Analysis: साउथ अफ्रीका में बेइज्जत हुआ ऑस्ट्रेलिया, भारत में कैसे जीतेगा टेस्ट सीरीज, तो टीम इंडिया का मिशन 5-0 पक्का?
साउथ अफ्रीका की धरती पर टेस्ट सीरीज हारने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारत में भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. कंगारू बल्लेबाजों के लिए भारत के स्पिन चैलेंज से पार पाना आसान नहीं होगा.
टेस्ट क्रिकेट की सबसे दबंग टीम ऑस्ट्रेलिया का घमड़ अब चकनाचूर हो गया है. कंगारुओं को साउथ अफ्रीका की धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-2 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है. ऑस्ट्रेलिया को साउथ अफ्रीका के खिलाफ इस टेस्ट सीरीज में हार के बाद बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) की पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया ने नंबर-1 का ताज गंवा दिया है. कंगारू टीम अब पहले स्थान से बुरी तरह फिसलकर तीसरे स्थान पर गिर गई है.
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) की पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया के PCT (प्रतिशत अंक) अब घटकर 69.23 पर आ गए हैं. कंगारुओं के खिलाफ साउथ अफ्रीका की इस टेस्ट सीरीज जीत से भारतीय टीम को प्रेरणा मिली होगी और अब वह अपने घर में ऑस्ट्रेलिया का पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 5-0 से शिकार करने के लिए तैयार है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 21 जनवरी 2027 से 3 मार्च 2027 तक पांच मैचों की हाईप्रोफाइल बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज खेली जाएगी.
साउथ अफ्रीका में बेइज्जत हुआ ऑस्ट्रेलिया
न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और बांग्लादेश जैसे देश वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2027 के फाइनल में पहुंचने की रेस में बने हुए हैं. ऑस्ट्रेलिया की टीम जिस तरह साउथ अफ्रीका की धरती पर बेइज्जत हुई है, उससे टीम इंडिया को जरूर भरोसा मिला होगा कि वह भी कंगारुओं का अपनी धरती पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 5-0 से सूपड़ा साफ कर सकते हैं. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) के फाइनल तक का सफर तय करने के लिए अब भारत के सामने बड़ा चैलेंज है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) में अब टीम इंडिया के सात टेस्ट मैच बचे हुए हैं, जिसमें गलती की कोई गुंजाइश नहीं है.
WTC पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर भारत
भारत फिलहाल 11 मैचों के बाद 68 पॉइंट्स और 51.52 पॉइंट्स प्रतिशत (PCT) के साथ चौथे स्थान पर है. उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके घर पर दो टेस्ट मैच खेलने हैं और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की घरेलू सीरीज है. चूंकि केवल टॉप दो टीमें ही फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी, इसलिए भारत को अपने अभियान को लगभग परफेक्ट तरीके से पूरा करना होगा. न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज बहुत अहम साबित हो सकती है.
...तो टीम इंडिया का मिशन 5-0 पक्का?
अगर भारत दोनों मैच जीत जाता है, तो उनका PCT बढ़कर 58.97 हो जाएगा, जिससे उन्हें बहुत जरूरी मजबूती मिलेगी. हालांकि, अगर वे दोनों टेस्ट हार जाते हैं, तो उनका PCT गिरकर 43.59 रह जाएगा, जिससे बचे हुए पांच मैचों में उनके सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी. अगर भारत न्यूजीलैंड से दोनों टेस्ट हार जाता है और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचों टेस्ट मैच जीत भी लेता है, तब भी उनका PCT केवल 59.26 प्रतिशत तक ही पहुंच पाएगा. ऐसी स्थिति में, उन्हें अन्य मैचों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ सकता है.
क्या है भारत का समीकरण?
दूसरी ओर, अगर भारत बचे हुए सभी सात टेस्ट मैच जीत लेता है, तो उसका PCT 70.37 हो जाएगा, जिससे वह फाइनल में जगह बनाने की मजबूत स्थिति में आ जाएगा. अगर भारत छह मैच भी जीतता है, तो उसका PCT 64.81 प्रतिशत हो जाएगा. हालांकि, दो या उससे ज्यादा हार मिलने पर भारत के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीदें काफी मुश्किल हो जाएंगी.
पॉइंट्स टेबल में काफी बदलाव
केपटाउन में तीसरे टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका द्वारा ऑस्ट्रेलिया को 176 रनों से हराने के बाद पॉइंट्स टेबल में काफी बदलाव आया है. टेम्बा बावुमा की टीम ने 2-1 से सीरीज अपने नाम की, जिससे उनका PCT 71.42 हो गया और वे दूसरे स्थान पर पहुंच गए. वहीं, इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया का PCT 75 से गिरकर 69.23 हो गया, जिससे वह टॉप से खिसककर तीसरे स्थान पर आ गया है.
शुभमन गिल और उनकी टीम को अपने नतीजों पर ध्यान देना होगा
इसके चलते न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत के साथ पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच गया है, उसने छह टेस्ट मैचों में 52 अंक हासिल किए हैं. मीरपुर में वेस्टइंडीज के हाथों बांग्लादेश की हार के बाद भारत चौथे स्थान पर आ गया है, जबकि बांग्लादेश पांचवें स्थान पर खिसक गया है. साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के टॉप तीन स्थानों पर काबिज होने से, भारत के लिए क्वालीफाई करने का समीकरण और भी जटिल हो गया है. शुभमन गिल और उनकी टीम को अपने नतीजों पर ध्यान देना होगा, साथ ही यह भी उम्मीद करनी होगी कि इस साइकिल के बचे हुए मैचों में उनके प्रतिद्वंद्वी महत्वपूर्ण अंक गंवा दें.