिक्ष में इंसान का टिकना तभी संभव है, जब हमारा स्पेस गॉर्डन बिना ग्रेविटी के सही से फल-फूल सके.

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About the Author

Mohit Chaturvedi

Mohit Chaturvedi

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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