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आज से 8 साल पहले साल 2018 में जब एलन मस्क ने अपनी पहली उड़ान के दौरान अपने फाल्कन हेवी रॉकेट से लाल रंग की टेस्ला कार अंतरिक्ष में भेजी थी, तो इस लॉन्च ने दुनियाभर में चर्चा बटोरी थी. अब ऐसा ही कुछ कमाल भारत के एक स्टार्टअप ने कर दिखाया है. ये चेन्नई का एयरोस्पेस स्टार्टअप 'एरोलॉन्च इंडिया' है, जिसने पेंट प्रोटेक्शन फिल्म (PPF) लगा एक छोटा कार बोनट अंतरिक्ष की दहलीज तक पहुंचा दिया है.
2 घंटे की इस ऐतिहासिक उड़ान के दौरान बोनट बेहद कम तापमान और तेज UV विकिरण के संपर्क में आया. इसके बाद यह सुरक्षित नीचे लौट आया और लॉन्च वाली जगह से करीब 30 किलोमीटर दूर मेलकंगायन कुप्पम में उतरा. कंपनी का दावा है कि उड़ान के बाद फिल्म पर कोई खरोंच नहीं मिली.

एरोलॉन्च इंडिया के 'HAB0226' मिशन को 1 नवंबर को कुड्डालोर के कृष्णासामी कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस से लॉन्च किया गया था. कार डिटेलिंग ब्रांड 'कार्जस्पा' के 20 साल पूरे होने पर यह हाई-एल्टीट्यूड बैलून मिशन भेजा गया, जो कार के बोनट को जमीन से 21 किलोमीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई तक ले गया. इस उड़ान के दौरान पेलोड ने माइनस 50 डिग्री सेल्सियस (-50°C) की जमा देने वाली ठंड को झेला.
कार्जस्पा के मुताबिक, मिशन पूरा होने के बाद जब बोनट वापस लौटा, तो उनकी 'एजिस एक्सजी' पेंट प्रोटेक्शन फिल्म पर एक खरोंच तक नहीं आई और वह एकदम चमकती रही. जमीन पर रोजमर्रा की ड्राइविंग के मुकाबले 21 किलोमीटर ऊपर के हालात बेहद जानलेवा होते हैं. वहां हवा न के बराबर होती है, पारा शून्य से बहुत नीचे चला जाता है और सूरज की तेज यूवी किरणें किसी भी कोटिंग को बर्बाद कर सकती हैं, लेकिन यह फिल्म हर कसौटी पर खरी उतरी.
कार के इस छोटे बोनट को सुरक्षित ऊपर भेजने के लिए 'एरोलॉन्च इंडिया' ने शुरुआत से ही एक खास ढांचा तैयार किया था. इसमें कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए हल्के पॉलीस्टाइनिन और मजबूती देने के लिए कार्बन फाइबर पाइप लगाए गए थे. इस पूरी उड़ान को 360-डिग्री कैमरे से 5.7K अल्ट्रा-हाई रेजोल्यूशन में रिकॉर्ड किया गया, जिसमें नीले आसमान और सफेद बादलों के बीच कार का बोनट साफ तैरता हुआ नजर आया.
इस बैलून मिशन में सिर्फ कार का बोनट ही नहीं भेजा गया था, बल्कि इसके साथ सूरत के एयरोस्पेस स्टार्टअप 'स्टार' का बनाया एक खास यूवी डेटा लॉगर भी लगाया गया था. इस डिवाइस ने पूरी उड़ान के दौरान अलग-अलग ऊंचाई पर रेडिएशन और सूरज की खतरनाक किरणों का बिल्कुल सटीक डेटा रिकॉर्ड किया.
कार्जस्पा के प्रवक्ता ने कहा, '20 साल पहले हमने हर कार को बिल्कुल नया बनाए रखने के मकसद से शुरुआत की थी. 20 साल पूरे होने पर हम दुनिया को दिखाना चाहते थे कि हमारी 'एजिस एक्सजी' फिल्म कितनी मजबूत और दमदार है. एरोलॉन्च इंडिया के साथ इसे अंतरिक्ष की दहलीज़ तक जाते देखना हमारे लिए और उन 25 लाख कार मालिकों के लिए गर्व की बात है, जिन्होंने अपनी गाड़ियों के रंग को सुरक्षित रखने के लिए हम पर भरोसा जताया.'
एरोलॉन्च इंडिया की शुरुआत 2021 में हेमप्रशांत और श्री रंगनाथन ने की थी. यह स्टार्टअप हाई-एल्टीट्यूड बैलून मिशन तैयार करने में माहिर है, जिसके गुब्बारे जरूरत पड़ने पर जमीन से 35 किलोमीटर ऊपर तक उड़ान भर सकते हैं.
फाउंडर्स ने इस कामयाबी पर कहा, 'शुरुआत में हमारे मिशन सिर्फ बैलून प्लेटफॉर्म देने तक ही सीमित थे. लेकिन HAB0226 मिशन साबित करता है कि हम कितना आगे निकल आए हैं. लगभग 5 साल की रिसर्च और कड़ी मेहनत ने हमें सिखाया कि मिशन की जरूरत के हिसाब से पेलोड कैसे तैयार किया जाता है. अब हम न सिर्फ ब्रांड्स के खास मिशन पूरे कर रहे हैं, बल्कि वैज्ञानिक उपकरणों के साथ डेटा और वीडियो फुटेज जुटाकर पेलोड को एकदम सुरक्षित वापस भी ला रहे हैं.'