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ट्रंप ने बदला AI का नाम तो चमक गई इस छोटे से देश की किस्मत, 2100% बढ़ गई इंटरनेट डोमेन की डिमांड, .si बनाएगा लोगों को करोड़पति?

डोनाल्ड ट्रंप ने AI का नाम बदलकर 'Super Intelligence' (SI) करने का ऐलान किया है. इसके बाद स्लोवेनिया के .si डोमेन नेम की मांग 2100% बढ़ गई है. सितंबर में 44,000 नए डोमेन रजिस्टर हुए. जानिए इस पूरे ट्रेंड और डिजिटल मार्केट के बड़े खेल के बारे में...

ट्रंप ने बदला AI का नाम तो चमक गई इस छोटे से देश की किस्मत, 2100% बढ़ गई इंटरनेट डोमेन की डिमांड, .si बनाएगा लोगों को करोड़पति?

आजकल इंटरनेट की दुनिया में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही बोलबाला है. लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह 'AI' शब्द कुछ खास पसंद नहीं आ रहा है. ट्रंप का मानना है कि आर्टिफिशियल शब्द सुनने में थोड़ा नकली यानी फेक लगता है, इसलिए अब इसे 'सुपर इंटेलिजेंस' यानी SI कहा जाना चाहिए. अब आप सोच रहे होंगे कि ट्रंप के इस फैसले से इंटरनेट पर क्या फर्क पड़ेगा? तो जनाब, फर्क ऐसा पड़ा है कि यूरोप के एक छोटे से देश स्लोवेनिया की रातों-रात लॉटरी लग गई है. ट्रंप के 'SI' वाले बयान के बाद स्लोवेनिया के नेशनल डोमेन (.si) को खरीदने की ऐसी होड़ मची है कि सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं. महज एक महीने के भीतर 2100% से ज्यादा का उछाल देखने को मिला है. आइए जानते हैं इस मजेदार और हैरान कर देने वाले पूरे मामले को...

ट्रंप को क्यों पसंद नहीं आया 'AI' शब्द
डोनाल्ड ट्रंप अपने अनोखे फैसलों और बयानों के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं. इस बार उनके निशाने पर आ गया 'AI' यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शब्द. 11 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) को संबोधित करते हुए ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि 'आर्टिफिशियल' शब्द सुनने में ही फेक और नकली जैसा लगता है. जबकि यह तकनीक बिल्कुल भी नकली नहीं है, यह तो बहुत कमाल की चीज है. ट्रंप का कहना था कि हमें इस तकनीक को वो सम्मान देना चाहिए जिसकी यह हकदार है, इसलिए अब से इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नहीं बल्कि 'सुपर इंटेलिजेंस' (Super Intelligence) कहा जाना चाहिए.

ट्रंप के भाषण से स्लोवेनिया की कैसे खुली किस्मत
अब आप सोच रहे होंगे कि ट्रंप ने अमेरिका में भाषण दिया, तो इसका यूरोप के देश स्लोवेनिया से क्या लेना-देना. तो बॉस, असली खेल यहीं से शुरू होता है. इंटरनेट पर हर देश का अपना एक खास डोमेन एक्सटेंशन होता है. जैसे भारत की वेबसाइट्स के पीछे '.in' लगा होता है और ब्रिटेन की वेबसाइट्स के पीछे '.co.uk' होता है. ठीक उसी तरह स्लोवेनिया का ऑफिशियल कंट्री डोमेन '.si' है.

जैसे ही ट्रंप ने 'Super Intelligence' को शॉर्ट फॉर्म में 'SI' कहना शुरू किया, पूरी दुनिया के डोमेन बायर्स का दिमाग घूम गया. सबको लगा कि अगर भविष्य में AI को SI कहा जाएगा, तो '.si' वाले डोमेन नेम सोने के भाव बिकेंगे. बस फिर क्या था, लोगों ने स्लोवेनिया की ऑफिशियल रजिस्ट्री वेबसाइट Register.si पर जाकर धड़ाधड़ डोमेन बुक करना शुरू कर दिया.

