15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी वेस्टइंडीज के खिलाफ हुए 5 मैचों की T20I सीरीज में मौके का इंतजार करते रह गए, लेकिन एक भी मैच में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला. ऐसा लगा मानो हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पहले से ही मन बना लिया था कि इस शृंखला में वो वैभव को मौका नहीं देंगे. इसका सबूत आखिरी टी20 में मिला, जब 9-9 ओवर के मुकाबले में भी वैभव सूर्यवंशी के लिए प्लेइंग इलेवन का दरवाजा नहीं खोला. बारिश से बाधित मैच में उन्हें मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के तौर पर भी खिलाया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि T20I टीम में शामिल होने के बाद से वैभव सूर्यवंशी बेंच पर ज्यादा बैठे हैं और खेले कम हैं. जी हां, 15 साल के धुरंधर बल्लेबाज ने अभी तक भारत के लिए 8 टी20 मैचों में प्रतिनिधित्व किया है, जबकि 9 मैचों में बेंच गरम करते दिखे हैं. गौतम गंभीर की कोचिंग में तो उन्हें सिर्फ तीन मैचों में खेलने का मौका मिला है. गंभीर की गैरमौजूदगी में जब वीवीएस लक्ष्मण हेड कोच की भूमिका निभा रहे थे, तब वैभव को लगातार खेलने का मौका मिला.
हेड कोच गौतम गंभीर के प्लान में वैभव सूर्यवंशी फिट नहीं बैठ रहे हैं. वो लगातार संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को बतौर ओपनर इस्तेमाल कर रहे हैं और वैभव को नजरअंदाज. उनके अंदर वैभव सिर्फ 3 T20I खेले हैं. इंग्लैंड में डेब्यू करने के बाद उन्हें सीरीज के आखिरी मैच में बाहर कर दिया गया था. उससे पहले आयरलैंड में उन्हें मौका नहीं दिया गया. इन दोनों सीरीज में भारत को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था.
इंग्लैंड सीरीज के बाद भारतीय टीम जिम्बाब्वे दौरे पर गई. गंभीर की अनुपस्थिति में वीवीएस लक्ष्मण मुख्य कोच के रोल में थे. उन्होंने वैभव को मौका दिया और तीन मैचों की शृंखला में 15 साल के ओपनर ने 50.33 की औसत और 196.10 के स्ट्राइक रेट से 150 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल है. वो इस सीरीज में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे. इसके बाद लक्ष्मण की कोचिंग में ही टीम इंडिया ने एशियन गेम्स में भाग लिया और वहां भी वैभव को खेलने का मौका मिला.
सैमसन के रहते हुए भी लक्ष्मण ने वैभव को प्लेइंग इलेवन में फिट करने का रास्ता निकाल लिया था. जापान में हुए एशियन गेम्स 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने दो मुकाबले खेले और 53 रन बनाए. इसके बाद भारतीय टीम अपने घर पर खेलने आई, लेकिन वैभव को भारत में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका नहीं मिला. कुल मिलाकर वैभव पिछले 5 महीने से टीम इंडिया के साथ ट्रैवल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ 8 मैचों में मैदान पर उतारा गया है और 9 मुकाबलों में बेंच पर बैठाया गया है.
22 अक्टूबर से टीम इंडिया न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके घर पर 5 मैचों की T20I सीरीज खेलेगी. वैभव सूर्यवंशी टीम के साथ न्यूजीलैंड जाएंगे तो, लेकिन क्या सिर्फ बेंच गरम करने के लिए? फैंस ये भी सवाल उठा रहे हैं कि 15 साल के खिलाड़ी को यूं नजरअंदाज करने से बेहतर विकल्प ये होता कि उन्हें टीम में नहीं चुनते, ताकि कम से कम वो रणजी ट्रॉफी तो खेल पाते. सवाल उठना लाजमी भी है. लेकिन फैसला तो गंभीर और श्रेयस अय्यर को ही करना है.
अगर टीम मैनेजमेंट संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा से ही ओपनिंग करवाना चाहता है तो वैभव सूर्यवंशी के लिए मिडिल ऑर्डर में रास्ता निकाला जा सकता है. हाल ही में हुए दलीप ट्रॉफी में उन्हें ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते देखा गया था. वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में नमन धीर मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज और पार्ट टाइम स्पिनर के तौर पर खेल रहे थे. क्या ये जिम्मेदारी वैभव को दी जा सकती है?
वैभव ने कुल मिलाकर डोमेस्टिक क्रिकेट में 203 गेंदें डाली हैं. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 4 विकेट है. बतौर गेंदबाज भले ही वैभव नमन के मुकाबले कम असरदार हों, लेकिन इसमें कहीं से दो राय नहीं है की बल्लेबाजी में वो ज्यादा तबाही मचाने का दम रखते हैं. वैभव को फिट करने के लिए अभिषेक का भी बतौर स्पिनर इस्तेमाल किया जा सकता है.