iPhone बना साइबर चोरों का रिमोट! आप रील्स देखेंगे... पीछे से हैकर्स अकाउंट कर देंगे खाली, बचना है तो तुरंत करें ये काम
आईफोन यूजर्स के लिए बड़ी चेतावनी सामने आई है. बिना किसी लिंक पर क्लिक किए केवल सोशल मीडिया स्क्रॉल करने से मालवेयर आपके फोन को निशाना बना रहे हैं. जानिए कैसे बचें और अपने पैसों को सुरक्षित रखें.
आजकल साइबर ठगों ने लूटने का ऐसा खतरनाक और नया तरीका निकाल लिया है जिसके बारे में सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी. पहले क्या होता था कि अगर आपके पास कोई फर्जी लिंक आता था और आप उस पर क्लिक कर देते थे, तभी फोन हैक होता था. लेकिन अब ऐसा बिल्कुल नहीं है. अब तो बिना किसी लिंक पर क्लिक किए भी आपका पूरा बैंक अकाउंट खाली हो सकता है.
इंस्टाग्राम पर बस स्क्रॉल करना पड़ सकता है भारी
आजकल हर कोई खाली बैठते ही फोन स्क्रॉल करने लगता है. मीम्स देखना, ट्रेंडिंग टॉपिक्स पढ़ना या इंस्टाग्राम की रील्स में खो जाना हम सबका रोज का रूटीन बन चुका है. लेकिन हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने सचमुच सबको डरा दिया है. याहू फाइनेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कैमर्स को अब आपके फोन में वायरस या मालवेयर भेजने के लिए किसी लिंक या मैसेज की कोई जरूरत नहीं है. वे सीधे उन वेबसाइट्स और विज्ञापनों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिन पर आप आंख बंद करके भरोसा करते हैं. आप बस नॉर्मल ब्राउज कर रहे होते हैं और उनका काम चुपचाप हो जाता है.
आखिर क्या है यह नया और खतरनाक खेल?
सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे कुछ छिपे हुए आईओएस टूल्स और मालवेयर होते हैं. मान लीजिए आप इंटरनेट पर किसी ट्रेंडिंग टॉपिक या किसी पॉपुलर वेबसाइट पर गए या फिर इंस्टाग्राम पर अपनी फीड ऊपर-नीचे कर रहे हैं, तो यह मालवेयर बिना आपकी जानकारी के फोन के अंदर घुस जाता है. इस खतरनाक तरीके को मालविराइंग कहा जाता है. एक बार यह फोन के अंदर पहुंच गया, तो समझो खेल शुरू. ये चुपचाप आपके सारे पासवर्ड्स, सेंसिटिव जानकारी और यहां तक कि क्रिप्टो वॉलेट्स तक को साफ कर देते हैं.
बिना किसी गलती के भी लोग हो रहे हैं कंगाल
आम तौर पर हम सोचते हैं कि जब हमने किसी अनजान लिंक पर क्लिक ही नहीं किया, तो हम तो पूरी तरह से सेफ हैं ना? लेकिन इस मामले में यह सोच बिल्कुल गलत साबित हो रही है. iVerify नाम की एक सिक्योरिटी कंपनी के सीईओ रॉकी कोल ने बताया कि लोग यहां असल में कोई गलती कर ही नहीं रहे हैं. वे तो बस अपना फोन चला रहे हैं और नॉर्मल स्क्रॉलिंग कर रहे हैं. इसी दौरान उनके फोन पर हमला हो जाता है. पीड़ितों को तो यह भनक तक नहीं लगती कि उनके अपने ही फोन का इस्तेमाल उनके खिलाफ एक खतरनाक हथियार की तरह किया जा रहा है.
पुलिस और प्रशासन के भी उड़ चुके हैं होश
इस तरह के मामलों ने अब पुलिस और साइबर सेल की भी नींद उड़ा कर रख दी है. अमेरिका के एरिजोना में रहने वाले एक शख्स डेविड के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था, जिसकी जिंदगी भर की कमाई इस स्कैम की भेंट चढ़ गई थी. हालांकि पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद तकनीक का इस्तेमाल करके उसके पैसे वापस तो दिला दिए, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना था कि उन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा अजीब केस कभी नहीं देखा था. ठगों ने उस शख्स के फोन को सीधे एटीएम या बैंक खाते का डायरेक्ट पोर्टल बना दिया था. पुलिस का यह भी साफ कहना है कि अगर ऐसी वारदातों की रिपोर्ट शुरुआती बहत्तर घंटों के अंदर न की जाए, तो डूबा हुआ पैसा वापस मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है.
डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टो ऐप्स पर सबसे बड़ा खतरा
हम में से ज्यादातर लोगों को यह लगता है कि एप्पल के प्रोडक्ट्स और आईफोन इतने सिक्योर होते हैं कि उनमें कोई वायरस आ ही नहीं सकता. लेकिन जैसे-जैसे हम लोग डिजिटल पेमेंट, एप्पल पे और क्रिप्टो ऐप्स का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं, वैसे-वैसे ये शातिर ठग भी नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं. एक बार अगर इन चोरों के पास आपकी थोड़ी सी भी जानकारी पहुंच गई, तो वे खेल बदल देते हैं. वे आपके अकाउंट की सारी डिटेल्स बदलकर अपनी डिटेल्स डाल लेते हैं. इसके बाद आप जो भी पैसा भेजेंगे, वो सीधा उनके पास जाएगा और आपकी गाढ़ी कमाई पलभर में हवा हो जाएगी.
खुद को और अपने पैसों को सेफ रखने के लिए क्या करें?
सॉफ्टवेयर अपडेट रखें: एप्पल जब भी कोई नया सिक्योरिटी अपडेट या पैच भेजे, उसे तुरंत अपने फोन में डाउनलोड और इंस्टॉल कर लीजिए.
लॉकडाउन मोड: अगर आप अपने आईफोन पर क्रिप्टो या बड़े लेन-देन का काम करते हैं, तो फोन की सेटिंग्स में जाकर 'लॉकडाउन मोड' को ऑन कर लें. इससे आपके फोन को एक एक्स्ट्रा सुरक्षा कवच मिल जाता है.
पब्लिक वाई-फाई: कभी भी किसी भी ओपन जगह या फ्री पब्लिक वाई-फाई से अपने बैंक अकाउंट में लॉगिन न करें. न ही ऐसे ओपन नेटवर्क पर डिजिटल वॉलेट में अपनी कोई पर्सनल या बैंक डिटेल भरें.
पेमेंट्स को मैनुअली एक्सेप्ट करें: अपने डिजिटल पेमेंट ऐप्स की सेटिंग्स में थोड़ा बदलाव करें और पैसों को अपने आप एक्सेप्ट होने के बजाय खुद मैनुअली अप्रूव करने का ऑप्शन चुनें, ताकि आपकी मर्जी के बिना एक भी रुपया कहीं न जा सके.
सिक्योरिटी ऐप्स का सहारा लें: अगर आपको थोड़ा सा भी शक है कि आपके फोन के साथ कुछ गड़बड़ हो सकती है, तो iVerify Basic जैसे भरोसेमंद ऐप्स की मदद से अपने फोन को स्कैन कर लें.