आंकड़ों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: 2100% का तूफानी उछाल
Register.si की प्रवक्ता क्लारा हरमन (Klara Herman) ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उन्हें देखकर कोई भी हैरान रह जाएगा. अगस्त के महीने में स्लोवेनिया के केवल 2,000 से भी कम .si डोमेन रजिस्टर हुए थे. लेकिन सितंबर महीना खत्म होते-होते यह आंकड़ा सीधे 44,000 के पार पहुंच गया. यानी महज 30 दिनों के अंदर डोमेन रजिस्ट्रेशन में 2100 फीसदी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

क्लारा हरमन ने बताया कि पिछले 12 महीनों के इतिहास में ऐसा क्रेज कभी नहीं देखा गया. हद तो तब हो गई जब सिर्फ 30 सितंबर के अकेले दिन में 11,000 नए .si डोमेन खरीदे गए. इंटरनेट की दुनिया में इसे एक 'अभूतपूर्व' (Unprecedented) घटना माना जा रहा है.

डोमेन ट्रेडिंग का ये कौन सा खेल है?
अगर आपको लग रहा है कि लोग ये वेबसाइट्स चलाने के लिए खरीद रहे हैं, तो आप बिल्कुल गलत हैं. इंटरनेट की दुनिया में इसे 'डोमेन स्पेकुलेशन' या 'डोमेन फ्लिपिंग' कहा जाता है. आसान भाषा में कहें तो यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे लोग सस्ती जमीन खरीदकर रख लेते हैं और जब उसकी कीमत आसमान छूने लगती है, तो उसे महंगे दामों में बेच देते हैं.

इसका सबसे बड़ा उदाहरण 1997 में देखने को मिला था. जब रिक श्वार्ट्ज नाम के एक शख्स ने 'men.com' नाम का डोमेन महज 15,000 डॉलर (लगभग 12-13 लाख रुपये) में खरीदा था. सात साल बाद जब इस डोमेन की डिमांड बढ़ी, तो उन्होंने इसे 1.32 मिलियन डॉलर (लगभग 11 करोड़ रुपये) में बेच दिया. अब लोग इसी उम्मीद में सारे अच्छे '.si' डोमेन खरीद रहे हैं कि कल को जब बड़ी टेक कंपनियां अपना नाम SI पर शिफ्ट करेंगी, तो वे इन डोमेन को करोड़ों में बेचेंगे.

ट्रंप का एक्जीक्यूटिव ऑर्डर और अमेरिका का नया नियम
मामला सिर्फ भाषण तक ही सीमित नहीं रहा. ट्रंप ने अमेरिका के शीर्ष टेक दिग्गजों के साथ एक बहुत बड़ी मीटिंग की. उन्होंने इसे "अमेरिका का स्वर्णिम युग बनाने वाले लोगों का संगम" करार दिया. इसके बाद ट्रंप ने एक आधिकारिक एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन भी कर दिए.

इस सरकारी आदेश में अमेरिका के सभी सरकारी विभागों और एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अब किसी भी सरकारी करेस्पॉन्डेंस, रिपोर्ट्स, वेबसाइट्स और डॉक्युमेंट्स में 'AI' शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे. हर जगह 'AI' की जगह 'SI' या 'Super Intelligence' लिखा जाएगा.

इंटरनेट पर क्यों उड़ा ट्रंप का मजाक
एक तरफ जहां ट्रंप दुनिया की सबसे बड़ी तकनीक का नाम बदलने में व्यस्त थे, वहीं दूसरी तरफ उनसे एक ऐसी गलती हो गई जिससे वो इंटरनेट पर ट्रोल्स के निशाने पर आ गए. दरअसल, ट्रंप ने जिस एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत किए थे, उसकी तस्वीरें जब सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, तो लोगों ने एक बड़ी गड़बड़ी पकड़ ली.

ट्रंप के शानदार सिग्नेचर के ठीक नीचे 'United States' की स्पेलिंग ही गलत लिखी हुई थी. फिर क्या था, मीम बनाने वालों की तो लॉटरी ही लग गई. लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखना शुरू कर दिया कि जो इंसान 'यूनाइटेड स्टेट्स' की स्पेलिंग सही नहीं लिख सकता, वो दुनिया को 'सुपर इंटेलिजेंस' सिखाने चला है. हालांकि इस ट्रोलिंग के बावजूद स्लोवेनिया के डोमेन नेम की बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ा और वो लगातार रॉकेट की रफ्तार से बिक रहे हैं.

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About the Author

Mohit Chaturvedi

Mohit Chaturvedi

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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