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Gandhi Jayanti से पहले फोन पर आया बापू का कॉल! समझें विशिंग का पूरा खेल

गांधी जयंती 2026 से पहले 'Mahatma Gandhi' नाम से आ रहे फर्जी कॉल्स का क्या है पूरा सच? जानिए कॉलर ID के धोखे, Vishing स्कैम और खुद को साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रखने के सबसे आसान टिप्स.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Sep 30, 2026, 10:49 AM IST | Updated: Sep 30, 2026, 11:17 AM IST
Image Credit: Gandhi Jayanti
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आजकल स्मार्टफोन्स की दुनिया में एक बहुत ही अजीब और हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है. लोगों के मोबाइल स्क्रीन पर अचानक 'Mahatma Gandhi' नाम से इनकमिंग कॉल फ्लैश हो रही है. गांधी जयंती 2026 से ठीक पहले आए इस वायरल कॉल ने सोशल मीडिया और यूथ के बीच भारी उत्सुकता पैदा कर दी है. लोग सोच रहे हैं कि आखिर बापू के नाम से फोन कौन कर रहा है? लेकिन दोस्तों, ये सिर्फ एक मजेदार घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे छिपा है एक बेहद खतरनाक साइबर फ्रॉड का जाल. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आपकी स्क्रीन पर दिखने वाले नाम पर आंख बंद करके भरोसा करना कितना भारी पड़ सकता है.

क्या सच में 'महात्मा गांधी' आपको कॉल कर रहे हैं?
सबसे पहले तो एकदम साफ-साफ समझ लीजिए कि इसका जवाब है नहीं. इंटरनेट और कॉलर ID सर्विस देने वाले ऐप्स (जैसे Truecaller) पर जो नाम आपको दिखाई देता है, वो 100% वेरिफाइड नहीं होता. ये ऐप्स क्राउडसोर्सिंग यानी आम लोगों द्वारा दिए गए सुझावों और फीडबैक से डेटा इकट्ठा करते हैं. अगर किसी ग्रुप या कुछ यूजर्स ने मिलकर किसी नंबर का नाम 'Mahatma Gandhi' सेव करके ऐप पर सजेस्ट कर दिया, तो ऐप वही नाम आपकी स्क्रीन पर दिखाने लगता है. इसलिए कॉलर ID पर दिखने वाला नाम किसी इंसान की असली पहचान का पक्का सबूत नहीं है.

स्कैमर्स क्यों यूज कर रहे हैं 'Mahatma Gandhi' का नाम?
सोचिए, अगर आपके फोन पर किसी अनजान नंबर से कॉल आए, तो शायद आप उसे इग्नोर कर देंगे. लेकिन अगर स्क्रीन पर लिखा आए 'Mahatma Gandhi', 'Police Dept', 'State Bank Manager' या किसी बड़ी हस्ती का नाम, तो आप अपनी उत्सुकता (Curiosity) को रोक नहीं पाएंगे. आप सोचेंगे कि भाई, जरा उठाकर देखें तो सही कि कौन है!

साइबर अपराधी इसी 'Curiosity' यानी आपकी जिज्ञासा का फायदा उठाते हैं. इसे टेक्नोलॉजी की भाषा में सोशल इंजीनियरिंग (Social Engineering) कहते हैं. इसमें हैकर्स आपके कंप्यूटर या फोन को हैक करने के बजाय आपके दिमाग और भावनाओं के साथ खेलते हैं.

कैसे काम करता है यह पूरा स्कैम?
एक बार जब आप उत्सुकता में आकर फोन उठा लेते हैं, तो सामने बैठा फ्रॉडस्टर अपना असली खेल शुरू करता है. वो आपसे बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से बात करेगा और अचानक ऐसी बातें कहेगा जिससे आप डर जाएं या हड़बड़ी में आ जाएं.

वे अक्सर ये बहाने बनाते हैं:

हड़बड़ी और डर में आकर लोग अपना OTP, पासवर्ड, PIN या बैंक डिटेल्स शेयर कर बैठते हैं, और कुछ ही सेकंड्स में उनका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है.

विशिंग (Vishing) क्या होता है और इससे कैसे बचें?
फोन कॉल के जरिए किए जाने वाले फ्रॉड को Vishing (Voice Phishing) कहा जाता है. इसमें कॉलर खुद को बहुत बड़ा अफसर या बैंक कर्मचारी बताकर आपसे पर्सनल जानकारी मांगता है.

याद रखें, कोई भी असली बैंक, पुलिस या सरकारी विभाग आपसे फोन पर ये चीजें कभी नहीं मांगता:

साइबर फ्रॉड से बचने के 5 गोल्डन रूल्स

संदिग्ध नंबरों को ब्लॉक और रिपोर्ट कैसे करें?
अगर आपके पास ऐसा कोई भी फेक या सस्पेक्टेड कॉल आता है, तो उसे तुरंत अपने फोन या Truecaller ऐप पर जाकर Block & Report Spam कर दें. इससे बाकी यूजर्स को भी अलर्ट मिलने में मदद मिलती है.

अगर आपको लगता है कि आपके साथ कोई साइबर फ्रॉड हुआ है या होने की कोशिश की गई है, तो भारत सरकार के National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराएं. इसके अलावा आप तुरंत 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

अगर गलती से डिटेल्स शेयर हो जाएं तो क्या करें?
अगर आपने गलती से किसी अनजान कॉलर को अपनी बैंकिंग डिटेल्स या OTP दे दिया है, तो बिना एक सेकंड गंवाए ये स्टेप्स उठाएं:

(Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य साइबर सुरक्षा जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है. कॉलर ID पर किसी भी असामान्य नाम का दिखना अपने आप में यह सिद्ध नहीं करता कि वह कॉल पूरी तरह से धोखाधड़ी ही है. यूजर्स को सलाह दी जाती है कि किसी भी संदिग्ध बातचीत पर आंख बंद करके भरोसा न करें, आधिकारिक चैनलों से जानकारी की जांच करें और किसी भी साइबर अपराध की शिकायत तुरंत सरकारी हेल्पलाइन या पोर्टल पर दर्ज कराएं.)

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About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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