तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में विराट कोहली के बल्ले ने ऐसा कहर बरपाया कि वेस्टइंडीज के 296 रन का लक्ष्य भारत के लिए बेहद आसान नजर आने लगा. विराट कोहली के शानदार शतक और शुभमन गिल की बेहतरीन सेंचुरी के दम पर टीम इंडिया ने पहले वनडे इंटरनेशनल मैच में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. लक्ष्य का पीछा करने के दौरान विराट कोहली ने 153.40 की जबरदस्त स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते हुए महज 88 गेंदों में नाबाद 139 रनों की विस्फोटक पारी खेली. विराट कोहली ने 11 चौके और 7 छक्के उड़ाए. विराट ने शुरुआत में पारी को संभाला, लेकिन शतक पूरा करते ही उनका अंदाज पूरी तरह आक्रामक हो गया और उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी.
विराट कोहली ने सिर्फ 74 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया. इसके बाद भी उन्होंने अपने अटैक में कोई कमी नहीं आने दी और पारी के आखिरी हिस्से में लगातार बड़े शॉट लगाते हुए भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया. 296 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने सिर्फ 41.4 ओवर में 300/2 का स्कोर बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया. विराट कोहली 139 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि ऋतुराज गायकवाड़ ने 19 गेंदों पर नाबाद 13 रन बनाए. यह विराट कोहली के वनडे करियर का 55वां शतक रहा. इसके साथ ही उन्होंने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली. विराट वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे बल्लेबाज बन गए. उनकी इस ऐतिहासिक पारी ने भारत की जीत को और भी खास बना दिया.
वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने और सबसे तेजी से यह मुकाम हासिल करने वाले बल्लेबाज बनने पर विराट कोहली ने कहा, 'सबसे पहले तो आप सभी का शुक्रिया. सच कहूं तो, मेरा ध्यान कभी इन माइलस्टोन्स पर नहीं रहा. यह बस टीम के लिए अपना काम करते हुए हालात को समझने की बात है, बाकी उपलब्धियां तो अपने आप मिलती रहती हैं.जाहिर है, इतने लंबे समय तक खेलने के बाद इस मुकाम पर पहुंचकर मैं बहुत शुक्रगुजार और खुशनसीब महसूस करता हूं. मैं बस अपना ध्यान काम पर लगाकर कड़ी मेहनत करता हूं और भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझे इतना कुछ दिया और जिंदगी में यहां तक पहुंचने के मौके दिए. हमारी जिंदगी और हमारा सफर बहुत खुशनसीब रहा है, क्योंकि बहुत से लोग यहां पहुंचना चाहते हैं, लेकिन हम खुशनसीब हैं कि हमें यह मौका मिला.'
विराट कोहली ने मैच के बाद कहा, 'बेहतर यही है कि हम अपना ध्यान काम पर लगाएं और जिंदगी के हर दिन कड़ी मेहनत करें.' विराट कोहली ने अपनी बैटिंग और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बारे में कहा, 'मुझे लगता है कि सबसे पहले तो खेल की समझ होना जरूरी है. साथ ही, जिस स्टेज पर मैं हूं, वहां खुद को फिजिकली बहुत फिट रखना भी जरूरी है, क्योंकि खेल का ज्यादातर हिस्सा दिमाग से खेला जाता है. मैं कभी भी बहुत ज्यादा प्रैक्टिस करने वाला खिलाड़ी नहीं रहा, तब भी नहीं जब मैं तीनों फॉर्मेट खेलता था, जैसा कि आप जानते हैं. इसलिए मेरे लिए जरूरी है कि मैं मेंटली फ्रेश रहूं, वर्तमान पल में रहूं और मैदान पर खुलकर खेलूं, ताकि एक खास तरीके से खेलने की आदत बन जाए. मेरे करियर के इस स्टेज पर मेरे सामने एक चैलेंज है कि मैं अपने खेल का लेवल और ऊंचा करूं और तेजी से खेलूं, और हां, इस पर काम करना मेरे लिए रोमांचक था.'
