कौन हैं मुंबई के विनय अय्यर? एशियन गेम्स 2026 में भारत के खिलाफ जापान को देंगे कोचिंग, कभी ठाणे से पकड़ते थे 5:15 बजे की बस
मुंबई से निकलकर जापान में इस बड़े मुकाम तक पहुंचना विनय अय्यर के लिए बेहद संघर्षपूर्ण रहा है. विनय अय्यर ने 37 साल की उम्र में जापान के लिए खेलते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था.
एशियन गेम्स 2026 में भारत और जापान की महिला क्रिकेट टीमों के बीच चौथा क्वार्टर फाइनल मुकाबला कल यानी 18 सितंबर को खेला जाएगा. यह मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे से निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में शुरू होगा. इस क्वार्टर-फाइनल मैच से पहले जापान की महिला क्रिकेट टीम से ज्यादा चर्चा उसके हेड कोच विनय अय्यर की हो रही है. विनय अय्यर का भारत से गहरा नाता है. विनय अय्यर कभी मुंबई में क्लब क्रिकेट खेलते थे.
'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक अपने क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों में विनय अय्यर ठाणे से सुबह-सुबह 5:15 बजे की बस पकड़ते थे और मुंबई में क्रिकेट खेलने के लिए आते थे. विनय अय्यर एक बेहतरीन ऑलराउंडर रहे हैं, जिनका जन्म 6 मई 1985 को हुआ था. मौजूदा समय में वह जापान की महिला क्रिकेट टीम को कोचिंग दे रहे हैं. मुंबई से निकलकर जापान में इस बड़े मुकाम तक पहुंचना विनय अय्यर के लिए बेहद संघर्षपूर्ण रहा है. विनय अय्यर ने 37 साल की उम्र में जापान के लिए खेलते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था.
कौन हैं मुंबई के विनय अय्यर?
10 अक्टूबर 2022 को इंडोनेशिया के खिलाफ एक टी20 इंटरनेशनल मैच के जरिए विनय अय्यर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था. विनय अय्यर ने जापान के लिए केवल दो टी20 इंटरनेशनल मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने कुल 6 रन बनाए और एक चौका भी लगाया. विनय अय्यर ने फील्डिंग के दौरान जापान के लिए एकमात्र कैच भी लपका था. विनय अय्यर ने इसके अलावा जापान प्रीमियर लीग (JPL) टी20 कॉम्पिटीशन में वेस्ट कांटो हरिकेंस और साउथ कांटो सुपर किंग्स के लिए क्रिकेट खेला है. विनय अय्यर इसके अलावा जापान में कावासाकी नाइट राइडर्स सीसी क्लब के लिए भी क्रिकेट खेल चुके हैं.
कभी ठाणे से पकड़ते थे 5:15 बजे की बस
एशियन गेम्स 2026 में भारत के खिलाफ शुक्रवार को क्वार्टर-फाइनल मैच में अपनी टीम को तैयारी के साथ मैदान पर उतारना विनय अय्यर के लिए बहुत गर्व का पल होगा. जापान की महिला क्रिकेट टीम का कोच बनना विनय अय्यर के लिए एक चुनौतियों से भरा हुआ रास्ता था. विनय अय्यर के लिए यह सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं है. यह उस सफर का बेहद खास पड़ाव है, जो ठाणे से शुरू होकर मुंबई के क्रिकेट मैदानों से गुजरता हुआ जापान तक पहुंचा है. विनय अय्यर कभी ठाणे से सुबह जल्दी 5:15 बजे की बस पकड़कर निकलते थे.
अंधेरी में नौकरी करना भी शुरू कर दिया
विनय अय्यर पहले बस से ठाणे रेलवे स्टेशन जाते थे और फिर उसके बाद ट्रेन पकड़कर मुंबई पहुंचते थे. मुंबई में वह चर्नी रोड स्थित पुलिस जिमखाना क्लब के स्पोर्ट्स ग्राउंड में पहुंचकर घंटों प्रैक्टिस करते थे. यह विनय अय्यर की रोज की दिनचर्या का हिस्सा था. वह सुबह करीब 7:15 बजे तक प्रैक्टिस के लिए मैदान पर पहुंच जाते थे. विनय अय्यर प्रैक्टिस के बाद कॉलेज जाते थे और वह शाम को फिर क्रिकेट खेलते थे. कुछ समय उन्होंने मुंबई के अंधेरी में नौकरी करना भी शुरू कर दिया. विनय अय्यर को बहुत समय तक प्रतिदिन ठाणे से चर्नी रोड, फिर अंधेरी में ऑफिस और फिर वापस घर के लिए ठाणे जाने का रूटीन झेलना पड़ा है.
क्रिकेट के साथ-साथ आर्थिक जिम्मेदारियां भी थीं
विनय अय्यर ने ठाणे के सेन्ट्रल मैदान और दादोजी कोंडादेव स्टेडियम में क्रिकेट खेली है. विनय अय्यर के शुरुआती कोच शेखर धुरी रहे. मुंबई क्रिकेट के माहौल ने उनके खेल को आकार दिया. उन्हें आज भी वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए एक वेस्ट जोन मुकाबले की याद है, जहां पॉइंट पर फील्डिंग करते हुए उन्होंने चेतेश्वर पुजारा को करीब से देखा था. विनय अय्यर ने मुंबई की कांगा लीग में सुंदर क्रिकेट क्लब के लिए क्रिकेट खेला. उन्होंने अपने कॉलेज की टीम की कप्तानी भी की और उसे इंटर-कॉलेजिएट चैंपियनशिप भी जिताई. पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक मांकड़ भी उनके शुरुआती मार्गदर्शकों में शामिल हैं. अशोक मांकड़ ने उन्हें रणजी ट्रॉफी क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. विनय अय्यर के सामने उस समय क्रिकेट के साथ-साथ आर्थिक जिम्मेदारियां भी थीं.