अफ्रीकी शेर के आगे कंगारू ढेर: कौन हैं 37 साल के साइमन हार्मर? अकेले 10 विकेट लेकर रचा इतिहास, 74 साल बाद हुआ ऐसा
केपटाउन में ऑस्ट्रेलिया को 176 रनों से रौंदकर साउथ अफ्रीका ने 2-1 से सीरीज पर कब्जा किया. इसके साथ ही टेम्बा बावुमा की टीम टेस्ट रैंकिंग के शिखर पर पहुंच गई है. इस मैच में 37 साल के स्पिनर साइमन हार्मर ने 10 विकेट लेकर इतिहास रचा.
टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत खत्म हो गई है. केपटाउन में खेले गए तीसरे मैच को 176 रनों से जीतकर साउथ अफ्रीका की टीम टेस्ट रैंकिंग के शिखर पर पहुंच गई है. 3 मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला हारने के बाद टेम्बा बावुमा की टीम ने जबरदस्त पलटवार किया और अगले दोनों मैचों में कंगारुओं को रौंदकर 2-1 से सीरीज पर कब्जा किया. मार्च 2023 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलियाई टीम को टेस्ट सीरीज में पटखनी मिली है. केपटाउन में साउथ अफ्रीका के 37 वर्षीय शेर ने अकेले 10 कंगारुओं का शिकार कर इतिहास रच दिया.
जी हां, हम बात कर रहे हैं अनुभवी मगर अनजान स्पिनर साइमन हार्मर की, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में 10 विकेट झटके. 37 वर्षीय स्पिनर ने पहली पारी में 4 और दूसरी इनिंग में 6 विकेट चटकाए और इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया.
साइमन हार्मर ने रचा इतिहास
पिछले 74 सालों के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी साउथ अफ्रीकी स्पिनर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में 10 विकेट चटकाए हैं. हार्मर ये कारनामा करने वाले तीसरे दक्षिण अफ्रीकी स्पिनर बने हैं. उनसे पहले ह्यू टेफील्ड ने 1952 में मेलबर्न में खेले गए टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में 13 विकेट झटके थे. वहीं, पहली बार ये कारनामा चार्ली लेवेलिन ने किया था, जब उन्होंने जोहानसबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए टेस्ट में 10 विकेट चटकाए थे. वहीं, साइमन हार्मर केपटाउन में टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने वाले पहले साउथ अफ्रीकी स्पिनर बन गए हैं.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 10 विकेट लेने वाले दक्षिण अफ्रीकी स्पिनर
10/116 - चार्ली लेवेलिन, जोहानसबर्ग, 1902
13/165 - ह्यू टेफील्ड, मेलबर्न, 1952
10/120 - साइमन हार्मर, केप टाउन, 2026
ऑस्ट्रेलिया को हराकर नंबर-1 टेस्ट टीम बनी साउथ अफ्रीका
टेम्बा बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंगारुओं को 3 मैचों की सीरीज में 2-1 से धोकर प्रोटियाज टेस्ट की नंबर-1 टीम बन गई है. बतौर कप्तान बावुमा का सफर अद्भुत रहा है. उनके नेतृत्व में इस टीम ने 15 टेस्ट खेले हैं, जिसमें से 13 मैचों में जीत मिली है और सिर्फ एक में हार का सामना करना पड़ा है. एक मुकाबला ड्रॉ रहा था.
इस सीरीज से पहले तक टेम्बा बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने कभी हार का स्वाद नहीं चखा था. पहला टेस्ट जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने इस विजयरथ को तो रोका, लेकिन इसके बाद दोनों मैचों में बावुमा की सेना ने ऐसा पलटवार किया, जिसका जवाब कंगारुओं के पास नहीं था. इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि टेस्ट क्रिकेट के 149 सालों के इतिहास में ऐसा सिर्फ चौथी बार हुआ है, जब ऑस्ट्रेलिया को 3 मैचों की सीरीज में पहला मैच जीतने के बावजूद सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है.
केपटाउन टेस्ट का लेखा-जोखा
केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेले गए तीसरे टेस्ट की बात करें तो साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 329 रन बनाए थे. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 429 रन बनाए और 100 रनों की बढ़त भी हासिल की. मैच में पिछड़ने के बाद प्रोटियाज ने पलटवार किया और दूसरी इनिंग में 387 रन बना दिए. रयान रिकेल्टन और वियान मुल्डर ने शानदार शतक जड़ा. ऑस्ट्रेलिया के सामने 288 रनों का लक्ष्य था. टेस्ट मैच के आखिरी दिन कंगारू टीम महज 111 रनों पर ढेर हो गई. दूसरी पारी में साइमन हार्मर के अलावा स्टार पेसर रबाडा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट चटकाए. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दोनों ओपनर ट्रेविस हेड और मैट रेनशॉ का शिकार किया.