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न्यूजीलैंड के खिलाफ शनिवार को वेलिंगटन में खेले गए दूसरे वनडे इंटरनेशनल मैच में भारतीय टीम मैनेजमेंट ने केएल राहुल से पहले ऑलराउंडर अक्षर पटेल को बल्लेबाजी के लिए मैदान पर भेज दिया. फिर भी अक्षर पटेल इस मौके का फायदा नहीं उठा पाए और सस्ते में आउट हो गए, लेकिन इस रणनीतिक फैसले पर अब पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर खुलकर सामने आए हैं.
सुनील गावस्कर ने इस फैसले के पीछे की असली वजह और क्रिकेटिंग सोच को समझाया है. न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे इंटरनेशनल मैच के दौरान भारत के सामने जीत के लिए 135 रनों का एक छोटा और आसान लक्ष्य था. फिर भी वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम की पिच पर न्यूजीलैंड टीम की अनुशासित तेज गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा गई.
पारी की शुरुआत में ही टीम इंडिया ने शुभमन गिल, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के विकेट बहुत जल्दी गंवा दिए. देखते ही देखते मेहमान टीम का स्कोर महज 39 रनों पर 3 विकेट हो गया और पूरी टीम भारी दबाव में नजर आने लगी. भारत के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे इंटरनेशनल मैच में केएल राहुल से पहले अक्षर पटेल को बल्लेबाजी के लिए भेजने के टीम मैनेजमेंट के फैसले का समर्थन किया है.
सुनील गावस्कर ने इस कदम के पीछे की रणनीतिक सोच को समझाया, भले ही यह ऑलराउंडर बल्ले से कुछ खास नहीं कर सका. हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल के इस फैसले की कुछ फैंस और विशेषज्ञों ने आलोचना की. हालांकि, सुनील गावस्कर का मानना है कि इस कदम के पीछे एक ठोस तर्क था, खासकर एक बाएं हाथ के बल्लेबाज को उतारकर विपक्षी टीम की गेंदबाजी योजनाओं को बिगाड़ने का फायदा.
मैच के बाद सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने समझाया, 'अगर कोई बाएं हाथ का बल्लेबाज आता है, तो गेंदबाजों को थोड़ी दिक्कत होती है, क्योंकि उन्हें दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए तय की गई लाइन और लेंथ में बदलाव करना पड़ता है. ऐसा करने की कोशिश में, दाएं हाथ के बल्लेबाज के खिलाफ भी उनकी लाइन थोड़ी बदल सकती है, जिससे रन बनने के मौके बढ़ जाते हैं.'
सुनील गावस्कर के मुताबिक इस तरह के रणनीतिक फैसलों को केवल उनके नतीजों के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए, क्योंकि अलग-अलग मौकों पर इनके परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं. उन्होंने आगे कहा, 'इस सोच में कुछ भी गलत नहीं था. अगर अक्षर रन बना लेते, तो आप कहते कि कप्तानी कितनी शानदार थी. ऐसे फैसले कभी काम कर जाते हैं तो कभी नहीं, और इस बार यह काम नहीं कर पाया. आपको यह भी पता था कि उनके बाद राहुल जैसा भरोसेमंद खिलाड़ी मौजूद है. इसीलिए कभी-कभी ऐसे प्रयोग किए जाते हैं.'
भारत के लिए अक्षर पटेल को बल्लेबाजी ऑर्डर में ऊपर भेजना कोई नई बात नहीं थी. इस बाएं हाथ के बल्लेबाज पर पहले भी अहम मैचों में ऊपर बल्लेबाजी करने का भरोसा जताया जा चुका है. खासकर 2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में, जहां उन्होंने विराट कोहली के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई थी. इसके अलावा, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की खिताबी जीत के दौरान भी, वे राहुल से पहले नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने उतरे थे. हालांकि, वेलिंगटन में भारत के लक्ष्य का पीछा करने की जिम्मेदारी अंततः राहुल ने संभाली. अक्षर पटेल के आउट होने के बाद क्रीज पर आए केएल राहुल ने श्रेयस अय्यर (30 रन बनाए) के साथ मिलकर पारी को संभाला.