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Instagram-Facebook की पैरेंट कंपनी Meta की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती हुई नजर आ रही हैं. मेटा को अब बच्चों और युवाओं की मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर कंपनी पर अमेरिका में एक नया मुकदमा शुरू हो गया है. अमेरिका की लॉस एंजिल्स की कोर्ट में यह मामला पहुंच गया है. आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में ऐसे फीचर्स दिए गए हैं, जो कम उम्र के यूजर्स को बार बार ऐप इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करते हैं. इस मामले में Snapchat की पैरेंट कंपनी Snap भी कानूनी कार्रवाई का सामना कर रही है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉस एंजिलिस की अदालत में इस मामले की सुनवाई के लिए जूरी चुनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. शिकायत करने वाली दो युवतियों का कहना है कि लंबे समय तक सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से उनकी मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ा. इस मुकदमे पर हजारों दूसरे मामलों की दिशा भी निर्भर कर सकती है.
मामले में शिकायत करने वाली युवतियों की पहचान अदालती दस्तावेजों में S.J. और K.D.B. के रूप में हुई है. इनमें एक 16 साल की लड़की इलिनॉय की रहने वाली है, वहीं दूसरी 18 साल की युवती मिसिसिपी से है.
दोनों का दावा है कि उन्होंने बहुत कम उम्र में इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल शुरू कर दिया था. उनका कहना है कि वे तीन से चार साल की उम्र में YouTube देखने लगी थीं. इसके बाद लगभग 9 साल की उम्र से दूसरी सोशल मीडिया ऐप्स का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया. शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया के लगातार इस्तेमाल से उन्हें डिप्रेशन, एंग्जायटी और खाने पीने से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा. उनका कहना है कि ऐप्स के कुछ फीचर्स यूजर्स को लंबे समय तक स्क्रीन से जोड़े रखते हैं.
इन फीचर्स में लगातार स्क्रॉल करते रहने की सुविधा, वीडियो का अपने आप चलना और Snapchat पर स्ट्रीक बनाए रखने वाला फीचर शामिल है. शिकायतकर्ताओं ने कंपनियों से मुआवजे के साथ एक्शन की मांग की है.
इस मामले में दोनों कंपनियों के खिलाफ दायर दावों की स्थिति अलग अलग है. इलिनॉय की किशोरी ने Meta के खिलाफ अपना दावा समझौते के जरिए सुलझा लिया है, वहीं मिसिसिपी की युवती कंपनी के खिलाफ अपना केस आगे बढ़ा रही है. दोनों युवतियों के Snap के खिलाफ दावे जारी हैं. शिकायतकर्ताओं ने YouTube और TikTok को भी मामले में शामिल किया था, लेकिन सुनवाई शुरू होने से पहले ही इन कंपनियों ने समझौता कर लिया.
Meta ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि किसी बच्चे के मेंटल हेल्थ पर कई चीजों का असर पड़ सकता है. कंपनी का यह भी कहना है कि उसने पिछले एक दशक में अपने प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा से जुड़े कई कदम उठाए हैं. वहीं, Snap का कहना है कि Snapchat दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तरह काम नहीं करता. कंपनी ने यह भी कहा है कि उसने अपने यूजर्स की सुरक्षा के लिए कई उपाय किए हैं.
मामले की सुनवाई कई हफ्तों तक चलने की उम्मीद है. Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग, Instagram प्रमुख एडम मोसेरी और Snap के CEO इवान स्पीगल के भी अदालत में गवाही देने की संभावना है.
सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ बच्चों की मेंटल हेल्थ को लेकर चल रहे मामलों में यह दूसरा ऐसा ट्रायल है, जिसमें पर्सनल शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कंपनियों ने जानबूझकर अपने प्लेटफॉर्म इस तरह तैयार किए, जिससे यूजर्स को इनकी आदत लग सकती है. इससे पहले मार्च में एक दूसरे मामले में जूरी ने Meta और YouTube को लापरवाही का जिम्मेदार माना था और 6 मिलियन डॉलर यानी करीब 60 लाख डॉलर का हर्जाना देने का फैसला सुनाया था.
लॉस एंजिलिस की कोर्ट में ऐसे 3,000 से ज्यादा मुकदमों को एक साथ जोड़ा गया है. इन मामलों में आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के डिजाइन और फीचर्स ने कम उम्र के यूजर्स को नुकसान पहुंचाया. अब ताजा मुकदमे का नतीजा दूसरी शिकायतों के लिए भी अहम हो सकता है. इससे यह तय करने में मदद मिल सकती है कि सोशल मीडिया कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा और मानसिक सेहत से जुड़े आरोपों का कानूनी तौर पर किस तरह सामना करना होगा.