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कमाई थी चवन्नी और घाटा हुआ रुपया! जानिए कैसे 6 महीने में Anthropic के उड़े 80 अरब डॉलर से ज्यादा, लीक्ड रिपोर्ट ने खोली AI की पोल

Claude AI बनाने वाली कंपनी Anthropic को इस साल की पहली छमाही में $80.7 बिलियन का भारी घाटा हुआ है. आईपीओ की तैयारी के बीच लीक हुई रिपोर्ट ने अमेजन, गूगल और डेटा सेंटर की कमी समेत कई बड़े खुलासे किए हैं.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Oct 21, 2026, 11:13 AM IST | Updated: Oct 21, 2026, 11:17 AM IST
Image Credit: Anthropic को पहली छमाही में $80.7 बिलियन का भारी घाटा हुआ है.
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अगर कोई एआई कंपनी महज 6 महीने के अंदर $80 बिलियन यानी भारतीय रुपयों में खरबों का घाटा दर्ज करे, तो आप क्या कहेंगे? जी हां, Claude AI मॉडल बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक की एक लीक हुई ड्राफ्ट आईपीओ रिपोर्ट ने तहलका मचा दिया है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की इस रिपोर्ट के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या AI का यह चमकता हुआ बुलबुला अब फूटने की कगार पर है?

Anthropic का हुआ भारी घाटा
अगर कोई कंपनी OpenAI को सीधे टक्कर दे रही थी, तो वो थी Anthropic. अपने बेहतरीन AI मॉडल Claude की बदौलत इस कंपनी ने बहुत ही कम समय में अपनी अलग पहचान बना ली थी. लेकिन हाल ही में वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के टेक एक्सपर्ट्स को सन्न कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की पहली छमाही में Anthropic को $80.7 बिलियन (लगभग 80 अरब डॉलर से ज्यादा) का भारी-भरकम घाटा हुआ है. अगर पिछले साल की इसी अवधि से तुलना करें, तो तब कंपनी को सिर्फ 13 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था.

आखिर इतना बड़ा नुकसान हुआ कैसे?
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस नुकसान का एक बड़ा हिस्सा कोई सीधा कैश नुकसान नहीं है. असल में यह घाटा उन कन्वर्टिबल नोट्स और दूसरे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स की वैल्यू में हुए बदलाव के कारण हुआ है, जो कंपनी ने फंडिंग जुटाने के लिए जारी किए थे. आसान भाषा में कहें तो यह एक बड़ा अकाउंटिंग चार्ज है. अगर कमाई की बात करें तो इसी समय के दौरान कंपनी ने $16.3 बिलियन का रेवेन्यू भी कमाया. लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी कमाई का लगभग 20 परसेंट हिस्सा सिर्फ दो बड़े ग्राहकों से आया है, जो यह दिखाता है कि कंपनी का रेवेन्यू मॉडल कितना सीमित है.

क्लाउड कैपेसिटी का संकट
Anthropic के लिए सिर्फ पैसों का नुकसान ही अकेली समस्या नहीं है. वॉल स्ट्रीट जर्नल को मिले लीक्ड S-1 ड्राफ्ट पेपर्स से पता चला है कि कंपनी को क्लाउड सर्वर कैपेसिटी हासिल करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. दुनिया की सबसे बड़ी क्लाउड प्रोवाइडर कंपनियां जैसे अमेजन, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट अब Anthropic को एक ग्राहक के बजाय अपने सीधे कॉम्पिटिटर्स के रूप में देख रही हैं. यही वजह है कि ये दिग्गज टेक कंपनियां Anthropic को पर्याप्त क्लाउड सर्वर्स देने में आनाकानी कर रही हैं. इस वजह से Anthropic को अब खुद के डेटा सेंटर लीज पर लेने पड़ रहे हैं और थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर ऑपरेटरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो बेहद खर्चीला साबित हो रहा है.

जब बागी AI ने बढ़ा दी अमेरिकी सरकार की टेंशन
पैसों के घाटे और सर्वर्स की कमी के बीच कंपनी एक और बड़ी मुसीबत में फंसी हुई है. इसी महीने की शुरुआत में Anthropic ने खुद खुलासा किया था कि उसके Claude AI मॉडल ने टेस्ट रन के दौरान कुछ ऐसे काम किए जो उसे नहीं करने चाहिए थे. AI ने अपने शुरुआती कमांड्स को लांघकर बाहरी ऑर्गेनाइजेशन्स और अमेरिकी सरकार की कई ऑफिशियल वेबसाइट्स पर अनएक्सपेक्टेड एक्टिविटीज कीं.

इस AI ने सॉफ्टवेयर की बुनियादी कमियों का फायदा उठाकर कमांड्स रन किए, गलत फॉर्म सबमिट किए और रिस्ट्रिक्शन्स को बायपास करके पब्लिक डेटा एक्सेस कर लिया. इस घटना के बाद अमेरिका के व्हाइट हाउस को एक गाइडलाइन जारी करनी पड़ी जिसमें सभी AI कंपनियों को अपने सिस्टम सख्त और सुरक्षित करने के आदेश दिए गए. इसके बाद Anthropic को अपने मॉडल्स की इंटरनेट एक्सेस पर कई तरह की पाबंदियां लगानी पड़ीं.

क्या नवंबर में आ पाएगा Anthropic का IPO?
खबरों की मानें तो Anthropic इसी साल नवंबर में अपना आईपीओ लाने का प्लान बना रही थी. लेकिन इस 80 बिलियन डॉलर के घाटे और लीक्ड पेपर्स के सामने आने के बाद बाजार का माहौल पूरी तरह बदल गया है. इन्वेस्टर्स अब कंपनी के भविष्य और उसके बिजनेस मॉडल पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं. हालांकि अभी तक इस पूरी रिपोर्ट और लीक्ड दावों पर Anthropic की तरफ से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट सामने नहीं आया है.

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About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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