विराट कोहली ने कहा, 'जब आपको अपने करियर के इस स्टेज पर अपना एक नया वर्शन सामने लाना होता है, तो यह रोमांचक होता है. इससे उस टीम को भी मदद मिलती है जिसके लिए आप खेलते हैं, चाहे वह इंडिया के लिए हो या IPL में. फ्री माइंड से खेलने से मुझे बहुत मदद मिली है, और मुझे लगता है कि यही चीज मेरे लिए काम कर रही है, लेकिन मुझे लगता है कि फ्री माइंड रखने के लिए फिट शरीर की जरूरत होती है. इसलिए मेरे लिए यह उल्टा काम करता है. मैं शारीरिक रूप से फिट रहता हूं और फिर खेल को उस तरह से सोच पाता हूं, जैसा मैं खेलना चाहता हूं. इससे मुझे मैदान पर उतरकर ठीक वैसे ही खेलने का सबसे अच्छा मौका मिलता है जैसा मैंने आज रात किया.'
अपनी जिंदगी और करियर के इस पड़ाव पर अपनी सोच के बारे में विराट कोहली ने कहा, 'सच कहूं तो, मैं बहुत शुक्रगुजार और खुश हूं. मुझे लगता है कि हमें बस एक बार पीछे मुड़कर देखना चाहिए कि हम कहां से आए हैं. अक्सर हम दुनिया की भागदौड़ और इतनी शोहरत, पहचान और फैंस के प्यार के बीच यह बात भूल जाते हैं. यह भूलना बहुत आसान है कि आप कहां से आए हैं, लेकिन मुझे लगता है कि बचपन में शुरू हुए अपने सफर को याद करने से ही मन में शुक्रगुजारी का भाव आता है. मैं भारत के लिए खेलते हुए हर पल का मजा लेता हूं, क्योंकि जैसा कि मैंने कहा, ऐसा भी हो सकता था कि मैं यहां न होता. शायद मैं भारत के लिए कभी खेल ही नहीं पाता.'
विराट कोहली ने कहा, 'मेरी हकीकत कुछ ऐसी भी हो सकती थी, लेकिन मुझे अपने देश का प्रतिनिधित्व करने, इतनी बड़ी भीड़ के सामने खेलने और टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने जैसे शानदार पल जीने को मिल रहे हैं. एक क्रिकेटर के तौर पर मैंने यही सब तो चाहा था, और मुझे यह सब मिल रहा है. इसलिए मेरे दिल में सिर्फ शुक्रगुजारी है, और जैसा कि मैंने कहा, मैं बस अपना ध्यान खेल पर लगाना चाहता हूं, कड़ी मेहनत करना चाहता हूं, चेहरे पर मुस्कान रखना चाहता हूं और उम्मीद है कि दूसरों के चेहरे पर भी मुस्कान ला सकूं.'
युवा खिलाड़ियों को यह याद दिलाने के बारे में कि उन्होंने खेल क्यों शुरू किया था और क्रिकेट के प्रति अपना प्यार कैसे बनाए रखें, विराट कोहली ने कहा, 'एक एथलीट के तौर पर हम एक ऐसी सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते कि अगर इस खेल के बाद सब कुछ खत्म भी हो जाए, तब भी आपको खेल वैसे ही खेलना चाहिए जैसा आप खेलना चाहते हैं और मुझे लगता है कि जब भी आप खेलने जाएं, तो आपको खुद को यह बात याद दिलानी चाहिए. इससे पॉजिटिव सोच और रिस्क लेने का जज्बा आता है, और ऐसी मानसिकता बनती है जो आपको अपनी टीम के लिए मैच जिताने में मदद करती है.'
