App

आपका चेहरा, आपकी आवाज और आपकी ही तबाही! जानिए कैसे दयालु लोगों को निशाना बना रहा है वायरल 30-Minute AI Loan Scam

मॉल और मेट्रो में अनजान लोगों की मदद करने से पहले रुकें. जानिए क्या है वायरल हो रहा 30-Minute AI Help Scam, AI क्लोनिंग का सच और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के आसान तरीके.

आपका चेहरा, आपकी आवाज और आपकी ही तबाही! जानिए कैसे दयालु लोगों को निशाना बना रहा है वायरल 30-Minute AI Loan Scam
Image Credit: 30-Minute Loan Scam

आजकल डिजिटल दुनिया में आए दिन ठगी के नए-नए तरीके सामने आते रहते हैं. पहले के जमाने में स्कैमर्स आपसे सीधे OTP, बैंक अकाउंट की डिटेल या पासवर्ड मांगा करते थे. लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक नई चेतावनी तेजी से वायरल हो रही है, जिसने लोगों की नींद उड़ा दी है. दावा किया जा रहा है कि अब जालसाज आपकी मदद करने की भावना का फायदा उठा रहे हैं. मॉल, मेट्रो स्टेशन और भीड़भाड़ वाले बाजारों में अनजान लोग आपके पास आकर मदद मांगते हैं और देखते ही देखते चंद मिनटों में इंसान के नाम पर लाखों का लोन निकाल लिया जाता है. आखिर क्या है इस 30 मिनट वाले वायरल स्कैम का सच और आपको इससे कैसे बचना चाहिए, आइए इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं.

क्या है वायरल हो रहा Help-Seeking Scam?
आजकल सोशल मीडिया पर एक पोस्ट बहुत तेजी से घूम रही है. इस वायरल वॉर्निंग में दावा किया गया है कि मेट्रो, मॉल या किसी बाजार में एक अनजान इंसान आपके पास आता है. वह बहुत ही सीधे-सादे बनकर आपसे कहेगा कि उसे फोन चलाना नहीं आता, उसकी पेंशन चेक कर दो या फिर कोई सरकारी स्कीम का पेज खोल दो.

जैसे ही आप उसका फोन हाथ में लेते हैं, असली खेल शुरू होता है. पोस्ट के मुताबिक उस फोन में पहले से कोई हिडन स्क्रीन रिकॉर्डर, वीडियो कॉल या फेस रिकग्निशन एक्टिव रहता है. जब आप फोन छूते हैं तो फिंगरप्रिंट, स्क्रीन देखते हैं तो चेहरा और बात करते हैं तो आपकी आवाज रिकॉर्ड हो जाती है.

30 मिनट में लाखों का लोन? दावों का पूरा सच
वायरल पोस्ट में सबसे डरावना दावा यह किया गया है कि ठग आपकी इन तीन चीजों से AI की मदद से आपका 'डिजिटल क्लोन' बना लेते हैं. फिर इसके जरिए वे आपके नाम पर ऑनलाइन पर्सनल लोन या कंज्यूमर फाइनेंस की लिमिट इस्तेमाल कर लेते हैं.

पोस्ट के हिसाब से महज 30 मिनट के अंदर पीड़ित के नाम पर भारी-भरकम कर्ज चढ़ जाता है और उसे पता भी नहीं चलता. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोशल मीडिया के इस लंबे-चौड़े दावे को बिना पुख्ता सबूत के पूरी तरह सच नहीं माना जा सकता. बिना प्रॉपर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के किसी अनजान का फोन छूने भर से लोन पास हो जाना इतना आसान नहीं है.

 

 

 

AI से फ्रॉड तो हो रहा है, लेकिन खतरा थोड़ा अलग है
इसमें कोई दोराय नहीं है कि AI टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल बढ़ रहा है. अमेरिकी एजेंसी FTC ने भी चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी कुछ सेकेंड की ऑडियो क्लिप से किसी की भी आवाज क्लोन कर सकते हैं.

इसके बाद वे घर वालों को इमरजेंसी का झूठा कॉल करके पैसे ऐंठते हैं. लेकिन अनजान का फोन 2 सेकेंड हाथ में पकड़ने से ही आपका पूरा सिस्टम हैक हो जाना एक अलग थ्योरी है. भारत में फिंगरप्रिंट, आईरिस और फेस डेटा के लिए बेहद सख्त सिक्योरिटी प्रोसेस होता है, जिसे केवल फोन को छूने भर से चोरी नहीं किया जा सकता.

तो फिर किसी अनजान की मदद कैसे करें?
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप इंसानियत भूल जाएं या हर किसी को शक की निगाह से देखें. लेकिन समझदारी और सावधानी बरतना बहुत जरूरी है.
* अगर कोई अनजान फोन चलाने की मदद मांगे, तो खुद मोबाइल हाथ में न लें.
* उन्हें पास में मौजूद किसी सिक्योरिटी गार्ड, पुलिसकर्मी, मेट्रो स्टाफ या बैंक कर्मचारी के पास जाने की सलाह दें.
* किसी दूसरे के फोन में कभी भी अपना फोन नंबर, पासवर्ड या पर्सनल डिटेल दर्ज न करें.
* अगर कोई अनजान आपको कैमरे में देखने या कोई कोड बोलने को कहे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं.

अपनी सुरक्षा के लिए आप क्या कर सकते हैं?
डिजिटल फ्रॉड से बचने का सबसे बढ़िया तरीका है अपनी बायोमेट्रिक सिक्योरिटी को मजबूत रखना. भारतीय नागरिक अपनी फिंगरप्रिंट और फेस डेटा को सुरक्षित रखने के लिए यूआईडीएआई (UIDAI) की ऑफिशियल वेबसाइट या एम-आधार ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं.

वहां जाकर आप अपने बायोमेट्रिक डेटा को आसानी से 'लॉक' कर सकते हैं. जब आपकी बायोमेट्रिक लॉक रहती है, तो आपके बिना अनलॉक किए कोई भी इसका गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता. जब आपको कभी जरूरत हो, आप इसे ऐप से तुरंत अनलॉक कर सकते हैं और काम होने के बाद वापस लॉक कर सकते हैं.

खौफ में न आएं, सिर्फ जागरूक रहें
वायरल पोस्ट का बेसिक मैसेज सही है कि किसी भी अनजान शख्स पर आंख बंद करके भरोसा न करें और अपनी पर्सनल जानकारी शेयर न करें. लेकिन इंटरनेट पर फैलाई जा रही बेहद नाटकीय कहानियों से घबराने की जरूरत नहीं है.

साइबर सिक्योरिटी के प्रति सतर्क रहना अच्छी बात है, लेकिन अफवाहों के डर से किसी की सही मदद करने से पीछे हटना भी सही नहीं है. बस safe तरीके अपनाएं, किसी अनजान के डिवाइस में अपनी बायोमेट्रिक या बैंकिंग डिटेल शेयर न करें और अपने अकाउंट्स की सुरक्षा हमेशा मजबूत रखें.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Mohit Chaturvedi

Mohit Chaturvedi

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
Read More