देश की राजधानी होने के बाद भी दिल्ली के कोचिंग हबों में मनमाने निर्माण बच्चों के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं. हर साल कोई न कोई ऐसा हादसा होता है, जो हृदयविदारक स्मृतियां जेहन में छोड़ जाता है.
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के बाद अब किरायेदारों के मन में एक सवाल घूम रहा है कि क्या जिस बिल्डिंग में वह रह रहे हैं, वह सुरक्षित है. हर साल लाखों छात्र बाहर से दिल्ली आते हैं. दिल्ली की इकोनॉमी में योगदान देते हैं. आखिर ये पीजी इकोनॉमी कितनी बड़ी है. चलिए समझते हैं.