अजीत अगरकर की विदाई तय? नए चीफ सेलेक्टर को सुनील गावस्कर ने पहले ही दे दी बड़ी वॉर्निंग
अजीत अगरकर के चीफ सेलेक्टर पद से हटने की चर्चा के बीच BCCI नए चयन समिति अध्यक्ष की तलाश में जुट गया है. सुनील गावस्कर ने नए चीफ सेलेक्टर को टीम सेलेक्शन की चुनौतियों और खिलाड़ियों को नाराज करने के जोखिम को लेकर चेतावनी दी है.
अजीत अगरकर के चीफ सेलेक्टर पद से हटने की चर्चा के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उनके उत्तराधिकारी की तलाश की प्रक्रिया शुरू कर दी है. कई नाम इस रेस में सामने आ रहे हैं, लेकिन इससे पहले कि नया चेयरमैन जिम्मेदारी संभाले, भारत के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इस हाई-प्रोफाइल पद की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर खास चेतावनी दी है. अगले महीने जिम्मेदारी संभालने वाले नए चीफ सेलेक्टर के सामने सबसे पहली बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम चुनना होगी. इस दौरे पर भारतीय टीम को पांच T20I, तीन ODI और दो टेस्ट मैच खेलने हैं. ऐसे में खिलाड़ियों के सेलेक्शन को लेकर नए चीफ सेलेक्टर पर काफी दबाव रहने की उम्मीद है.
1983 वर्ल्ड कप विजेता क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि चीफ सेलेक्टर का पद जितना प्रतिष्ठित दिखाई देता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है. टीम चुनते समय चयनकर्ताओं को कई योग्य खिलाड़ियों में से कुछ को बाहर रखना पड़ता है. भारतीय क्रिकेट में टीम में जगह के लिए कड़ा कॉम्पिटीशन होने के कारण कई बार सही फैसला लेने के बावजूद कुछ खिलाड़ी और उनके फैंस सेलेक्शन से निराश हो सकते हैं. सुनील गावस्कर के मुताबिक टीम सेलेक्शन की प्रक्रिया में चीफ सेलेक्टर को कई बार ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं, जिनसे खिलाड़ियों के साथ उनके रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं.
नए चीफ सेलेक्टर को गावस्कर ने पहले ही दे दी बड़ी वॉर्निंग
सुनील गावस्कर ने यह भी कहा कि कभी-कभी दूसरे सेलेक्टर्स भी कुछ ऐसे फैसलों में रोल निभाते हैं, जिन्हें लेकर विवाद पैदा होता है, लेकिन आखिर में आलोचना का सबसे बड़ा हिस्सा चीफ सेलेक्टर को ही झेलना पड़ता है. सुनील गावस्कर ने 'मिड-डे' के लिए अपने कॉलम में लिखा, 'नेशनल सेलेक्शन कमेटी का चेयरमैन बनने का सम्मान तो है ही, लेकिन इसके साथ ही आलोचना का निशाना बनने का खतरा भी रहता है. अंपायरिंग, विकेटकीपिंग और अब कमेंट्री की तरह ही, इसमें भी किए गए 9 अच्छे कामों को भुला दिया जाएगा और उस एक गलती को 100 गुना बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाएगा और उस पर बार-बार चर्चा की जाएगी.'
अजीत अगरकर के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल खेला और 2024 व 2026 में टी20 वर्ल्ड कप जीता. इसके अलावा टीम इंडिया ने 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी भी अपने नाम की. सुनील गावस्कर ने आगे कहा, 'ज्यादातर लोगों को इस बात का पता नहीं होता कि चीफ सेलेक्टर पर दूसरे सेलेक्टर कई फैसले थोप सकते हैं, लेकिन चूंकि मीडिया के सामने उन्हें ही आना पड़ता है, इसलिए सारा दोष चीफ सेलेक्टर पर मढ़ दिया जाता है. तो, गड़बड़ करने वाले भले ही दूसरे सेलेक्टर हों, लेकिन आलोचना का शिकार चीफ सेलेक्टर ही बनता है.' अजीत अगरकर ने साल 2023 में भारतीय सेलेक्शन कमेटी के चेयरमैन का पद संभाला था.
BCCI कब करेगा नए चीफ सेलेक्टर का ऐलान?
BCCI की ओर से अगले महीने अजीत अगरकर के उत्तराधिकारी के नाम का आधिकारिक ऐलान किए जाने की उम्मीद है. अब नजर इस बात पर है कि सेलेक्शन कमेटी की कमान किसके हाथों में जाती है और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ अहम सीरीज के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन किस तरह करता है. गावस्कर ने आगे कहा, 'अगला चीफ सेलेक्टर चाहे कोई भी बने, जब उसका कार्यकाल खत्म होगा तो उसे पता चलेगा कि उसके नाम के साथ अच्छाइयों से ज्यादा बुराइयां जुड़ी हैं, भले ही लोगों की यह सोच गलत ही क्यों न हो.'