विराट कोहली ने कहा, 'युवा खिलाड़ियों को मैं बस यही सलाह दूंगा. मैदान के बाहर की चीजों के बारे में ज्यादा न सोचें. एक बार जब आप मैदान पर उतरते हैं, तो यही सब कुछ होता है, और आप लोगों के लिए भी यही सब कुछ होना चाहिए. बस अपना सब कुछ झोंक दें. जैसा कि मैंने कहा, पूरी लगन से खेलें. अगर 150 के स्कोर पर बैटिंग करते हुए आपको एक ओवर में चार बार दो रन (डबल) लेने पड़ें, तो आपको ऐसा करना ही होगा. कोई बहाना नहीं चलेगा. तो अगर वे इस तरह खेलते हैं, तो सब ठीक रहेगा.'
क्या कम फॉर्मेट में खेलने से विराट कोहली को ज्यादा क्लैरिटी मिलती है और मौका मिलने पर वे ज्यादा शांत महसूस करते हैं? इस पर विराट कोहली ने कहा, 'हां, क्लैरिटी तो मिलती ही है. वर्ल्ड कप में अब एक साल ही बचा है. मुझे पता है कि मेरा लक्ष्य क्या है, और हां, मेरे लिए यह बिल्कुल साफ है कि जो भी मैच मुझे मिलें, उनमें मुझे खेल के अलग-अलग पहलुओं पर काम करते रहना है, खुद को फिट रखना है, खुद को चुनौती देनी है जैसे कि अगर हो सके तो आखिरी 15 ओवरों में एक बाउंड्री से दूसरी बाउंड्री तक दौड़ना, इनर रिंग में फील्डिंग करना और जोश दिखाना.'
विराट कोहली ने कहा, 'अगर मैं ये सब चीजें करता रहता हूं जैसा कि मैंने कहा मेरे पास इस फॉर्मेट में खेलने के लिए अभी कुछ समय बचा है तो मैं बस हर दिन का मजा लेना चाहता हूं. इसलिए जब मुझे मौका मिलता है, तो मैं घबराहट या दबाव महसूस करने के बजाय खुश होता हूं कि मैं इसका पूरा फायदा उठा सकूं. और मैं बस खुलकर खेलना चाहता हूं और अपना गेम खेलना चाहता हूं. जैसा कि मैंने कहा, मैंने खुद से वादा किया है कि मैं पॉजिटिव होकर खेलूंगा क्योंकि मैं ऐसा कर सकता हूं. तो मैं वैसे ही खेलता रहूंगा, लेकिन बिना सोचे-समझे या लापरवाही से नहीं. एक बारीक फर्क होता है. एक प्रोफेशनल और अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर, मुझमें यह काबिलियत होनी चाहिए कि मैं बिना लापरवाही भरे शॉट खेले टीम को जीत दिला सकूं.'
शुभमन गिल के साथ अपनी पार्टनरशिप और बैटिंग के दौरान उनकी अच्छी केमिस्ट्री, साथ ही गिल के कप्तान बनने पर विराट कोहली ने कहा, 'उनके (शुभमन गिल) टीम की कप्तानी करने की एक वजह है. उनका नजरिया सही है जैसा कि मैंने कहा वे खेल को इस तरह देखते हैं कि अलग-अलग स्थितियों से टीम को कैसे जिताया जाए. इसलिए जब आप ऐसे खिलाड़ी के साथ खेलते हैं, तो पार्टनरशिप बनाना मुश्किल नहीं होता, क्योंकि उन्हें पता होता है कि क्या करना है और मुझे भी पता होता है कि क्या करना है. आप अपने अनुभव के आधार पर कभी-कभी बातचीत कर सकते हैं कि किन एरियाज में शॉट खेले जा सकते हैं, लेकिन वे दुनिया के टॉप ODI बल्लेबाज हैं.'
विराट कोहली ने कहा, 'उन्हें (शुभमन गिल) ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं पड़ती. बात बस अच्छी पार्टनरशिप बनाने और यह पक्का करने की है कि हम अपनी टीम की काबिलियत और टैलेंट के साथ न्याय करें. वह शायद दुनिया के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक हैं और जाहिर है कि बहुत टैलेंटेड भी हैं. इसलिए बैटिंग के दौरान उन्हें ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं पड़ती. फील्डिंग में, जब उन्हें मेरी मदद की जरूरत होती है, तो मैं हमेशा मौजूद रहता हूं.'