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Explainer: 40 साल में पहली बार, 1 से भी नीचे जीत-हार का अनुपात, इतना कैसे गिरा पाकिस्तान क्रिकेट का ग्राफ?

एक समय दुनिया की खतरनाक टीमों में गिनी जाने वाली पाकिस्तान की टीम आज किसी अंडरडॉग टीम की तरह हो गई है. कभी कप्तान बदलते हैं तो कभी कोच, लेकिन पाकिस्तान की हार का ग्राफ उठने का नाम नहीं ले रहा है. हम आपको समझाते हैं कि कैसे पाकिस्तान क्रिकेट अर्श से फर्श पर आ चुका है.

Explainer: 40 साल में पहली बार, 1 से भी नीचे जीत-हार का अनुपात, इतना कैसे गिरा पाकिस्तान क्रिकेट का ग्राफ?

पाकिस्तान क्रिकेट टीम की हार के चर्चे अब दुनियाभर में हैं. मॉडर्न क्रिकेट में पाकिस्तान किसी अंडरडॉग टीम जैसी है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) में उथल-पुथल देखने को मिलती है, लेकिन पाकिस्तान टीम की हार का ग्राफ उठने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की टीम को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा. इस हार के बाद पाकिस्तान टीम की जीत-हार का अनुपात 1 से भी नीचे पहुंच चुका है. ऐसा 40 साल में पहली बार हुआ. आइए आंकड़ों से समझते हैं कि फिलहाल पाकिस्तान वर्ल्ड क्रिकेट में कहां खड़ा है.

इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट की हार पाकिस्तान पर दाग डाल गई. ये टीम की 154वीं टेस्ट हार थी, जो जीते हुए मुकाबलों से भी ज्यादा है. अब टीम की जीत-हार का अनुपात गिरकर 0.993 हो गया है. पिछली बार यह अनुपात 1.00 से नीचे 1987-88 में गया था. लेकिन इसके बाद टीम पटरी पर लौट आई थी, लेकिन अब पाकिस्तान क्रिकेट का वजूद वर्ल्ड में खत्म होता नजर आ रहा है.

जब खूंखार टीमों में थी पाकिस्तान की गिनती

1980 और 1990 के दशक में पाकिस्तान की तूती वर्ल्ड क्रिकेट में बोलती थी. उस दौर में पाकिस्तान दुनिया की खूंखार टीमों में से एक थी. उन दो दशकों में, उनका जीत-हार का अनुपात 1.617 (55 जीत, 34 हार) था. कम-से-कम 75 टेस्ट खेलने वाली टीमों में पाकिस्तान बेस्ट अनुपात के साथ दूसरे स्थान पर थी. पहले नंबर पर वेस्टइंडीज का कब्जा था, जो जिसका जीत-हार का अनुपात 2.027 था. लेकिन अब पाकिस्तान की बत्ती गुल नजर आती है.

टीमजीत/हार अनुपात (W/L ratio)मैचजीतेहारे
ऑस्ट्रेलिया1.809884427236
इंग्लैंड1.2111,099407336
दक्षिण अफ्रीका1.179479191162
भारत0.994601187188
पाकिस्तान0.993473153154
वेस्टइंडीज0.834596187224
श्रीलंका0.829331107129
न्यूजीलैंड0.663487126190
बांग्लादेश0.24516128114
जिम्बाब्वे0.1901301684

कैसे गिरा पाकिस्तान क्रिकेट का ग्राफ?

अब सवाल है, कि पाकिस्तान क्रिकेट का ग्राफ कैसे और कब से गिरा. 2020 से ही टीम की स्थिति खराब होना शुरू हो गई थी, लेकिन 2022 के बाद पाकिस्तान टीम अर्श से फर्श पर आती दिखी. 2020 के दशक में उनके जीत-हार के आंकड़े 16 जीत और 24 हार थी जबकि  2022 की शुरुआत से ये आंकड़ा 8-20 का रहा. कम से कम 20 टेस्ट खेलने वाली टीमों से तुलना करें तो पाकिस्तान का आंकड़ा सबसे खराब है.

2016 से बर्बाद हुआ PAK

जुलाई 2006 तक पाकिस्तान की स्थिति ठीक थी. उनका जीत-हार का अंतर उनके टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा था. इसमें पाकिस्तान ने 321 मैचों में 100 जीत और 82 हार शामिल थीं. इसके बाद 2015 तक पाकिस्तान सम्मानजनक स्थिति में था, लेकिन इसके अगले साल से टीम का ग्राफ तेजी से गिरा. 27 जीत और 43 हार के साथ पाकिस्तान रेड जोन में आ गया. यूनिस खान और मिसबाह-उल-हक जैसे दिग्गज अपने आखिरी दौर में थे. 2017 में दोनों के रिटायरमेंट के बाद पाकिस्तान टीम तहस-नहस हो गया.

