वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल और अंडर-19 क्रिकेट में तबाही मचाकर टीम इंडिया में तो जगह बना ली है, लेकिन घरेलू मैदान पर पहला इंटरनेशनल मुकाबला खेलने के लिए तरस रहे हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी T20I सीरीज में उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. अब तक हुए चारों मैचों में उन्हें बेंच पर बैठाया गया.
हैदराबाद में हुए चौथे मैच से पहले वैभव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया था, जिससे उम्मीद जगी थी कि उन्हें मौका मिल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. 15 साल के युवा धुरंधर ने लिखा था- बैठे रहना (कुर्सी मत छोड़ना). फैंस को लगा कि वैभव वेस्टइंडीज के खिलाफ तबाही मचाने के लिए तैयार हैं और उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने वाली है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
बेंगलुरु में होने वाले आखिरी टी20 मैच से पहले देर रात वैभव सूर्यवंशी ने इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीर के साथ एक स्टोरी शेयर की. 15 साल के युवा सनसनी ने लिखा- 'Still Believing' यानी अभी भी विश्वास है. उनके इस पोस्ट को पड़कर फैंस थोड़े टेंशन में हैं. क्या लगातार नजरअंदाज होने की वजह से वैभव टूट गए हैं? उनका आत्मविश्वास कम हो रहा है?

गौतम गंभीर की कोचिंग में वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक सिर्फ 2 T20I खेले हैं, जबकि वीवीएस लक्ष्मण की कोचिंग में उन्हें लगातार मौके मिल रहे थे. हाल ही में हुए एशियन गेम्स 2026 में भी उन्हें खेलन का मौका मिला था, जहां भारत ने श्रीलंका को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया. इससे पहले जिम्बाब्वे दौरे पर भी लक्ष्मण ही हेड कोच की जिम्मेदारी निभा रहे थे. वहां भी 3 मैचों में वैभव को मौका मिला और उन्होंने इसे दोनों हाथों से लपका. वो उस सीरीज में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया था.
वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक भारत के लिए 8 T20I मुकाबले खेले हैं. 186.37 के धांसू स्ट्राइक रेट से 15 साल के युवा बल्लेबाज ने 246 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल है. उनका चयन न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए भी किया गया है, लेकिन सवाल वही है कि वो बेंच से मुकाबला देखेंगे या मैदान पर उतरकर गेंदबाजों को तहस-नहस करेंगे?