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इंटरव्यू के नाम पर डाउनलोड कराई एक फाइल और साफ हो गए करोड़ों! 100 देशों के 7 हजार IT प्रोफेशनल्स के साथ हुआ बड़ा खेला

वर्क फ्रॉम होम और रिमोट जॉब की तलाश कर रहे लोगों के लिए साइबर ठगी का नया खतरा सामने आया है. नॉर्थ कोरियाई हैकर्स ने नौकरी और ऑनलाइन इंटरव्यू का झांसा देकर 100 से ज्यादा देशों में 7 हजार से भी ज्यादा IT प्रोफेशनल्स के साथ ठगी की.

Written By Udbhav Tripathi
Published: Sep 22, 2026, 08:05 AM IST | Updated: Sep 22, 2026, 08:14 AM IST
Image Credit: फर्जी इंटरव्यू मालवेयर स्कैम
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अगर आप भी घर बैठे कोई वर्क फ्रॉम होम, रिमोट जॉब या फ्रीलांस काम खोज रहे हैं, तो जरा सावधान हो जाइए. आज के डिजिटल दौर में नौकरी खोजना जिता आसान लग रहा है, उतना ह खतरनाक भी साबित हो सकता है. जरा सोचिए, आप किसी बड़ी कंपनी में नौकरी के लिए ऑनलाइन इंटरव्यू दे रहे हैं, इंटरव्यूअर आपसे बहुत कायदे से पेश आ रहा है, और आप अपनी काबिलियत साबित करने के लिए उसकी भेजी हुई एक छोटी सी फाइल डाउनलोड करते और फिर कुछ ही मिनटों में आपकी गाढ़ी कमाई, पर्सनल पासवर्ड्स और आपकी कंपनी का सारा गुप्त डेटा किसी दूसरे देश में बैठे हैकर्स के पास पहुंच जाए.

इसी तरह के मामले को लेकर जापान, जर्मनी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की एजेंसियों ने एक बड़ा खुलासा किया है. खुलासे में बताया गया है कि नॉर्थ कोरिया के शातिर हैकर्स ने दुनिया भर के हजारों आईटी जॉब सीकर को अपना टारगेट बनाया है और लगभग 100 करोड़ रुपये उड़ा लिए हैं. यह पूरा खेल वाटरप्लम यानी कॉन्टैगियस इंटरव्यू नाम के एक खतरनाक हैकर ग्रुप से ऑपरेट किया जा रहा है. इस गिरोह ने पिछले साल दिसंबर से लेकर जुलाई 2026 के बीच 100 से ज्यादा देशों के 7,000 से ज्यादा लोगों को निशाना बनाया और उनके क्रिप्टो वॉलेट से पैसे साफ कर दिए. यह जानकारी जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी की एजेंसियों की ओर से जारी एक संयुक्त एडवाइजरी में दी गई है.

इस हैकर्स ग्रुप ने 7 हजार से ज्यादा क्रिप्टो वॉलेट से जुड़ी जानकारी जुटाई और लगभग 1.7 अरब जापानी येन, यानी लगभग 100 करोड़ रुपये नार्थ कोरिया भेजे.

ऐसे दिया नौकरी का झांसा

हैकर्स सोशल मीडिया, ऑनलाइन जॉब पोर्टल, फ्रीलांस वेबसाइट और दूसरे प्लेटफॉर्म पर खुद को रिक्रूटर या AI और क्रिप्टो कंपनियों का कर्मचारी बताते थे. नौकरी के लिए संपर्क करने वाले लोगों को ऑनलाइन इंटरव्यू या कोडिंग टेस्ट देने के लिए कहा जाता था. इसके बाद उम्मीदवारों से कोई फाइल डाउनलोड करने या एक खास प्रोग्राम चलाने को कहा जाता था. कई बार हैकर्स वीडियो कॉल में तकनीकी खराबी बताकर एक फाइल चलाने के लिए कहते थे. जैसे ही उम्मीदवार उस फाइल को डाउनलोड करता, डिवाइस में खतरनाक मालवेयर पहुंच जाता था.

इसके बाद हैकर्स कंप्यूटर में मौजूद पासवर्ड, ब्राउजर लॉगिन, स्क्रीनशॉट, फाइल, कॉपी किए गए डेटा, टाइप की गई जानकारी और क्रिप्टो वॉलेट से जुड़ी जानकारी चुरा सकते थे. जांच में BeaverTail, InvisibleFerret, OtterCookie, OtterCandy और StoatWaffle जैसे मालवेयर का नाम सामने आया है. ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट जैसे पहचान से जुड़े दस्तावेज भी इनके निशाने पर थे.

(ये भी पढ़ेंः खुद दीपफेक का शिकार हुआ यह भारतीय छात्र, फिर बनाई ऐसी AI टेक्नोलॉजी, जिससे अब बड़े-बड़े हैकर्स भी कांप रहे)

सिर्फ नौकरी ढूंढने वालों को नहीं खतरा

इस मामले में खतरा सिर्फ किसी एक व्यक्ति तक ही नहीं था. अगर संक्रमित कंप्यूटर किसी कंपनी के कर्मचारी का होता, तो हैकर्स उसके जरिए कंपनी के नेटवर्क तक भी पहुंच सकते थे. इससे सोर्स कोड, पासवर्ड, कारोबारी जानकारी और दूसरी गोपनीय चीजें चोरी होने का खतरा था. जांच में यह भी सामने आया कि कुछ नार्थ कोरियन IT वर्कर्स अपनी पहचान और असली लोकेशन छिपाकर विदेशों में रिमोट नौकरी हासिल कर रहे थे. इसके लिए दूसरे लोगों की पहचान और ऐसे कंप्यूटर सेटअप का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें एक जगह रखकर दूसरी जगह से चलाया जाता था.

अधिकारियों ने IT प्रोफेशनल्स और कंपनियों को सलाह दी है कि नौकरी या इंटरव्यू के नाम पर मिली अनजान फाइल को डाउनलोड करके न चलाएं. किसी संदिग्ध गतिविधि का पता चलने पर सिस्टम को तुरंत अलग करना भी जरूरी है.

(ये भी पढ़ेंः बेकाबू AI पर Break लगाने वाला Kill Switch! खतरनाक AI को एक सेकंड में कर देगा Shut Down?)

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About the Author

उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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