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Apple ने ऑफिशियली अपने अगले बड़े इवेंट की डेट अनाउंस कर दी है. 28 अक्टूबर को लॉस एंजिल्स (Los Angeles) में 'Apple Experience' होने जा रहा है. टेक लवर्स और एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार Apple वो करने जा रहा है, जो उसने आज तक नहीं किया – यानी पहला Touchscreen Laptop! आइए जानते हैं कि इस इवेंट में क्या खास होने वाला है और Apple का नया बॉस कैसे पूरी कंपनी का गेम बदल रहा है.
Apple का 'Pro and Tell' इवेंट: 28 अक्टूबर को
Apple ने मीडिया और टेक एनालिस्ट्स को मंडे के दिन एक खास न्योता भेजा है. इस इनविटेशन में लिखा है "Pro and Tell" और यह इवेंट लॉस एंजिल्स (LA) में "Apple Experience" नाम से आयोजित होने जा रहा है. इन्वेंट के नाम 'Pro and Tell' से ही साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि कंपनी अपने हाई-एंड 'Pro' डिवाइसेस पर फोकस करने वाली है. इनमें कंपनी के पावरफुल इन-हाउस M-सीरीज चिप्स का नया अवतार देखने को मिल सकता है. मार्केट एक्सपर्ट्स और टेक लवर्स इस इवेंट को लेकर बेहद एक्साइटेड हैं, क्योंकि इस बार कुछ ऐसा होने की उम्मीद है जो Apple ने पिछले कई दशकों में कभी नहीं किया.
क्या सच में आ रहा है Apple का पहला Touchscreen Laptop?
इस इवेंट की सबसे बड़ी और धमाकेदार खबर Touchscreen Notebook यानी टचस्क्रीन लैपटॉप को लेकर है. Melius Research के सीनियर एनालिस्ट बेन रीट्ज ने अपनी हालिया रिसर्च नोट में दावा किया है कि इस फॉल (Fall) इवेंट में Apple अपने नए मैक्स पेश करेगा. इनमें सबसे बड़ा अट्रैक्शन एक ऐसा लैपटॉप हो सकता है जिसमें टचस्क्रीन डिस्प्ले दिया जाएगा.
अगर ऐसा होता है तो यह टेक इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ होगा. काफी सालों से विंडोज लैपटॉप्स में टचस्क्रीन का फीचर आ रहा है, लेकिन Apple ने हमेशा इस आइडिया से दूरी बनाए रखी. अब ऐसा लग रहा है कि यूथ की जरूरतों और मार्केट के ट्रेंड को देखते हुए Apple अपने इस पुराने रुख को बदलने के लिए पूरी तरह तैयार है.
स्टीव जॉब्स के पुराने नियम को क्यों तोड़ने जा रहा है Apple?
आपको बता दें कि Apple का इतिहास हमेशा से टचस्क्रीन लैपटॉप्स के खिलाफ रहा है. कंपनी के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स लैपटॉप में टचस्क्रीन देने के सख्त खिलाफ थे. उनका मानना था कि लैपटॉप की स्क्रीन पर उंगलियों से काम करना उंगलियों और हाथों के लिए काफी थकाऊ होता है.
साल 2018 में भी Apple के सॉफ्टवेयर चीफ क्रेग फेडेरिगी ने साफ कहा था कि लैपटॉप में टचस्क्रीन देने से एर्गोनॉमिक्स यानी इस्तेमाल करने का कम्फर्ट खराब होता है और यूजर जल्दी थक जाता है. लेकिन अब समय बदल चुका है. आज का यूथ टैबलेट्स और स्मार्टफोन्स पर टच करने का आदी हो चुका है. जब लोग लैपटॉप यूज करते हैं तो अनजाने में ही स्क्रीन को टच करने की कोशिश करते हैं. इसी बदलती आदत को देखते हुए कंपनी अब टचस्क्रीन मैकबुक लाने का मन बना रही है.
नए CEO John Ternus का सुपर-फास्ट अंदाज
Apple के मैनेजमेंट में हाल ही में बहुत बड़ा बदलाव हुआ है. टिम कुक के हटने के बाद जॉन टर्नस ने पिछले महीने ही कंपनी के नए CEO के रूप में कमान संभाली है. जॉन टर्नस के आते ही Apple की काम करने की स्पीड पूरी तरह बदल गई है. एनालिस्ट्स का कहना है कि टर्नस के CEO बनने के बाद Apple के इवेंट्स का शेड्यूल काफी तेजी से बदला है. पहले जहां साल में आमतौर पर दो बड़े इवेंट्स होते थे, वहीं जॉन टर्नस के छोटे से कार्यकाल में यह तीसरा बड़ा इवेंट होने जा रहा है.
पहला इवेंट: कंपनी के हेडक्वार्टर में हुआ था, जहां नए iPhones और फोल्डेबल Duo को पेश किया गया था.
दूसरा इवेंट: न्यूयॉर्क में हुआ था, जो स्मार्ट होम हब्स और स्क्रीन वाले नए होमव्यू (HomeView) स्पीकर पर बेस्ड था.
तीसरा इवेंट: अब 28 अक्टूबर को लॉस एंजिल्स में होने जा रहा है.
इस स्पीड से साफ पता चलता है कि नए CEO कंपनी को एक नई और एग्रेसिव दिशा में ले जाना चाहते हैं.
Mac लाइनअप का रीफ्रेश: किसके लिए क्या खास?
अगर हम Apple के मौजूदा Mac लाइनअप की बात करें, तो कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को धीरे-धीरे अपडेट कर रही है. इसी साल अगस्त में Apple ने अपने Mac Mini और Mac Studio डेस्कटॉप को नई और सुपर-फास्ट चिप्स के साथ अपडेट किया था. इससे पहले स्प्रिंग सीजन में कंपनी ने MacBook Pro को नए अवतार में लॉन्च किया था और साथ ही एक सस्ता मॉडल MacBook Neo भी मार्केट में उतारा था.
हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि Apple के पॉपुलर ऑल-इन-वन डेस्कटॉप iMac को अक्टूबर 2024 के बाद से कोई बड़ा अपडेट नहीं मिला है. ऐसे में पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि 28 अक्टूबर के इस 'Pro and Tell' इवेंट में iMac के नए और पावरफुल वर्जन से भी पर्दा उठाया जा सकता है.