पाकिस्तान की बल्लेबाजी पर सवाल

2021 तक भले विदेशी पिचों पर पाकिस्तान टीम फुस्स थी, लेकिन घर में शेर थी. टीम ने कुछ बड़ी सीरीज एकतरफा अंदाज में जीतीं. लेकिन 2022 से घर में भी पाकिस्तान के शेर ढेर हो गए थे. घर में उनके आंकड़े 4 जीत और 9 हार के थे. टीम की बैटिंग यूनिट सवालों के घेरे में है, क्योंकि 2022 की शुरुआत से अब तक खेले गए 32 टेस्ट मैचों में, पाकिस्तान 29 बार 250 रन से कम के स्कोर पर ऑल आउट हुआ है. 17 बार स्कोर 200 से कम था.

                    जनवरी 2022 से टेस्ट टीमों का बैटिंग औसत (कम से कम 20 टेस्ट)

टीममैच (Mat)औसत (Ave)शतक (100s)प्रति टेस्ट शतक (100s/Test)
न्यूजीलैंड (NZ)3632.81421.17
इंग्लैंड (ENG)5632.04621.11
भारत (IND)4331.92491.14
श्रीलंका (SL)3231.46351.09
ऑस्ट्रेलिया (AUS)4731.42420.89
पाकिस्तान (PAK)3228.24290.91
दक्षिण अफ्रीका (SA)3328.00250.76
बांग्लादेश (BAN)3525.67280.80
वेस्टइंडीज (WI)3623.20190.53

टीम की पेस बैटरी की बत्ती गुल

बात करें गेंदबाजी की तो टीम का पेस अटैक एक दौर में टीम की ताकत था, लेकिन अब वही कमजोरी बन गई है. पाकिस्तान के कुछ गेंदबाजों को याद करें तो फजल महमूद से लेकर इमरान खान, वसीम-वकार की जोड़ी, शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ, अब्दुल कादिर, सकलैन मुश्ताक और सईद अजमल जैसे गेंदबाजों ने पाकिस्तान की आक्रामक गेंदबाजी का खौफ दुनियाभर में भरा था. लेकिन अब पाकिस्तान की बॉलिंग टीम की सबसे बड़ी कमजोरी है. 2022 के बाद से खेले गए पिछले 32 टेस्ट मैचों में 34 के बॉलिंग औसत से ये वीकनेस साफ झलकती है. पाकिस्तान टीम में कई गेंदबाज अपनी जगह बनाने के लिए जद्दोजहद करते रहे. यासिर शाह ऐसे आखिरी पाकिस्तानी पेसर थे, जिन्होंने 150 टेस्ट विकेट लिए. 2017 में उन्होंने ये उपलब्धि हासिल की थी, इसके बाद कोई भी गेंदबाज अभी तक 130 टेस्ट विकेटों तक नहीं पहुंचा है. मोहम्मद अब्बास 128 विकेट पर हैं, जबकि शाहीन शाह अफ़रीदी 126 और नोमान अली 101 विकेटों पर हैं.

                             जनवरी 2022 से टेस्ट में टीमों के तेज गेंदबाजों के आंकडे़

टीम (Team)मैच (Mat)विकेट (Wkts)औसत (Ave)स्ट्राइक रेट (SR)
दक्षिण अफ्रीका (South Africa)3336823.7842.3
ऑस्ट्रेलिया (Australia)4755723.9143.4
न्यूजीलैंड (New Zealand)3646027.4549.4
इंग्लैंड (England)5672627.5149.8
भारत (India)4337627.8347.4
वेस्टइंडीज (West Indies)3642329.7250.2
श्रीलंका (Sri Lanka)3222530.6751.8
बांग्लादेश (Bangladesh)3522434.7357.4
पाकिस्तान (Pakistan)3223935.5359.3

बार-बार बदलाव कर रहा बर्बाद

पाकिस्तान टीम में हर बार बदलाव टीम की बर्बादी की वजह हो सकती है. 2022 की शुरुआत से पाकिस्तान ने 32 टेस्ट में 38 खिलाड़ियों को मौका दिया है. अगर पहले मैच के 11 खिलाड़ियों को छोड़ दें, तो इसका मतलब है कि बाकी 31 टेस्ट मैचों के लिए उन्होंने 27 और खिलाड़ियों का इस्तेमाल किया. दिसंबर 2022 में अजहर अली के रिटायरमेंट के बाद से, उन्होंने अपनी प्लेइंग XI में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं उतारा है जिसके नाम 5000 से ज्यादा रन या 150 से ज्यादा विकेट हों. पिछले 20 टेस्ट में टीम को 15 में हार मिली है.
 

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About the Author

Kavya Yadav

Kavya Yadav

4 साल से खेल पत्रकारिता में सक्रिय. 2022 में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर डेब्यू किया. क्रिकट्रैकर, न्यूज18 से होते हुए अब जी न्यूज हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर स्पोर्ट्स टीम का हिस्सा हैं. खेल जगत की हर हलचल, हर खास कहानी और हर ब्रेकिंग न्यूज पर पकड़. IPL, ODI World Cup, T20 World Cup, Olympics समेत कई बड़े इवेंट्स कवर किए हैं.
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